एक बार फिर चली तबादला एक्सप्रेस, Firozabad के SP आशीष तिवारी को मिला ट्रांसफर

नए साल की शुरुआत से ही लगातार उत्तर प्रदेश ने पुलिस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो रहा है। जहां हाल ही में 18 आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया, वहीं बीती शाम 24 घंटे के अंदर ही फिरोजाबाद के एसपी आशीष तिवारी के ट्रांसफर के ऑर्डर जारी हो गए है। खबरें ये भी आ रहीं है कि आगामी समय में काफी तबादले हो सकते हैं।

इनको बनाया गया नया एसपी

जानकारी के मुताबिक, बीती शाम जारी हुई तबादला लिस्ट में फिरोजाबाद एसपी के पद से आशीष तिवारी को हटा दिया गया है। 2012 बैच के आईपीएस आशीष तिवारी को एसपी सीबीसीआईडी सहकारिता प्रकोष्ठ बनाया गया है। अब आशीष तिवारी के स्थान पर कासगंज में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाद 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी सौरभ दीक्षित को कासगंज जनपद से हटाकर फिरोजाबाद का कप्तान बनाया गया है। सौरभ दीक्षित कासगंज से पहले प्रयागराज में डीसीपी के पद पर तैनात थे।

कौन हैं आशीष तिवारी ?

आपको बता दें कि 2012 बैच के आईपीएस आशीष तिवारी आए दिन अपने काम और कार्यशैली की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। देश की सेवा करने के लिए वह लंदन और जापान के बैंक में एक करोड़ से ज्यादा का पैकेज छोड़ वापस इंडि‍या आए हैं। वो वहां बैंक में एक्सपर्ट एनालिस्ट पैनल में शामिल थे लेकिन उनका मन वहां नहीं लगा।

ऐसे में भारत आकर उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की ओर दो बार आईपीएस का एग्जाम क्वालि‍फाई किया। आईपीएस आशीष फरियादियों की सुनवाई करने के साथ साथ अपने विभाग के पुलिसकर्मियों का भी पूरा ध्यान रखते हैं।

हापुड़ SP की बड़ी पहल, पुलिसकर्मियों को दिलवाया CPR प्रशिक्षण… अब अपनी सांसे देकर पुलिसकर्मी बचा सकेंगे दूसरों की जान

जिले की पुलिस अब अपनी सांस देकर दूसरों की जान बचाएगी। पुलिस को सीपीआर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को एसपी अभिषेक वर्मा ने मेरठ रोड पुलिस लाइन में की। वहां जिले के सभी थानों के प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को डॉक्टरों ने बताया कि इमरजेंसी में घायल या पीड़ित को कैसे अपनी सांस देकर उसकी जिंदगी बचानी है। पुलिस के महिला-पुरुष जवान लोगों को सीपीआर देकर जान बचाएंगे।

पुलिसकर्मी ऐसे करेंगे मदद 
अक्सर आपने देखा होगा कि सीपीआर देने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। अब प्रक्रिया को कंपलसरी कर दिया गया है। पुलिस को डॉक्टर बकायादा प्रशिक्षण दे रहे हैं। इमरजेंसी में पुलिस के जवान लोगों की जान बचा सकेंगे। प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर या कृत्रिम श्वसन की जानकारी देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि कई बार व्यक्ति की अचानक सांस रुक जाती है या फिर कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में सांस नहीं आती है। इस अवस्था में सीपीआर देकर लोगों की जान बचाई जा सकती है।

जवान बचाएंगे दूसरों की जान
सीपीआर के जरिए बेहोश व्यक्ति को सांस देने से फेंफड़ों को ऑक्सीजन मिलती है। इससे शरीर में पहले से मौजूद ऑक्सीजन वाला खून संचारित होने लगता है। सीएचसी के डॉक्टर प्रवीण गुप्ता की टीम ने पुलिसकर्मियों को सीपीआर प्रशिक्षण दिया। डॉक्टर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सीपीआर कोई दवा या इंजेक्शन नहीं है। यह एक तरह की प्रक्रिया है, इसका इस्तेमाल मरीज के शरीर पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में व्यक्ति की सांस रुक जाने पर सांस वापस लाने तक या दिल की धड़कन सामान्य होने तक छाती को दबाया जाता है। इससे शरीर में पहले से मौजूद खून संचारित होने लगता है और व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी नहीं होती है।

गरीब को कड़ाके की ठंड में गुब्बारे बेचता देख रामपुर SP का पसीजा दिल, दरियादिली दिखाकर खरीदे सारे गुब्बारे

यूपी पुलिस विभाग में यूं तो एक से बड़कर एक ऐसे आईपीएस अधिकारी मौजूद हैं जिनके नाम और बेहतरीन काम की चर्चाएं हर समय होती है। कुछ आईपीएस अधिकारी अपने अच्छे कार्यों की वजह से आम लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाते है। ऐसा ही एक नाम है रामपुर एसपी राजेश द्विवेशी का जो काम को लेकर हमेशा एक्टिव बने रहते है। उनका काम के प्रति जोश हर समय देखने को मिलता है। तो आम लोगों के प्रति उनकी जो जिम्मेदारी है उसे भी भली भांति पूरा करते देखे गए। जिसे के कपप्तान का ऐसा ही दरियादिली भरा काम देर रात देखने को मिला।

गुब्बारे वाले की दुकान पर रुक गए एसपी साहब

कड़ाके की ठंड में जहां एक अधिकारी अपने कमरे में बैठकर अधिनस्थों को आर्डर देते देखे जाते है तो दूसरी तरफ कप्तान राजेश द्विवेदी खुद ही पुलिस टीम के साथ गश्त पर दिखते हैं। ऐसे में गश्त के दौरान गरीब को कड़ाके की ठंड में गुब्बारे बेचते देखकर एसपी साहब के कदम उसकी दुकान पर रूक गए

एसपी ने खरीदे सारे गुब्बारे

sp राजेश द्विवेदी का दुकानदार को देख दिल पसीज गया। राजेश द्विवेदी ने देखा कि एक गुब्बारे वाला सर्दी में खड़ा है, रात का समय था। उन्होंने पूछा की आपके गुब्बारे इतनी रात तक भी नही खरीदे किसी ने ! इतना हाल पूछना था की गुब्बारे वाले की आंख में आँसू आ गए।उसके बाद sp राजेश द्विवेदी ने उसके सभी गुब्बारे खरीद लिये व छोटे-छोटे बच्चो में बांट दिए। इस वाकये से बच्चों व गुब्बारे विक्रेता सभी के चहरे पर मुस्कान आ गई। गुब्बारे वाले ने एसपी की तारीफ कर खुब धन्यवाद दिया।

Kanpur: गाड़ी रुकवाकर युवाओं से बात करने लगे नए पुलिस कमिश्नर, दुकानदारों से भी पूछा हाल

नए साल की शुरुआत में प्रदेश पुलिस में भारी तादाद में तबादले हुए। इस लिस्ट में आईपीएस अखिल कुमार को कानपुर जिले का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। बीती शाम उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया। गुरुवार देर शाम पुलिस कमिश्नर का कार्यभार संभालने के बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता में यातायात व्यवस्था को सुधारना, टेक्नोलॉजी के जरिये साइबर अपराध पर काबू पाना, आम जनता को न्याय दिलाना है। इसके बाद जब वो आज अपने दफ्तर जा रहे थे, तो उन्होंने रास्ते में गाड़ी रोककर लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने वहां स्थित खोखे वालों से भी बात की।

दिए दिशा-निर्देश

जानकारी के मुताबिक, पुलिस आयुक्त अखिल कुमार ने चार्ज लेने के अगले दिन ही शुक्रवार को पुलिस कार्यालय परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय के विभिन्न शाखाओं में साफ-सफाई के लिए सख्त दिशा-निर्देश दिये। इस दौरान उनके साथ संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था आनन्द प्रकाश तिवारी, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय शिवाजी, अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय प्रथम विजेन्द्र द्विवेदी व अपर पुलिस उपायुक्त स्टॉफ ऑफिसर अशोक कुमार सिंह समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

लोगों से की बात

आज बतौर पुलिस कमिश्नर आईपीएस अखिल कुमार का कानपुर में दूसरा दिन था। ऐसे में जब पुलिस आयुक्त अखिल कुमार पुलिस कार्यालय से यातयात पुलिस लाइन जा रहे थे, तो रास्ते में वीआईपी रोड पर अपने वाहन को रुकवाकर स्थानीय दुकानदारों व आने-जाने वाले लोगों से वार्ता कर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने वहां स्थित दुकानदारों से बातचीत करके उनका हाल भी जाना। सीपी ने वहां मौजूद युवाओं से भी बात की।

अपनी प्रेस में बता चुके हैं प्राथमिकता

अपनी प्रेस वार्ता में वो ये पहले ही साफ कर चुके हैं कि शासन की मंशा के अनुसार महिला उत्पीड़न पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। शिकायत कक्ष को मजबूत किया जाएगा। पीड़ित से तब तक बात की जाएगी, जब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर न्याय दिलाया जाएगा। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय प्रथम विजेन्द्र द्विवेदी व अपर पुलिस उपायुक्त स्टॉफ ऑफिसर अशोक कुमार सिंह समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

लोगों से की बात

आज बतौर पुलिस कमिश्नर आईपीएस अखिल कुमार का कानपुर में दूसरा दिन था। ऐसे में जब पुलिस आयुक्त अखिल कुमार पुलिस कार्यालय से यातयात पुलिस लाइन जा रहे थे, तो रास्ते में वीआईपी रोड पर अपने वाहन को रुकवाकर स्थानीय दुकानदारों व आने-जाने वाले लोगों से वार्ता कर शहर की रक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने वहां स्थित दुकानदारों से बातचीत करके उनका हाल भी जाना। सीपी ने वहां मौजूद युवाओं से भी बात की।

अपनी प्रेस में बता चुके हैं प्राथमिकता

अपनी प्रेस वार्ता में वो ये पहले ही साफ कर चुके हैं कि शासन की मंशा के अनुसार महिला उत्पीड़न पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। शिकायत कक्ष को मजबूत किया जाएगा। पीड़ित से तब तक बात की जाएगी, जब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर न्याय दिलाया जाएगा। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा।

UP के बड़े जिलों में SSP के पद पर दमदार पारी खेलने वाले IPS कलानिधि नैथानी बने झांसी के DIG

साल की शुरुआत में एक बार फिर से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 11 जिलों के पुलिस कप्तानों समेत 16 आईपीएस के तबादले किए हैं। दरअसल, अब दोबारा से जारी हुई लिस्ट में आईपीएस कलानिधि नैथानी को झांसी रेंज का डीआईजी बनाया गया है। आईपीएस कलानिधि हमेशा अपने कार्यों की वजह जाने जाते हैं। वो न तो खुद काम में लापरवाही दिखाते हैं, और ना ही किसी अधीनस्थ को लापरवाही करने देते हैं। ऐसे में झांसी रेंज में जब वो कार्यभार संभालेंगे तो कानून व्यवस्था और भी ज्यादा मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।

कौन हैं आईपीएस कलानिधि नैथानी

जानकारी के मुताबिक, अगर बात करें इनके कार्यकाल की तो 2010 बैच के आईपीएस कलानिधि नैथानी इस तबादला लिस्ट आने से पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे, लेकिन अब उन्हें झांसी का डीआईजी बनाया गया है। वह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं।उनकी मां कुसुम नैथानी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं। उन्होंने पौड़ी गढ़वाल के सरकारी गर्ल्स कॉलेज और देहरादून के कॉलेज में प्रिंसिपल के तौर पर काम किया है। पिता उमेश चंद्र नैथानी गढ़वाल विश्वविद्यालय से रिटायर्ड प्रोफेसर हैं। दादा भी शिक्षक थे। चाचा सुनील नैथानी आर्मी में एजुकेशन विंग में कर्नल रहे हैैं।

कलानिधि नैथानी को अनुशासनप्रिय और कड़क पुलिस अधिकारी माना जाता है। वह हर जिले में अपनी एक अलग छाप छोड़ने की कोशिश करते हैं। अपनी कार्यशैली की वजह से उन्हें कई बार सम्मानित किया गया है। आईपीएस में चयन के बाद कलानिधि नैथानी पीलीभीत, बरेली, कुंभमेला, सहारनपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक, पीएसी की 38वीं और नौवीं वाहिनी में सेनानायक, पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद में पुलिस अधीक्षक, कन्नौज, फतेहपुर, मिर्जापुर और पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक के बाद बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर रहे। 2010 बैच के आईपीएस ऑफिसर कलानिधि नैथानी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर गाजियाबाद तक में तैनाती के दौरान अपनी छाप छोड़ी।

जरूरतमंदों को न्याय दिलाना है प्राथमिकता

अगर इनकी प्राथमिकताओं की बात करें तो हर जरूरतमंद को न्याय दिलाना और पुलिस व जनता के बीच बेहतर समन्वय विकसित करना इनकी प्राथमिकता है। इसके साथ ही जनहित में काम करना इन्हें बेहद पंसद आता है। वो अक्सर पुलिसकर्मियों को भी उनका दायित्व याद दिलाते रहते हैं। हमेशा से कानून के दायरे में रहकर ड्यूटी करना और अपराध को नियंत्रित करना इनका मकसद रहा है। वो इसमें सफल भी रहते हैं।

PM MODI का कल अयोध्या आगमन, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

अयोध्या के राम मंदिर में राम लला की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने जा रही है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को अयोध्या में चल रही तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंच रहे हैं. उनके दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. इस दौरान पीएम मोदी अयोध्या एयरपोर्ट और पुर्विकसित रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे.

लिहाजा, अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है. इसके साथ ही जीआरपी और RPF के जवानों के साथ समन्वय कर अयोध्या रेलवे स्टेशन और आस-पास के सभी रूट पर सिक्योरिटी बढ़ाई गई है. अयोध्या जंक्शन का नाम बदलकर अब आधिकारिक रूप से अयोध्या धाम  कर दिया गया है. यहां BDS और एंटी साबोटाज चेक की टीमें चेकिंग कर रही हैं. 200 से अधिक सब इंस्पेक्टर और सिपाहियों को अतिरिक्त सुरक्षा में लगाया गया है. इसके अलावा पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया है.

240 करोड़ रुपये से पुनर्विकसित हुए अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन

बताते चलें कि अयोध्या रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित किया गया है. इसके पहला चरण, जिसे अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जाता है, उसे 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है. तीन मंजिला आधुनिक रेलवे स्टेशन की इमारत में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा, पूजा की जरूरतों के लिए दुकानें, क्लॉक रूम, चाइल्ड केयर रूम, वेटिंग हॉल जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं हैं. स्टेशन भवन ‘सभी के लिए सुलभ’ और ‘आईजीबीसी प्रमाणित ग्रीन स्टेशन भवन’ होगा.

रेलवे स्टेशन की सुरक्षा संभालेगी जीआरपी और आरपीएफ 

हर संदिग्ध वस्तु और व्यक्ति की चेकिंग की जा रही है. आने जाने वालों लोगों की तलाशी ली जा रही है, ताकि कोई गड़बड़ी न कर सके. आने वाले समय में अयोध्या से शुरू होने वाली और अयोध्या होकर गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या में बड़े पैमाने पर इजाफा होगा. लिहाजा, जीआरपी और RPF मिलकर ट्रेन एस्कॉर्ट और रेलवे स्टेशन पर सिक्योरिटी की जिम्मेदारी निभाएंगे.

20 जनवरी से आम लोगों के लिए राम मंदिर हो जाएगा बंद 

यूपी के स्पेशल डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था की खुद निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने गुरुवार को अयोध्या की सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किए हैं. 22 जनवरी को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम को देखते हुए 20 जनवरी से आम लोगों के लिए अयोध्या राम मंदिर के दर्शन बंद हो जाएंगे. इसके बाद 23 जनवरी से आम लोग राम मंदिर के दर्शन कर सकेंगे.

यूपी एसएसएफ संभालेगी राम मंदिर और एयरपोर्ट की सुरक्षा  

इस दौरान पूजा, पाठ, धार्मिक कार्य चलते रहेंगे. 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए यूपी पुलिस केंद्र की एजेंसियों के संपर्क में है. यूपी पुलिस की सभी स्पेशल यूनिट्स की अयोध्या में तैनात की गई है. पुलिस बल की पहले ही तैनाती की जा चुकी है. राम मंदिर और अयोध्या एयरपोर्ट की सुरक्षा यूपी एसएसएफ के जिम्मे कर दी गई है. 22 जनवरी के कार्यक्रम के लिए होटल एसोसिएशंस, टैक्सी यूनियन के लोगों से भी बात-चीत की गई है. होटल वाले तय दाम से अधिक पैसा नहीं ले सकेंगे.

अपनी जाति वाले सिपाहियों पर नहीं लेते एक्शन….आरोपों पर ADCP लखन सिंह का बयान

कानपुर पुलिस विभाग में इन दिनों एक लेटर की चर्चा है. सोशल मीडिया पर ये लेटर वायरल हो रहा है. जो हाइवे किनारे एक धर्म कांटा पर चस्पा किया गया था. लेटर किसी सिपाही द्वारा लिखा बताया जा रहा है. इसमें एडीसीपी (अपर पुलिस उपायुक्त) लखन सिंह यादव पर जातिवादी होने के आरोप लगाए हैं. हालांकि, एडीसीपी ने इसे महकमे को बदनाम करने की साजिश बताया है.

लेटर के जरिए एडीसीपी लखन सिंह यादव के ऊपर अपनी जाति के लोगों की तरफदारी करने का आरोप लगाया गया है. इसमें लिखा है कि एडीसीपी अपनी जाति के लोगों को सपोर्ट करते हैं. अगर उनकी जाति का सिपाही उनके पास किसी काम से जाता है तो वह उससे ढंग से मिलते हैं. बाकी लोगों से अभद्रता करते हैं.

कंप्लेंट मिलने पर अपनी जाति के सिपाहियों को वक्त देते हैं, जबकि दूसरी जाति के सिपाहियों पर तत्काल एक्शन ले लेते हैं. यही काम वसूली की शिकायत मिलने पर आरोपी सिपाहियों के साथ किया था. उन्होंने अपनी जाति के आरोपी सिपाही को छोड़ दिया था. जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई.

एडीसीपी ने इस पूरे मामले में क्या कहा?

बता दें कि लखन सिंह यादव कानपुर ईस्ट के एडीसीपी हैं. साथ ही 112 कंट्रोल रूम के भी प्रभारी हैं. इस मामले पर उनका कहना है कि 112 कंट्रोल रूम का प्रभारी बनने के बाद हाइवे पर वसूली की शिकायत मिलने पर कई पुलिसकर्मियों पर एक्शन लिया है.

पिछले दिनों भी शिकायत मिलने पर कई पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है. यह उन्हीं में से किसी की शरारत लगती है. जहां पर लेटर चस्पा मिला है वहां पर कोई सीसीटीवी नहीं है. फिर भी इस मामले की हम जांच कर रहे हैं. पुलिस विभाग में अनुशासन होता है.  किसी को कोई शिकायत है तो सीनियर के पास जा सकता है.

बकौल लखन सिंह- इस तरह की भाषा लिखकर पुलिस विभाग को बदनाम करना, अधिकारियों को बदनाम करना, यह गलत है. मेरे ऊपर जो जातिवाद के आरोप अब लगाए गए हैं ऐसा अभी तक किसी ने कहा नहीं. कानपुर में मेरे ऊपर डिप्टी जॉइंट कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर भी हैं. अगर किसी को कोई शिकायत हो है उनसे मेरी शिकायत कर सकता है. फिलहाल, इस मामले की जांच कराई जा रही है. जिसका भी यह काम होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी.

मुजफ्फरनगर से प्रमोट होकर मेरठ में एसपी सिटी बने यें IPS अफसर

मुजफ्फरनगर में लंबे समय तक क्षेत्राधिकारी नगर की जिम्मेदारी संभालने वाले आइपीएस अधिकारी आयुष विक्रम सिंह का तबादला मेरठ कर दिया गया है। उन्हें प्रमोट कर मेरठ में एसपी सिटी की जिम्मेदारी मिली है। कांवड़ मेले में उन्होंने नगर क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभाली है। इसके साथ ही मुजफ्फरनगर में व्योम बिंदल को सहायक पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर नियुक्त किए गया हैं।

Ips news

सरकार ने तीन आईपीएस और एक पीपीएस का शुक्रवार को तबादला कर दिया। मेरठ के एसपी सिटी पीयूष सिंह का पीटीएस सुल्तानपुर स्थानांतरण हो गया है। अब आयुष विक्रम सिंह मेरठ के नए एसपी सिटी होंगे। बताया गया कि आईपीएस आयुष विक्रम सिंह मुजफ्फरनगर में सीओ हैं।

बताया गया कि आयुष विक्रम सिंह मेरठ में अंडर ट्रेनी आईपीएस रहे हैं। आयुष विक्रम मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं

IPS Promotion: 82 IPS के प्रमोशन का रास्ता साफ, 40 IPS अफसर बनेंगे DIG, जारी हुआ आदेश

यूपी के 82 आईपीएस के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। करीब 40 IPS अफसरों के प्रमोशन की मंजूरी मिल गई है। ये सभी SSP से प्रमोट होकर DIG बनेंगे। सभी अफसर 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 2006 बैच के अफ़सर IG और 2010 बैच के IPS बनेगे DIG.  वर्ष 1999 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस रमित शर्मा और डॉ. संजीव गुप्ता आईजी से एडीजी पद पर पदोन्नत किए जाएंगे। इसी तरह वर्ष 2006 बैच के आईपीएस डीआईजी से आईजी और 2010 बैच के आईपीएस एसपी से डीआईजी पद पर पदोन्नत किए जाएंगे, जबकि वर्ष 2011 बैच के अफसरों को सेलेक्शन ग्रेड दिया गया है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन अफसरों को पदोन्नत किए जाने की संस्तुति की गई।

प्रमुख सचिव व डीजीपी विजय कुमार बैठक में मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और डीजीपी विजय कुमार भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार कुल 82 आईपीएस अफसरों को प्रोन्नति का लाभ मिला है। बैठक में वर्ष 1991 और वर्ष 1992 बैच के आईपीएस अफसरों को डीजी पद पर प्रोन्नति देने की सिफारिश की गई है, जो भविष्य में होने वाली डीजी पद की रिक्तियों के सापेक्ष होगी। डीजी का पद रिक्त न होने से अभी 1990 बैच के ही सभी आईपीएस अफसरों को डीजी पद पर प्रोन्नति नहीं हो पाई है। आगामी 31 जनवरी को डीजीपी विजय कुमार के रिटायर होने के बाद 1990 बैच के एक आईपीएस की प्रोन्नति होगी।

2010 बैच के आईपीएस एडीजी पद पर प्रोन्नत

एडीजी पद पर प्रोन्नत होने वाले रमित शर्मा वर्तमान में प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर हैं, जबकि संजीव गुप्ता सचिव गृह के पद पर तैनात हैं। एसपी से डीआईजी पद पर प्रोन्नत किए जाने वाले वर्ष 2010 बैच के आईपीएस अफसरों में लगभग 32 अफसर शामिल हैं। इनमें वैभव कृष्ण, कलानिधि नैथानी, गौरव सिंह, प्रभाकर चौधरी, संजीव त्यागी, पूनम, कुंतल किशोर, हरीश चंद्र, सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, सत्येन्द्र कुमार व शिवहरि मीना आदि प्रमुख हैं।

इन अधिकारियों का हुआ प्रमोशन

IPS वैभव कृष्ण

IPS कलानिधि नैथानी

IPS गौरव सिंह

IPS प्रभाकर चौधरी

IPS संजीव त्यागी

IPS शगुन गौतम

IPS पूनम

IPS कुंतल किशोर

IPS हरीश चन्द्र

IPS सत्यार्थ अनिरुद्ध

IPS सतेंद्र कुमार

IPS शिव हरि मीना

IPS राहुल राज

IPS शफीक अहमद

IPS राधेश्याम

IPS कल्पना सक्सेना

IPS सुरेश्वर

IPS रामजी सिंह यादव

IPS संजय सिंह

IPS राम किशन

IPS राकेश पुष्कर

IPS मनोज कुमार सोनकर

IPS कुलदीप नारायण

IPS मनीराम सिंह

IPS किरण यादव

प्रमोद कुमार तिवारी

IPS शहाब रशीद खान

IPS एस आनंद तथा कुछ अन्य अफ़सर बने DIG

खाकी वर्दी का दरोगा ने दिखाया खूब रौब: गरीब पर भी न आया तरस

वर्दी के नशे में चूर दरोगा ने एक टेंपो चालक के साथ अभद्रता की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वहीं, वीडियो वायरल होने पर एसपी सिटी ने जांच शुरू करा दी है।

वीडियो वायरल होने पर हरकत में आए अफसर

मुजफ्फरनगर में चरथावल बस स्टैंड पर जाम खुलवाने के दौरान कस्बा प्रभारी ने चालक को टेंपो से खींचकर अभद्रता की। वहीं, वीडियो वायरल होने पर एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने जांच शुरू करा दी।

कस्बे में चरथावल-थानाभवन मार्ग पर बस स्टैंड है। यहां दुकानदारों का मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण, फलों के ठेलों एवं पाइप लाइन बिछने के कार्य से अक्सर जाम रहता है। गन्ने के ओवरलोड़ ट्रकों एवं ट्रॉलों ने हालात ज्यादा खराब कर दिए है। बस स्टैंड पर जाम से मुक्ति दिलाने के लिए थाने से दरोगा एवं होमगार्ड को ड्यूटी पर लगाया गया है।
बताया कि वाहनों के साथ ही सड़क के बीच में टेंपो आने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर होमगार्ड ने चालक से टेंपो हटवाकर साइड में लगवा दिया। आरोप है कि कस्बा प्रभारी दरोगा ने टेंपो से खींच कर चालक को डांटा फटकारा और नसीहत दी। अभद्रता भी की। घटना पास में लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई। इसके बाद यह वीडियो किसी ने वायरल कर दिया।

थाना प्रभारी ओपी सिंह ने बताया कि मामले में किसी पीड़ित की कोई शिकायत नहीं मिली है। जाम खुलवाने के लिए चालक को डांटने की बात सामने आई है। उधर, एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सीओ सदर को वीडियो की जांच करने के आदेश दिए हैं।