रामलला के स्वागत में सजाया गया गाजियाबाद ACP का दफ्तर, एसीपी ने साझा की वीडियो

आज का दिन हर किसी के लिए बेहद ही खास और अहम है। दरअसल, आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम आज भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी समेत संत समाज और अति विशिष्ट लोगों की उपस्थिति में रामलला के श्रीविग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक अनुष्ठान आज संपन्न होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन की वजह से हर जगह दिवाली जैसा माहोल है। इसी क्रम में गाजियाबाद जिले की सरकारी दफ्तरों, पुलिस थानों, चौकियों, मंदिरों और घरों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है।

सजाया गया हर दफ्तर

जानकारी के मुताबिक, आज की तारीख में हर जिले के मंदिरों को भी रंगीन लाइटिंग के साथ फूलों से सजाया गया है। मंदिरों में रामधुन बज रही है। इसी क्रम में गाजियाबाद में रात का नजारा अद्भुत लग रहा है। चारों तरफ लाइटिंग की गई है। कुछ सड़कों के डिवाइडर पर लगे बिजली के खंभों पर लाइटिंग की गई है।

एसीपी ने साझा की वीडियो

इसके साथ ही साथ ही शहर के थानों पर रंग-बिरंगी झालर लगाई गई है। गाजियाबाद के थाने और चौकियों को भी बिजली की रंगीन झालरों से सजाया गया है। इनकी तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं। गाजियाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने दफ्तर की वीडियो भी साझा की है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैँ।

UP: पूर्व इंस्पेक्टर पर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज, जांच में 63.9 प्रतिशत सम्पत्ति ज्यादा

यूपी के सीतापुर में तैनात 112 प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश सिंह के खिलाफ गाजीपुर कोतवाली में आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। खबरों की मानें तो जांच में ये बात सामने आई है कि, इंस्पेक्टर राकेश सिंह की आय करीब एक करोड़ 17 हजार रुपये थी। इसके साथ ही इंस्पेक्टर ने एक करेाड़ 63 लाख 37 हजार रुपये व्यय किए हैं। ऐसे में आय से अधिक 63.9 प्रतिशत सम्पत्ति अर्जित की गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, गाजीपुर थाने के पूर्व इंस्पेक्टर राकेश सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन संगठन ने शनिवार को थाने में आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज कराया है। वो मूल रूप से गोण्डा के निवासी हैं, वर्तमान समय में इंदिरानगर फरीदीनगर रवींद्र नगर में रहते हैं।

एक दिसंबर 2020 को आय से अधिक सम्पत्ति की जांच निरीक्षक संजय सिंह को सौंपी गई थी। 13 मई 2021 को विवेचना इंस्पेक्टर मृत्युंजय को मिली। जांच अवधि के दौरान राकेश सिंह के अर्जित आय स्त्रोतों के बारे में जानकारी की गई।

इस जांच में करीब एक करोड़ 17 हजार रुपये घोषित आय स्त्रोत से प्राप्त होना पाया गया। वहीं, इस अवधि में इंस्पेक्टर ने एक करोड़ 63 लाख 37 हजार रुपये खर्च किए थे। राकेश ने करीब 63.9 प्रतिशत आय अन्य स्त्रोतों से प्राप्त की। इस रुपये के बारे में उनके पास कोई हिसाब भी नहीं था।

हो सकती है कार्रवाई

मृत्युंजय कुमार की तहरीर पर शनिवार को वर्तमान में सीतापुर डॉयल 112 में तैनात राकेश सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी आगे की जांच भी जारी है। खबर है कि इंस्पेक्टर पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।

एटा: फांसी से लटका मिला सिपाही का शव, मौके से सुसाइड नोट भी बरामद

यूपी के एटा जिले में तैनात एक सिपाही का शव सरकारी आास पर फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की छानबीन में ये बात सामने आई है कि, सिपाही के कमरे से लैपटॉप और रुपये भी गायब हैं। जिसके बाद अब पुलिस सख्ती से मामले की जांच में जुट गई है। सिपाही के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के गांव बोर्राखुर्द निवासी आरक्षी अंकित कुमार को 31 मई 2021 को थाना जलेसर में नियुक्ति मिली थी। शुरूआत में कस्बा में किराए के मकान में रहा था। करीब एक वर्ष पहले थाना परिसर में सरकारी आवास मिलने के बाद आरक्षी सुरेंद्र सिंह के साथ रहने लगा था।

हाल ही में सुरेंद्र का ट्रांसफर हो गया था। तबादले के बाद जब शनिवार की दोपहर वो अपने दफ्तर आया तो उसने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। करने के अंदर झांकने पर अंकित फंदे पर लटका मिला। मौके के पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें लिखा गया है कि किसी को परेशान नहीं किया जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।

बरामद हुआ सुसाइड नोट

एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरक्षी ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें किसी को परेशान नहीं करने की बात लिखी है। परिजन शाम को आ गए हैं और पोस्टमार्टम के लिए शव को भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। जल्दी ही सिपाही की मौत का पर्दाफाश हो जाएगा।

UP DGP की रेस में इन अफसरों का नाम शामिल, जानें इनके बारे में

आगामी 31 जनवरी के दिन यूपी पुलिस के वर्तमान डीजीपी विजय कुमार रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में फिर से एक बार हर किसी को उस पल का इंतजार है, जब प्रदेश पुलिस को नया डीजीपी मिलेगा। इसी क्रम में एक बार फिर से यूपी पुलिस के नए डीजीपी के पद के लिए नामों के कयास लगने लगे हैं। वर्तमान समय में UP के नये कार्यवाहक DGP की रेस में 4 IPS अफ़सरो का नाम ब्यूरोकेसी के गलियारों में चल रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि, इन्हीं में से एक अफसर को ये जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं। इस लिस्ट में IPS पी. वी. रामशास्त्री, IPS रेणुका मिश्रा, IPS एस. एन. साबत और IPS प्रशांत कुमार का नाम शामिल है। आइए आपको भी इन अफसरों के बारे में बताते हैं।

IPS पी. वी. रामशास्त्री

सबसे पहले बात करते हैं मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के निवासी पीवी रामा शास्त्री की, जोकि 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पीवी रामा शास्त्री पूर्व में जॉइंट सेक्रेटरी, कन्ज्यूमर अ्फेयर्स भारत सरकार में नियुक्त थे। वह भारत सरकार की NIA में बतौर आईजी अपनी सेवाएं दे चुके है। 1997-98 में इलाहाबाद जीआरपी में पुलिस अधीक्षक और 1999-2000 में बलिया जिले में तैनात रहे हैं। पीवी रामा शास्त्री गुजरात पुलिस में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साल 2006 में उन्हें पुलिस डिपार्टमेंट के सर्वोच्च सम्मान पुलिस सर्विस मैडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।

IPS रेणुका मिश्रा

रेणुका मिश्रा 1990 बैच की आईपीएस अफसर हैं। पिछली बार डीजीपी के चुनाव के वक्त सीनियारिटी के क्रम में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा 4 सीनियर आईपीएस अधिकारियों से पीछे थी। उन्होंने बीकॉम कॉमर्स, इकोनॉमिक्स और पोस्ट ग्रेजुएशन में एमए पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन से किया है। रेणुका मिश्र को 2005 में डीआईजी, 2010 में आईजी, 2014 में एडीजी और 2021 में डीजी पद पर प्रमोट किया गया था। आईपीएस रेणुका को 26 जनवरी 2023 को डीजी प्लेटिनम प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

IPS एस. एन. साबत

1990 बैच के यूपी कैडर के दबंग पुलिस अफसर एसएन साबत. को कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के जेल महानिदेशक/ महानिरीक्षक की बागडोर सौंपी हैं। 33 साल की ड्यूटी में उनके ऊपर किसी तरह का आरोप नहीं लगा। आईपीएस अफसर एस एन साबत ने अपना पुलिस करियर एएसपी के रूप में वाराणसी जिले से शुरु किया था। बाद में वे अलीगढ़ और अयोध्या में एएसपी रहे। उसके बाद जालौन, मिर्जापुर और वाराणसी में पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर भी तैनात रहे। फिर उन्हें मिर्जापुर, कानपुर और बनारस के पुलिस उप-महानिरीक्षक पद पर कार्य करने का भी मौका मिला। लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक रहते हुए एसएन साबत पुलिस महानिदेशक पद पर प्रोन्नत हुए थे। साल 2006 और फिर 2014 में उन्हें राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया।

IPS प्रशांत कुमार

प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है।

हापुड़: रेस्टोरेंट के कर्मचारी पर थप्पड़ बरसाते हुए दारोगा का वीडियो वायरल, SP ने किया सस्पेंड

यूपी पुलिस के कर्मचारी लगातार लोगों की मदद को आगे आते रहते हैं, लेकिन कुुछ पुलिसकर्मी बाकियों की मेहनत पर पलीता लगा रहे हैं। मामला हापुड़ जिले का है, जहां एक दारोगा ने एक पिज्जा कैफे में घुस कर दुकान के कर्मचारियों को चांटा जड़ दिया। ये पूरा मामला रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जब मामला अफसरों के संज्ञान में आया तो पुलिस की फजीहत को देखते हुए एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया।

युवस पर बरसाए थप्पड़

जानकारी के मुताबिक, हापुड़ जिले में नगर के मोहल्ला लज्जापुरी निवासी अमित कुमार का मोदीनगर रोड पर रेस्टोरेंट है। सोशल वीडियो पर वायरल वीडियो में केशव नगर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक नसीम अहमद रेस्टोरेंट में दाखिल होते हैं।

यहां दरोगा पर्दे हटाने की बात करते हुए कर्मचारियों के साथ गाली गलौज करते हुए थप्पड़ बरसाने शुरू कर देते है। रेस्तरां में लगे सीसीटीवी कैमरे में दरोगा की यह हरकत कैद हो जाती है। पीड़ित ने दरोगा पर महीना मांगने का भी आरोप लगाया है।

एसपी ने किया सस्पेंड

देर शाम मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिस पर जिले के एसपी ने मामले की जांच डीएसपी को सौंपी। वीडियो को लेकर एसपी ने तत्काल प्रभाव से आरोपी दारोगा को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही एसपी ने पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा कोई कृत्य न करें जो विधि के प्रतिकूल हो।

Chandauli Police को मिली बड़ी सफलता, एनकाउंटर में बावरिया गिरोह के 8 बदमाश घायल

 

 

यूपी की चंदौली पुलिस को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इसके अंतर्गत दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पुलिस ने 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सभी बदमाशों को पैर में गोली लगी है। घयालों को इलाज के लिए पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबरों की मानें तो इन्हीं बदमाशों ने कुछ दिनों पूर्व पचफेड़वां में व्यापारी के घर में घुसकर लूट का प्रयास किया था। तभी से पुलिस इनसी तलाश में थी। ये सभी बावरिया गिरोह के सदस्य हैं।

ऐसे हुई मुठभेड़

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को ये खबर मिली थी कि बावरिया गिरोह के बदमाश भोजापुर रेलवे क्रासिंग से सकलडीहा रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर देशी शराब की दुकान के पास स्थित बगीचे में मौजूद हैं। इस पर सकलडीहा इंस्पेक्टर ने एसपी को खबर दी। इसके पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने सभी की घेराबंदी के लिए सदर व सैयदराजा पुलिस को मदद के लिए लगा दिया। जब टीम बगीचे के पास पहुंचकर सड़क से बगीचे के लिए अलग- अलग दिशा से पहुंचने के उतर रही थी।

पुलिस की टीम देखकर उसमें से कुछ ने असलहे से हवाई फायरिंग शुरू कर कर दी। जिसके बाद पुलिस को भी जबाबी कार्रवाई में फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें चार बदमाशों को गोली लगी, और वो वहीं गिर पड़े। अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से कई बदमाश फरार हो गए। घायल होने वाले बदमाशों में बाबू सिंह काकू, बिजेंद्र, महेंद्र, लालू सभी थाना मिलकिया शाहजहांपुर के रहने वाले थे।

सकलडीहा इलाके में हुई मुठभेड़ की घटना के बाद पुलिस टीम फरार अन्य बदमाशों की तलाश में जुट गई। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। जिसके अंतर्गत मुगलसराय-अलीनगर पुलिस की काम्बिंग के दौरान कैली रिंग रोड पर भी पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ हुई। इस दौरान फिर से बदमाशों ने पुलिस से बचने व भागने की फिराक में फायरिंग झोंक दी। ऐसे में पुलिस को भी अपने बचाव के लिए फायरिंग की। इस मुठभेड़ में भी चार बदमाश घायल हो गए। जबकि दो बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। घायलों में पर्वत गोसाई, बाबू गोसाई, मोहनपाल, महिपाल सभी शाहजहां निवासी है।

एसपी ने दी जानकारी

एसपी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि चंदौली पुलिस के थाना सकलडीहा और थाना अलीनगर क्षेत्रों में अलग-अलग हुई मुठभेड़ में आठ अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल हुए हैं। ये लोग दिन में रेकी करते थे और रात में दुकानों और घरों में सेंध लगाकर चोरी किया करते थे। हाल ही में इन्होंने अलीपुर के पचपेड़वा में एक घर में सेंध लगाई थी। इन अपराधियों के द्वारा कई अन्य गंभीर वारदातों को अंजाम दिया गया है। अभी इनके विस्तृत आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। इसके साथ ही जो भी बदमाश फरार हैं, उनको भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया गया।

कासगंज SP के दफ्तर में रोते हुए पहुंची दारोगा की पत्नी, खोल दी अपने पति की पोल

यूपी के कासगंज एसपी के दफ्तर में उस वक्त हंगामा मच गया, जब एक दारोगा की पत्नी रोते हुए वहां पहुंची। इस दौरान पीड़िता ने एक ऐसा सच बताया जिसे सुनकर सभी हैरान रह गए। दरअसल, पीड़िता ने बताया कि वो दरोगा की पत्नी है। दरोगा ने पहली पत्नी को तलाक दिए बिना ही उससे मंदिर में शादी की। पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है। अफसरों का कहना है कि यदि दारोगा सच में दोषी पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

झूठ बोलकर की शादी

जानकारी के मुताबिक, आगरा के लोहामंडी इलाके की रहने वाली महिला प्रियंका ने एसपी ऑफिस पहुंचकर दरोगा की धोखाधड़ी की व्यथा सुनाई। एसपी के सामने रोते हुए महिला ने कहा कि उसने वर्ष 2020 में 26 नवंबर को हिंदू रीति रिवाज से मथुरा के एक मंदिर में दरोगा विक्रम सिंह से शादी की। महिला का कहना है कि दरोगा विक्रम सिंह ने पहली पत्नी के साथ होने की कोई बात नहीं बताई।

मंदिर में शादी करते वक्त दारोगा ने उससे ये कहा था कि, उसकी पहली पत्नी के कोई संतान नहीं है, जिसकी वजह से पहली पत्नी को तलाक दे दिया है। इसी के बाद महिला दारोगा के साथ शादी करके रहने लगी। अब उनके पास दो साल का एक बेटा भी है, लेकिन अब दरोगा विक्रम सिंह पहली पत्नी के साथ रह रहा है और उसे अपने साथ नहीं रख रहा। इसके साथ ही जब पीड़िता इस बात का विरोध करती है दो दारोगा उसे धमकी देता है। ऐसे में अब पीड़िता ने न्याय ना मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है।

दारोगा ने की दो शादी

मामले की जानकारी देते हुए जिले की एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि दरोगा के खिलाफ महिला ने शिकायत की है। दरोगा ने दो शादी की हैं। महिला के आरोपों और साक्ष्यों की जांच करने की जिम्मेदारी सहावर सीओ शाहिदानसरीन को सौंपी गई है। अगर दारोगा दोषी पाया गया तो निश्चित ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जानें कौन है IPS बजरंग प्रसाद ? जिनको मिला UP कैडर

वो कहते हैं ना, लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। इस मुहावरे को चरितार्थ किया है आईपीएस बजरंग प्रसाद ने। आईपीएस बजरंग प्रसाद यादव साल 2022 की सिविल सेवा परीक्षा में 454वीं रैंक हासिल करने वाले अधिकारी हैं। बजरंग प्रसाद अपने पिता का सपना पूरा करने के लिए यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे लेकिन, जमीन के विवाद में उनके पिता की हत्या हो गई। इसके बाद उन्होंने पिता के कातिल दबंगों से बदला लेने के लिए यूपीएससी परीक्षा पास करने की ठानी और अब उन्हें यूपी कैडर ही मिला है।

पिता की हत्या से हो गए थे निराश

जानकारी के मुताबिक, बजरंग प्रसाद बस्ती जिले के धोबहट गांव के निवासी हैं। उनके पिता किसान थे। मां गांव की प्रधान थीं। उनके पिता का सपना था कि उनका बेटा यूपी पुलिस की वर्दी पहन कर अफसर बनें। ऐसे में यही सपना सच करने के लिए बजरंग इसकी तैयारी में जुट गए। साल 2019 में परीक्षा की तैयारी के लिए वे दिल्ली आ गए। जब उनका परीक्षा का पहला अटेम्पट था, तभी उनके पिता की हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने उन्हें झकझोर कर रख दिया था।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

इस घटना से उबरने के लिए उनके परिवार ही उनका सहारा बना। इसके बार एक बार फिर से बजरंग प्रसाद ने अपने पिता से सपने को पूरा करने की बात ठानी। बजरंग की हिम्मत और मेहनत का नतीजा यह निकला कि 2022 में तीसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करते हुए 454वीं रैंक हासिल की। यूपीएससी पास कर बजरंग प्रसाद ने अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया था। अब उन्हें जब यूपी कैडर ही मिला है तो उनके परिवार में खुशी का माहौल है।

गाजियाबाद : सिपाही पिता पर बेटी ने लगाएं गंभीर आरोप, मांगा अपनी मां का हिस्सा

महिला सुरक्षा का दावा करने वाली यूपी पुलिस के कुछ कर्मचारी आए दिन कुछ ना कुछ ऐसा कर देते हैं, जिसकी वजह से पूरे विभाग पर सवाल उठने लगते हैं। ताजा मामला गाजियाबाद जिले का है, जहां यूपी पुलिस में कार्यरत एक सिपाही पर उसकी बेटी ने संगीन आरोप लगाए हैं। बेटी का दावा है कि उसके पिता का दूसरी महिला से पिछले सात साल से चक्कर है, जिसे वह अपनी पत्नी बताते हैं। फिलहाल अभी मामले में किसी पुलिसकर्मी ने कुछ बोला नहीं है। पीड़िता ने मांग की है कि संपत्ति का अधिकार उसकी मां को दिया जाए और पूरा खर्चा दिलाया जाए।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद जिले में तैनात एक सिपाही की बेटी का दावा है कि उसके पिता का दूसरी महिला से पिछले सात साल से चक्कर है, जिसे वह अपनी पत्नी बताते हैं। विरोध करने पर वह मारपीट करते हैं। इस मामले में पुलिस आयुक्त से शिकायत की गई, उनके आधार पर कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके पिता का घर में व्यवहार बुरा है, मां को शराब पीकर पीटते हैं। इसकी वजह एक महिला है, जोकि सात साल से उसके पिता की जिंदगी में है। इसका विरोध तीन साल पहले मां ने किया था, पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस अधिकारियों ने समझाकर वापस भेज दिया था, लेकिन उनका व्यवहार नहीं बदला है।

पिता ने फिर दी धमकी

अब एक बार फिर से पीड़िता ने पुलिस से गुहार लगाई है क्योंकि अब उसके पिता ने धमकी दी है कि वो घर, मकान सब बेच देंगे और परिवार के लोगों को एक-एक रुपये के लिए तरसा देंगे।

UP Police की छुट्टी इस तारीख तक रद्द – पढ़िए आदेश

अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा व गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए 26 जनवरी तक पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इसका आदेश जारी किया है।

सभी पुलिस आयुक्त, एसएसपी व एसपी को निर्देश दिया है कि 26 जनवरी तक दोनों अतिमहत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत सुदृढ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी बरती जाए।

अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मियों को विशेष परिस्थितियों में वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर से ही अवकाश दिया जाए। दोनों अवसरों पर ड्यूटी के लिए नामित सभी अधिकारियों व कर्मियों को शतप्रतिशत संख्या में ड्यूटी पर भेजा जाना सुनिश्चित किए जाने का निर्देश भी दिया है।