यूपी में साइबर अपराधियों पर बड़ा एक्शन, ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ शुरू, DGP ने दी जानकारी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए राज्यभर में विशेष अभियान ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ की शुरुआत की है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान इस अभियान का शुभारंभ किया। 14 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, ऑनलाइन ठगी के पीड़ितों की रकम वापस दिलाने और आम लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

डीजीपी ने दी जानकारी

समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए करीब 2.94 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबर और 1.81 लाख मोबाइल उपकरण ब्लॉक कराए गए हैं। इसके अलावा समय रहते कार्रवाई करते हुए साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के लगभग 530 करोड़ रुपये अपराधियों तक पहुंचने से पहले ही रोक दिए गए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी या अन्य कारणों से लंबित साइबर शिकायतों का जल्द निस्तारण कर उन्हें ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड किया जाए। डीजीपी ने कहा कि गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा विकसित मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) और ग्रीवेंस रिड्रेसल मॉड्यूल (GRM) के माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ितों की राशि तेजी से वापस कराई जा रही है।

बिना एफआईआर होगी कार्रवाई

राजीव कृष्ण ने बताया कि एमआरएम पोर्टल की मदद से 50 हजार रुपये तक की ठगी की रकम बिना एफआईआर दर्ज किए पीड़ित को वापस कराई जा सकती है। हालांकि इससे अधिक राशि की वापसी के लिए एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को इन सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।

डीजीपी ने साइबर अपराध से जुड़े पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बदलते साइबर अपराध के तरीकों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस बल का तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है। बैठक में डीजी साइबर क्राइम बीके सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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