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UP Police की तैयारी कर रही छात्रा ने दो मंजिल से लगाई छलांग, गैंगरेप से बचने के लिए उठाया कदम
यूपी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर से महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, मामला हरदोई का है, जहां एक छात्रा ने खुद को गैंगरेप से बचाने के लिए दो मंजिल बिल्डिंग से छलांग लगा दीh। घायल अवस्था में पड़ी छात्रा को आनन-फानन उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार किया जा रहा है। आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, यूपी के हरदोई में बीए की छात्रा से दरिंदगी का मामला सामने आया है। दरअसल, हरपालपुर थाने के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा शनिवार की सुबह घर से कोचिंग जा रही थी। वो यूपी पुलिस की तैयारी कर रही है। उसी बीच हरपालपुर में पुराना नखासा वाले गेट के पास बरनई चतरखा निवासी विशाल राठौर बाइक से पहुंचा और छात्रा को बहाने से बाइक पर बैठा कर बिल्हौर-कटरा हाई-वे पर अपने बंद पड़े मकान में ले गया। उसने वहां छात्रा को बंद करके रखा हुआ था। आरोप है कि रेप से बचने के लिए छात्रा ने दो मंजिल से छलांग लगा दी।
इस मामले में छात्रा के भाई ने पुलिस को जो तहरीर दी है, उसमें भी ये कहा गया है कि युवक ने छात्रा के साथ रेप करने की कोशिश की और शोर मचाने पर वह उसे उसी मकान में बंद कर फरार हो गया। बचाव का रास्ता ढूंढ रही छात्रा ने मकान की दूसरी मंज़िल से छलांग लगा दी, जिससे वह बुरी तरह ज़ख्मी हो गई। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
एसपी ने की पूछताछ
मामले की जानकारी होते ही एसपी केशव चन्द्र गोस्वामी मेडिकल कालेज पहुंचे, उन्होंने छात्रा से जरूरी पूछताछ की। उन्होंने बताया कि तहरीर के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें आरोपी विशाल राठौर को सरगर्मी से तलाश कर रहीं हैं। जल्दी ही आरोपियों को अरेस्ट किया जाएगा।
58वें DG-IG सम्मेलन में शामिल होंगे PM Modi, आज होगी आतंकवाद पर बात
राजस्थान की राजधानी जयपुर में चल रही तीन दिवसीय DG-IG कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन है। ये कांफ्रेंस काफी अहम है। आज के दिन इस कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जयपुर पहुंचे हैं। खबरों की मानें तो इस कांफ्रेंस में साइबर सुरक्षा, इंटरनल सिक्योरिटी, खालिस्तान आतंकवाद जैसे विषयों पर स्पेशल बातचीत होगी। इसके आलावा राजस्थान में कैसे बेहतर कानून व्यवस्था को बनाया जाए इसके लिए विशेष टिप्स दिए जाएंगे।
गृहमंत्री ने किया था उद्घाटन
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में पुलिस महानिदेशकों (DGsP) और पुलिस महानिरीक्षकों (IGsP) के 58वें सम्मेलन का उद्घाटन किया गया था। यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है। आज इस कांफ्रेंस का दूसरा दिन है। इस कॉफ्रेंस में देश भर के 28 राज्यों के डीजी-आईजी और 8 केन्द्र शासित प्रदेशों के आईजी शामिल होंगे। आज इसके दूसरे दिन पीएम मोदी भी कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए जयपुर पहुंच रहे हैं।
इस मामलों पर होगी चर्चा
बता दें कि इस कांफ्रेंस में ह्यूमन ट्रैफिकिंग सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही इस कांफ्रेंस में डेटा गवर्नेंस, साइबर अपराध और आतंकवाद पर चर्चा की जाएगी। खालिस्तानी आतंकवाद को खत्म करने के लिए सभी राज्यों के डीजीपी से सुझाव लिए जाएंगे। वहीं इस विषय पर एनएसए अजीत डोभाल भी अपनी बात रखेंगे।
वहीं आईपीसी के कानूनों को बदलने, सजा को कम या ज्यादा करने पर भी चर्चा की जाएगी जिसके लिए 4 घंटे का समय तय किया गया है। इस कांफ्रेंस में आज प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। देश भर से विभिन्न रैंकों के 500 से अधिक पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन में भागीदारी कर रहे हैं।
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असम में शांति के नए युग का आरंभ, नॉर्थ ईस्ट में उग्रवाद का खात्मा! मोदी सरकार के राज में उल्फा ने डाले हथियार, 40 साल में पहली बार हुआ ऐसा
पूर्वोत्तर में शांति प्रयास की दिशा में शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भारत सरकार का ऐतिहासिक समझौता हुआ. 40 साल में पहली बार सशस्त्र उग्रवादी संगठन उल्फा ने भारत और असम सरकार के साथ शांति समाधान समझौते पर दस्तखत किए. शांति समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उल्फा के अरबिंद राजखोवा नीत वार्ता समर्थक गुट के एक दर्जन से अधिक शीर्ष नेता उपस्थित रहे.
उल्फा यानी यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम के एक धड़े के 20 नेता पिछले एक हफ्ते से दिल्ली में थे और भारत सरकार, असम सरकार के आला अधिकारी इसे समझौते के मसौदे पर राजी करवा रहे थे. उल्फा का यह धड़ा अनूप चेतिया गुट का है, जबकि दूसरा गुट परेश बरुआ की अगुवाई में अब भी सक्रिय है. इस समझौते के बाद पूर्वोत्तर में उग्रवाद समाप्ति की दिशा में भारत सरकार का बहुत बड़ा कदम होगा.
दरसल 2011 से उल्फा के इस गुट ने हथियार नहीं उठाए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब बाकायदा एक शांति समझौते का मसौदा तैयार किया गया है और दोनों पक्षों के नुमाइंदों ने उस पर हस्ताक्षर किया है
कैसे पुलिस कांस्टेबल का बेटा बन गया जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद की डोंगरी टू दुबई की पूरी कहानी
भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी दाउद इब्राहिम को जहर देने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया…
Parliament Security Breach: 100 IPS अफसरों की टीम, 5 राज्यों की पुलिस खंगालेगी आरोपियों का इतिहास
बुधवार को संसद में सुरक्षा में चूक के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां हरकत में आ गई है. सुरक्षा में तैनात 8 सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ-साथ टेरेरिस्ट सेल भी जांच कर रही है. वहीं, आईबी, सीबीआई, एनआईए, रॉ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और फॉरेंसिक जांच एजेंसियां सहित कई राज्यों की पुलिस भी आरोपियों को लेकर दिल्ली पुलिस को इनपुट दे रही है. इस काम में हरियाणा, यूपी, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र पुलिस भी दिल्ली पुलिस को आरोपियों के बारे में इनपुट दे रही है. इसके साथ ही सोशल साइट्स पर आरोपियों की गतिविधियों और इनके मित्रों और पोस्ट को लेकर साइबर एकस्पर्ट्स जानकारी जुटा रहे हैं. बता दें कि दिल्ली पुलिस के 200 से अधिक अधिकारी, जवान और विशेषज्ञ इस काम में लगे हैं. इस काम में राज्यों और एजेंसियों को मिलाकर 100 से अधिक आईपीएस अधिकारी लगे हैं.
दिल्ली पुलिस की बात करें तो सिपाही, सबइंसपेक्टर, इंसपेक्टर और एसीपी स्तर के 200 से अधिक अधिकारी पिछले 24 घंटे से इस काम में लगे हुए हैं. डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, ज्वाइंट सीपी और स्पेशल सीपी लेवल के 25 से ज्यादा आईपीएस अधिकारी जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. बात दें कि पकड़े गए लोगों की पहचान सागर शर्मा, डी मनोरंजन, नीलम देवी, अमोल शिंदे और ललित झा और विक्की के रूप में हुई है. दिल्ली पुलिस के एक बड़े अधिकारी की मानें तो इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ सांसदों सहित 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है. दिल्ली पुलिस ने 5 से ज्यादा लोगों को डिटेन भी कर रखा है. दिल्ली पुलिस के एसीपी स्तर से लेकर स्पेशल सीपी स्तर के 200 से अधिक अधिकारी जांच में जुटे
इन एजेंसियों ने संभाली जांच की जिम्मेदारी
दिल्ली पुलिस के पूर्व ज्वाइंट सीपी एसबीएस त्यागी कहते हैं, सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ी चूक है. दिल्ली पुलिस सबसे पहले एफआईआर दर्ज करेगी. एफआईआर दर्ज करने के बाद इन लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी कि ये लोग कौन हैं और इनका मकसद क्या था. क्या इन लोगों ने संसद भवन के अंदर वैध तरीके से प्रवेश किया? क्या इनका मकसद आतंकवादी हमले को अंजाम देना के था? दिल्ली पुलिस कई धाराओं में इन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर सकती है. जिस भगत सिंह फैन क्लब से जुड़े हैं, उस संगठन के बारे में भी पता लगाया जाएगा.’
देश की संसद के भीतर निचले सदन में सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चूक की घटना ने हर किसी को सकते में डाल दिया. दर्शक दीर्घा से दो लोग लोकसभा में अचानक से कूद गए और नारेबाजी करने लगे. इस दौरान एक युवक ने अपने जूते में से स्मोक क्रैकर निकाला और स्प्रे करना शुरू कर दिया. हालांकि समय रहते सुरक्षाबलों और सांसदों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया.