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अपनी जाति वाले सिपाहियों पर नहीं लेते एक्शन….आरोपों पर ADCP लखन सिंह का बयान

कानपुर पुलिस विभाग में इन दिनों एक लेटर की चर्चा है. सोशल मीडिया पर ये लेटर वायरल हो रहा है. जो हाइवे किनारे एक धर्म कांटा पर चस्पा किया गया था. लेटर किसी सिपाही द्वारा लिखा बताया जा रहा है. इसमें एडीसीपी (अपर पुलिस उपायुक्त) लखन सिंह यादव पर जातिवादी होने के आरोप लगाए हैं. हालांकि, एडीसीपी ने इसे महकमे को बदनाम करने की साजिश बताया है.

लेटर के जरिए एडीसीपी लखन सिंह यादव के ऊपर अपनी जाति के लोगों की तरफदारी करने का आरोप लगाया गया है. इसमें लिखा है कि एडीसीपी अपनी जाति के लोगों को सपोर्ट करते हैं. अगर उनकी जाति का सिपाही उनके पास किसी काम से जाता है तो वह उससे ढंग से मिलते हैं. बाकी लोगों से अभद्रता करते हैं.

कंप्लेंट मिलने पर अपनी जाति के सिपाहियों को वक्त देते हैं, जबकि दूसरी जाति के सिपाहियों पर तत्काल एक्शन ले लेते हैं. यही काम वसूली की शिकायत मिलने पर आरोपी सिपाहियों के साथ किया था. उन्होंने अपनी जाति के आरोपी सिपाही को छोड़ दिया था. जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई.

एडीसीपी ने इस पूरे मामले में क्या कहा?

बता दें कि लखन सिंह यादव कानपुर ईस्ट के एडीसीपी हैं. साथ ही 112 कंट्रोल रूम के भी प्रभारी हैं. इस मामले पर उनका कहना है कि 112 कंट्रोल रूम का प्रभारी बनने के बाद हाइवे पर वसूली की शिकायत मिलने पर कई पुलिसकर्मियों पर एक्शन लिया है.

पिछले दिनों भी शिकायत मिलने पर कई पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है. यह उन्हीं में से किसी की शरारत लगती है. जहां पर लेटर चस्पा मिला है वहां पर कोई सीसीटीवी नहीं है. फिर भी इस मामले की हम जांच कर रहे हैं. पुलिस विभाग में अनुशासन होता है.  किसी को कोई शिकायत है तो सीनियर के पास जा सकता है.

बकौल लखन सिंह- इस तरह की भाषा लिखकर पुलिस विभाग को बदनाम करना, अधिकारियों को बदनाम करना, यह गलत है. मेरे ऊपर जो जातिवाद के आरोप अब लगाए गए हैं ऐसा अभी तक किसी ने कहा नहीं. कानपुर में मेरे ऊपर डिप्टी जॉइंट कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर भी हैं. अगर किसी को कोई शिकायत हो है उनसे मेरी शिकायत कर सकता है. फिलहाल, इस मामले की जांच कराई जा रही है. जिसका भी यह काम होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी.

उन्नाव SP ऑफिस में आत्मदाह करने वाले युवक की इलाज के बाद मौत, CO-SHO पर गिरी गाज

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खाकी वर्दी का दरोगा ने दिखाया खूब रौब: गरीब पर भी न आया तरस

वर्दी के नशे में चूर दरोगा ने एक टेंपो चालक के साथ अभद्रता की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वहीं, वीडियो वायरल होने पर एसपी सिटी ने जांच शुरू करा दी है।

वीडियो वायरल होने पर हरकत में आए अफसर

मुजफ्फरनगर में चरथावल बस स्टैंड पर जाम खुलवाने के दौरान कस्बा प्रभारी ने चालक को टेंपो से खींचकर अभद्रता की। वहीं, वीडियो वायरल होने पर एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने जांच शुरू करा दी।

कस्बे में चरथावल-थानाभवन मार्ग पर बस स्टैंड है। यहां दुकानदारों का मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण, फलों के ठेलों एवं पाइप लाइन बिछने के कार्य से अक्सर जाम रहता है। गन्ने के ओवरलोड़ ट्रकों एवं ट्रॉलों ने हालात ज्यादा खराब कर दिए है। बस स्टैंड पर जाम से मुक्ति दिलाने के लिए थाने से दरोगा एवं होमगार्ड को ड्यूटी पर लगाया गया है।
बताया कि वाहनों के साथ ही सड़क के बीच में टेंपो आने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर होमगार्ड ने चालक से टेंपो हटवाकर साइड में लगवा दिया। आरोप है कि कस्बा प्रभारी दरोगा ने टेंपो से खींच कर चालक को डांटा फटकारा और नसीहत दी। अभद्रता भी की। घटना पास में लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई। इसके बाद यह वीडियो किसी ने वायरल कर दिया।

थाना प्रभारी ओपी सिंह ने बताया कि मामले में किसी पीड़ित की कोई शिकायत नहीं मिली है। जाम खुलवाने के लिए चालक को डांटने की बात सामने आई है। उधर, एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सीओ सदर को वीडियो की जांच करने के आदेश दिए हैं।

तो क्या CM के महिला सुरक्षा वाले हुए फेल, महिला जज के बाद अब IPS ने ADG और IG पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप, डीजीपी तक भी जा पहुंचा मामला

उत्तर प्रदेश की महिला जज की शारीरिक शोषण शिकायत और सीजेआई से इच्छामृत्यु मांगने का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। दूसरी तरफ अब यूपी में तैनात महिला आईपीएस से साथ प्रताड़ना का मामला सामने आया है। प्रदेश की महिला IPS ने अपनी इकाई के एडीजी और आईजी के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना की गंभीर शिकायत की है। शिकायत के बाद से ही महिला अफसर निजी कारणों का हवाला देकर लंबी छुट्टी पर हैं। डीजीपी ने महिला डीजी को मामले की जांच सौंपी है। आरोपित अफसरों के खिलाफ जांच चल रही है।

महिला अफसर की शिकायत में उनके दो वरिष्ठ अफसरों पर गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि दोनों अफसर लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। अफसरों द्वारा उनके कार्यक्षेत्र में बेवजह अड़चन पैदा की जा रही थी। जाति को लेकर भी टिप्पणियां की गईं। आरोप है कि महकमे की महिला हेड कॉन्स्टेबल के साथ हुई वारदात को लेकर दोनों अफसरों ने महिला अफसर के साथ काफी अभद्रता की, जबकि हेड कॉन्स्टेबल के साथ हुई वारदात महिला अफसर के कार्यक्षेत्र की नहीं थी।

डीजीपी ने बैठाई जांच

महिला आईपीएस का आरोप है कि दोनों अधिकारी विभागीय कार्यों में उन्हें बाईपास करके उनके जूनियर अफसरों से समन्वय कर रहे थे। प्रताड़ना बढ़ने के बाद महिला अफसर ने डीजीपी से मामले की शिकायत की। इसके बाद डीजीपी ने मामले की जांच डीजी स्तर की महिला अफसर को सौंप दी है।

Parliament Security Breach: 100 IPS अफसरों की टीम, 5 राज्‍यों की पुलिस खंगालेगी आरोपियों का इतिहास

बुधवार को संसद में सुरक्षा में चूक के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियां हरकत में आ गई है. सुरक्षा में तैनात 8 सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ-साथ टेरेरिस्ट सेल भी जांच कर रही है. वहीं, आईबी, सीबीआई, एनआईए, रॉ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और फॉरेंसिक जांच एजेंसियां सहित कई राज्यों की पुलिस भी आरोपियों को लेकर दिल्ली पुलिस को इनपुट दे रही है. इस काम में हरियाणा, यूपी, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र पुलिस भी दिल्ली पुलिस को आरोपियों के बारे में इनपुट दे रही है. इसके साथ ही सोशल साइट्स पर आरोपियों की गतिविधियों और इनके मित्रों और पोस्ट को लेकर साइबर एकस्पर्ट्स जानकारी जुटा रहे हैं. बता दें कि दिल्ली पुलिस के 200 से अधिक अधिकारी, जवान और विशेषज्ञ इस काम में लगे हैं. इस काम में राज्यों और एजेंसियों को मिलाकर 100 से अधिक आईपीएस अधिकारी लगे हैं.

दिल्ली पुलिस की बात करें तो सिपाही, सबइंसपेक्टर, इंसपेक्टर और एसीपी स्तर के 200 से अधिक अधिकारी पिछले 24 घंटे से इस काम में लगे हुए हैं. डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, ज्वाइंट सीपी और स्पेशल सीपी लेवल के 25 से ज्यादा आईपीएस अधिकारी जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. बात दें कि पकड़े गए लोगों की पहचान सागर शर्मा, डी मनोरंजन, नीलम देवी, अमोल शिंदे और ललित झा और विक्की के रूप में हुई है. दिल्ली पुलिस के एक बड़े अधिकारी की मानें तो इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ सांसदों सहित 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है. दिल्ली पुलिस ने 5 से ज्यादा लोगों को डिटेन भी कर रखा है. दिल्ली पुलिस के एसीपी स्तर से लेकर स्पेशल सीपी स्तर के 200 से अधिक अधिकारी जांच में जुटे

इन एजेंसियों ने संभाली जांच की जिम्मेदारी

दिल्ली पुलिस के पूर्व ज्वाइंट सीपी एसबीएस त्यागी कहते हैं, सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ी चूक है. दिल्ली पुलिस सबसे पहले एफआईआर दर्ज करेगी. एफआईआर दर्ज करने के बाद इन लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी कि ये लोग कौन हैं और इनका मकसद क्या था. क्या इन लोगों ने संसद भवन के अंदर वैध तरीके से प्रवेश किया? क्या इनका मकसद आतंकवादी हमले को अंजाम देना के था? दिल्ली पुलिस कई धाराओं में इन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर सकती है. जिस भगत सिंह फैन क्लब से जुड़े हैं, उस संगठन के बारे में भी पता लगाया जाएगा.’

देश की संसद के भीतर निचले सदन में सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चूक की घटना ने हर किसी को सकते में डाल दिया. दर्शक दीर्घा से दो लोग लोकसभा में अचानक से कूद गए और नारेबाजी करने लगे. इस दौरान एक युवक ने अपने जूते में से स्मोक क्रैकर निकाला और स्प्रे करना शुरू कर दिया. हालांकि समय रहते सुरक्षाबलों और सांसदों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया.

सिपाही ने किया वर्दी को दागदार , शादी का झांसा फिर किया रेप…अब खेला वसूली का खेल

जिले में वर्दी एक बार फिर दागदार हुई है। जानकारी के मुताबिक परिषदीय विद्यालय में तैनात महिला शिक्षक के साथ सोनभद्र के रहने वाले सिपाही द्वारा दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। सिपाही वीडियो प्रसारित करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की मांग कर रहा है। पीड़िता ने पहले कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर शुक्रवार को एसपी से मुलाकात की।

कोतवाली पुलिस नही की कारवाई, SP ने दिया निर्देश

एसपी ने कोतवाली पुलिस को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। महुआडीह थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। साथ ही शहर के एक मोहल्ले में किराये की मकान में रहती है। आरोप है कि 2021 में ऑनलाइन वेबसाइट से महिला शिक्षक का नंबर निकाल कर सोनभद्र के राबर्टसगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला एक युवक शादी के लिए बातचीत करने लगा। युवक वाराणसी में उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात है।
शादी का झांसा देकर दो साल से कर रहा दुष्कर्म
महिला शिक्षक का कहना है कि 11 नवंबर 2021 को फोन कर वह देवरिया आ गया और मेरे कमरे पर पहुंच गया। इसके बाद नशीली दवा खिलाकर दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी हुई तो उसने आरोपित युवक से बातचीत की। उसने शादी का झांसा देता रहा। अब शादी करने से इनकार कर दिया।
50 हजार वसूल चुका, पांच लाख रुपये की मांग कर रहा

साथ ही वीडियो प्रसारित करने की पहले से ही धमकी देता रहा है। उसके फोन पे पर 50 हजार रुपये अभी तक महिला शिक्षक भेज चुकी है। इन दिनों पांच लाख रुपये की मांग कर रहा है, न देने पर वीडियो प्रसारित करने की धमकी दे रहा है। कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।