आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ कई स्थानों पर व्यापक अभियान चलाया। पुलिस आयुक्त (CP) दीपक कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन के तहत शहर और आसपास के करीब 100 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान 60 से अधिक लोगों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
इसलिए शुरू हुआ अभियान
पुलिस के मुताबिक, पिछले कुछ समय से साइबर ठगी की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के 13 राज्यों से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों से भी इनके संबंध होने के संकेत मिले हैं।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि जांच के दौरान अब तक करीब 50 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा जांच एजेंसियों को मनी ट्रेल और विदेशी कनेक्शन से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
अफसरों ने दी जानकारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों और पूरे साइबर नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। डिजिटल उपकरण, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस लोगों से भी अपील कर रही है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन के झांसे में न आएं और साइबर ठगी की शिकायत तुरंत संबंधित अधिकारियों या साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।