मेरठ में चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे के कथित दुर्व्यवहार का मामला सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एसएसपी बंदी वाहन के अंदर मौजूद प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारते और धक्का-मुक्की करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं और मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ता जा रहा है।
ये था मामला
जानकारी के मुताबिक, ललिता गौतम हत्याकांड में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर धरना दे रहे थे। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्हें हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया।
इसी कार्रवाई के दौरान सामने आए वीडियो में एसएसपी अविनाश पांडे बंदी वाहन के भीतर मौजूद प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस कार्रवाई की आलोचना शुरू कर दी। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि न्याय की मांग कर रहे लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार कितना उचित है।
अखिलेश यादव ने शेयर किया वीडियो
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी वीडियो साझा कर सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग कर रहे लोगों और पीड़ित परिवार के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय है। उनका आरोप है कि पुलिस जनता की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है।
वहीं, मेरठ पुलिस का कहना है कि ललिता गौतम हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। हालांकि, वायरल वीडियो के बाद एसएसपी की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।