Kannauj: पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश ढेर तो वहीं दूसरा जख्मी, गोलीबारी में दो सिपाही भी घायल

यूपी में अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज सुबह कन्नौज पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ की खबर सामने आ रही है। दरअसल, पुलिस ने मुठभेड़ में बीते हफ्ते लूट करके फरार हुए बदमाशों को घेर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी। इसमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा जख्मी हो गया। इस दौरान दो सिपाही भी घायल हुए हैं।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, आज सुबह कन्नौज जिले के मलिकपुर कस्बा में पुलिस की लुटेरों से मुठभेड़ हुई। पुलिस टीम को देखकर लुटेरों ने फायरिंग शुरू कर दी। ये मुठभेड़ उन बदमाशों के साथ हुई जिन्होंने बीते शुक्रवार को सर्राफा कारोबारी को कंधे में गोली मारकर 20 लाख के जेवर और नकदी से भरा झोला लूट लिया था। उपचार के दौरान अय्याज की इसी दिन रीजेंसी कानपुर में मौत हो गई थी। इन्हीं बदमाशों को पकड़ने में पुलिस लगी थी।

दो सिपाही भी घायल

जब पुलिस को खबर लगी तो पुलिस ने लुटेरों की घेराबंदी कर दी। इस दौरान पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में गोली लगने से समधन गुरसहायगंज निवासी लुटेरे इजहार पुत्र जुम्मन की मौके पर मौत हो गई। वहीं समधन निवासी लुटेरा तालिब पुत्र पप्पू गोली लगने से घायल हो गया। लुटेरों की ओर से कई फायरिंग में सिपाही अमर सिंह और विनय सिंह भी घायल हुए है। पुलिस ने लुटेरों के कब्जे से लूट में प्रयुक्त हुई अपाचे बाइक और करीब 20 लाख का जेवर बरामद किया है।

UP Police Recruitment: ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के लिए जमकर हो रही वसूली, जारी हुए कार्रवाई के आदेश

यूपी में लगातार सामने आ रहे अवैध वसूली के मामलों पर रोक लगाने के लिए अब योगी सरकार ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। दरअसल, आजकल यूपी पुलिस में भर्ती चल रही है, ऐसे में युवा भारी तादाद में ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसी दौरान अवैध वसूली के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अंतर्गत ये आदेश जारी हुआ है कि इन शिकायतों की सुनवाई के लिए हर तहसील में नोडल अफसर तैनात किए जाएंगे। इस बाबत अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग ने सभी डीएम को निर्देश जारी कर दिए हैं।

इसलिए जारी हुआ आदेश

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश विभाग में आजकल पुलिस भर्ती चल रही है। इस भर्ती में ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र काफी जरूरी होता है, जोकि तहसील से बनवाया जाता है। ऐसे में ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तहसीलों में भीड़ जुट रही है। इसी बीच यह शिकायतें आ रही थीं कि प्रमाणपत्र बनाने के लिए गिरोह सक्रिय हो गया है। दलालों के जरिए प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। इसके एवज में खूब अवैध वसूली भी हो रही है।

सख्ती से करें कार्रवाई

इन शिकायतों को संज्ञान में लेकर ही अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग ने सभी डीएम को सख्त आदेश जारी किए हैं। सुधीर गर्ग ने निर्देश दिए हैं कि तहसीलों में लेखपालों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उनके फोन नंबर भी चस्पा किए जाएं। अभ्यर्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो। साथ ही प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही मुश्किलों को देखते हुए हर तहसील में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। अगर कहीं अवैध वसूली पाई जाती है, तो सख्ती से इसका निपटारा करते हुए मामले में सख्त कार्रवाई करें।

जल्द शुरू होगा माघ मेला, प्रयागराज पुलिस ने पूरी की सुरक्षा व्यवस्था संभालने की तैयारी

कुछ ही दिनों में प्रयागराज जिले में आयोजित होने वाले माघ मेले की शुरुआत होने वाली है। इस मेले में शरीक होने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा इंतजाम करना पड़ता है। इसी के चलते प्रयागराज पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी तैयारी कर ली है। इसके अंतर्गत मेले में सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किये जा रहे है। अत्याधुनिक और ड्रोन कैमरे से पूरे मेले में सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही चप्पे चप्पे पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।

कुंभ मेले की तर्ज पर होगा आरंभ

जानकारी के मुताबिक, इस साल योगी सरकार ने पहले ही ये एलान कर दिया था कि माघ मेले का शुभारंभ कुंभ मेले के तर्ज पर ही किया जायेगा। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर हनुमान मंदिर से लेकर पांटून पुलों के एंट्री व एक्जिट प्वाइंट पर भी डीएफएमडी लगवाए जाएंगे। मेले में आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए भी तैयारी की गयी है। मेला क्षेत्र में तैनात बहुत से पुलिसकर्मियों को हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर दिया जाएगा। ताकि वो आसानी से जांच कर सकें।

किए जा रहे पुख्ता इंतजाम

मामले की जानकारी देते हुए जिले के अफसरों ने बताया कि माघ मेले के लिए सुरक्षा के संबंध में इंतजाम किए जा रहे हैं। इसमें आधुनिक तकनीक के साथ उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्य पर्वों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी की जायेगी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्दनेजर जमीन से आसमान तक निगरानी करने की तैयारी है। हर जगह ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी, ताकि माघ मेले की सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।

इसके साथ ही स्नानार्थियों की सुरक्षा को 800 जवानों की तैनाती जल पुलिस के नेतृत्व में इस बार माघ मेले में स्नानार्थियों की सुरक्षा को 800 जवानों ने मेले में मोर्चा संभाल लिया है और नदी में होने वाले हादसों को रोकने के लिए मुस्तैद हो गए हैं।

Ayodhya: कारसेवकों पर गोली ना चलाने की वजह से सस्पेंड हुए थे तत्कालीन SSP, अब परिवार को मिला प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण

22 जनवरी के दिन के लिए हर कोई काफी उत्साहित है. दरअसल, इस दिन सालों के इंतजार के बाद अयोध्या के विशाल मंदिर में रामलला को विराजमान किया जाएगा। वैसे तो हर हिंदू व्यक्ति इस दिन को लेकर काफी खुश है, लेकिन सबसे ज्यादा खुशी उन लोगों के घरों में दिखाई दे रही है, जो लोग 1992 में अयोध्या में मौजूद थे। इसी क्रम में आज तत्कालीन अयोध्या एसएसपी का परिवार काफी खुश है। दरअसल, भले ही तत्कालीन अयोध्या एसएसपी और जिले से सांसद रहे दिवगंत पूर्व एसएसपी डीबी रॉय इस वक्त दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके पुत्र पुनीत राय को प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण पहुंचा है। जिस वजह से उनके घर में खुशी का माहौल है।

हुए थे सस्पेंड

जानकारी के मुताबिक, तत्कालीन अयोध्या एसएसपी रहे डीबी राय के पुत्र पुनीत राय ने बताया कि भगवान श्रीराम के प्रति जो आस्था पिताजी की थी, उतनी ही आस्था आज हम लोगों के दिल में हैं। सन 1992 की अयोध्या कारसेवा में पिताजी ने निहत्थे कारसेवकों पर गोली नहीं चलवाई थी, जिसके कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। सस्पेंशन के बाद कोर्ट में सीबीआई चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। ऐसे में 6 महीने बाद वो बहाल हो गए।

तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को इस्तीफा सौंपा, उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया। अंत में उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी तब जाकर 1996 में इस्तीफा मंजूर हुआ लेकिन वेतन एवं पेंशन रोक दिया गया था। इसके बाद भी वो कभी झुके नहीं और उन्होंने अंत तक यही कहा कि मुझे इस बात का जरा सा भी दुख नहीं है कि कारसेवकों पर गोली नहीं चलाने की वजह से मुझे सस्पेंड किया गया।

खुश है परिवार

ऐसे में अब जब डीबी राय के परिवार को मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण पहुंचा है तो वो काफी खुश हैं, क्योंकि अभी तक जिले में किसी भी व्यक्ति को प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं मिला है। ऐसे में वो इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

UP Police में फिर चली तबादला एक्सप्रेस, IPS जे रवींद्र गौड़ को मिली आगरा की कमान

उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में लगातार तबादलों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में आज…

Muzaffarnagar: पदभार संभालते ही दिखे SSP के सख्त तेवर, थानेदारों को दी चेतावनी

हाल ही में नए साल की शुरुआत में ही कई आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। इस लिस्ट में आईपीएस अभिषेक सिंह को मुजफ्फरनगर की कमान सौंपी गई। ऐसे में पदभार संभालते ही एसएसपी सख्त तेवर में दिखे। उन्होंने पदभार संभालते ही माफिया पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने के आदेश भी थानेदारों को दिए हैं।मुजफ्फरनगर एसएसपी ने सभी थानेदारों को दस साल का आपराधिक आंकड़ा लेकर बुलाया गया था। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर ये आदेश जारी किए कि अगर कोई थाने का हिस्ट्रीशीटर या टॉप टेन में शामिल बदमाश अपराध करता है तो संबंधित थानेदार को लाइन भेज दिया जाएगा और विभागीय जांच अलग से कराई जाएगी।

एसएसपी ने गिनाईं प्राथमिकताएं

जानकारी के मुताबिक, कार्यभार संभालते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह सबसे पहले सभी थानेदारों और सीओ से परिचय प्राप्त करने के बाद एसएसपी अभिषेक सिंह ने थानेदारों और अधिकारियों को अपनी प्राथमिकताओं का बारे में बताया।

इसके बाद उन्होंने शराब, खनन, पशु, वन, भूमाफिया आदि माफियाओं के बारे मे जानकारी कर इस प्रकार के अपराधो मे संलिप्त अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत की गई कार्यवाही तथा उनके विरुद्ध पंजीकृत किये गए गैंगस्टर अधि0 के अभियोगों में वांछित अभियुक्तों की स्थिति की समीक्षा की।

गलती पर होगी विभागीय जांच

आगे उन्होंने निर्देश दिए कि अगर उनके थानाक्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर या फिर टाप टेन की सूची में शामिल बदमाश अपराध करता है तो संबंधित थानेदार से लेकर बीट सिपाही और हल्का इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया जाएगा और विभागीय जांच अलग से कराई जाएगी।

Lucknow: विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, वर्दी फाड़ने के बाद सिपाही को जमकर पीटा

जो पुलिस लोगों की सुरक्षा में सदैव तत्पर रहती है, आज के समय में उन्हीं पर कई जगहें हमलों की खबरें सामने आती रहती हैं। ताजा मामला लखनऊ जिले का है, जहां मकान मालिक और किरायदारों के बीच हुए झगड़े को सुलझाने के लिए पहुंची पुलिस पर ही लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ दी और सिपाही को मजकर पीटा। खबर मिलते ही अतिरिक्त पुलिस फोर्स वहां पहुंची, तब जाकर मामले को शांत कराते हुए आरोपी को पकड़ लिया गया। अभी कई आरोपी फरार है।

ये था मामला

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ में शिवम, विजय ने देवपुर पारा निवासी राजकुमार के मकान में दुकान किराए पर ली थी। इस दुकान का तीन साल का एग्रीमेंट था। यह अक्तूबर 2024 में पूरा होना है। इसके बाद भी राजकुमार के लड़के करन दुकान खाली करने का दबाव बना रहे थे। इसी बीच पीड़ितों ने कोर्ट की भी मदद लेने की कोशिश की। इसी मामले में कुछ दिन पहले मलिहाबाद निवासी मोबाइल कारीगर शिवम गौतम, पारा निवासी डेयरी संचालक विजय सिंह ने आईजीआरएस में शिकायत की थी। इस शिकायत में कहा गया था कि देवपुर पारा निवासी राजकुमार रावत का बेटा करण उनकी दुकान को जबरन खाली करा रहा है।

पुलिसकर्मियों की हुई पिटाई

इसी शिकायत की वजह से पुलिस टीम विवादस्थल पर पहुंची। इस दौरान वहां शिवम, विजय संग करन, परिवार वाले झगड़ा कर रहे थे। उन्हें दरोगा और सिपाही ने रोकने का प्रयास किया तो करन रावत ने दरोगा पर हमला कर दिया। भाई अर्जुन ने झपटकर दरोगा राज की वर्दी फाड़ दी। सिपाही मोहित ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया। इसके साथ ही करन की बहन कंचन, बहनोई अनिल ने सिपाही से मारपीट की। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपी वहां से फरार हो गए। ऐसे में बाकियों की तलाश जारी है।

UP POLICE में शुरू हुई SI और ASI पदों के लिए भर्ती, इस तरह करें आवेदन

नए साल के साथ ही यूपी पुलिस में एसआई और एएसआई की भर्ती के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। रविवार को इस भर्ती का नोटिफिकेशन भी जारी हो गया। जो भी युवा इस भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं वो उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 28 जनवरी 2024 है।

मांगी गई ये योग्यता

जानकारी के मतुबाकि, नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि जो भी व्यक्ति पुलिस उप निरीक्षक (गोपनीय) और पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लिपिक ) के लिए आवेदन करना चाहता है, उसके पास किसी भी स्ट्रीम स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। वहीं पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लेखा) पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का काॅर्मस से ग्रेजुएट होना अनिवार्य है। इन पदों के लिए टाइपिंग की स्पीड भी पहले से निर्धारित है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 21 वर्ष से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। ओबीसी, एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थी को अधिकतम उम्र सीमा में सरकार के नियमानुसार छूट भी दी गई है।

ऐसे करें अप्लाई

सबसे पहले UPPBPB की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं। इसके बाद होम पेज पर उपलब्ध सब इंस्पेक्टर और सहायक सब इंस्पेक्टर आवेदन लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद यहां एक नया पेज खुलेगा जहां अपना पंजीकरण करें। रजिस्ट्रेशन के बाद अकाउंट में लॉगइन करें और आवेदन शुरू करें। सभी आवश्यक जानकारी दर्ज करें और डाक्यूमेंट अपलोड करें। फीस जमा करें और सबमिट करें। यहां सभी जानकारियां सही तरह से भरें, ताकि कोई गलती ना होने पाए।

इतनी है फीस

आपको बता दें कि सभी वर्ग के संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन शुल्क 400 रुपए निर्धारित है। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन मोड के माध्यम से किया जाना है। ऐसे में फीस भरकर फिर परीक्षा की तैयारी शुरू कर दें।

गाजियाबाद: सड़क हादसे में दो सिपाहियों की मौत, चालक की हालत गंभीर

यूपी के गाजियाबाद जिले में हुए सड़क हादसे में यूपी और दिल्ली के दो सिपाहियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के वक्त ये गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई थी। इसी के चलते ये दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे के बाद अन्य पुलिसकर्मी घायल पुलिसकर्मियों को पास के अस्पताल में ले गए, जहां दो सिपाहियों को मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल खबरों की मानें तो गाड़ी चलाने वाला चालक भी घायल है लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर है। मृतक सिपाहियों में से एक के पिता ने इसे हादसा नहीं बल्कि साजिश का नाम दिया है।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस में सिपाही जय ओम शर्मा और उत्तर प्रदेश पुलिस के सिपाही जयवीर सिंह राघव बिल्डर निखिल चौधरी की सुरक्षा में तैनात थे। बीती रात कार में दोनों सिपाही और एक चालक इंदिरापुरम से वसुंधरा के बुद्ध चौक की ओर जा रहे थे। देर रात इनकी कार एलिवेडेट रोड के नीचे कार डिवाइडर से टकरा कर पलटती हुई दूसरी तरफ पहुंच गई।

जैसे ही पास में स्थित पुलिस चौकी पर हादसे की खबर पहुंची तो मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने सिपाहियों को तत्काल ही अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोनों सिपाहियों को मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल अभी चालक भी घायल है।

हो रही है मामले की जांच

हादसे के बाद दोनों सिपाहियों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। दोनों सिपाहियों का शव हिंडन मोर्चरी पर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक सिपाही जयवीर सिंह के पिता घनश्याम सिंह का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मियों की मौत गले नहीं उतर रही। उनका कहना है कि ये हादसा नहीं बल्कि हत्या है। इसी के चलते अब अफसरों ने मामले में जांच बैठाई है।

IPS अपर्णा रजत कौशिक ने संभाली SP कासगंज की जिम्मेदारी

नए साल की शुरुआत में ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 11 जिलों के पुलिस…