मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय अचानक राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गए हैं। प्रदर्शन के दौरान बंदी वाहन में मौजूद एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके नाम को लेकर लोगों में काफी चर्चा हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर मेरठ के SSP अविनाश पांडेय कौन हैं और उनका अब तक का पुलिस करियर कैसा रहा है।
कौन हैं एसएसपी?
अविनाश पांडेय वर्ष 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। मेरठ की जिम्मेदारी संभालने से पहले उनकी तैनाती लखनऊ स्थित स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) में थी। इसके अलावा वह गाजियाबाद में एसपी सिटी और मेरठ में एसपी देहात जैसे अहम पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भी उन्होंने कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाई थी।
उनका नाम उस समय भी चर्चा में आया था, जब पंजाब में पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले के बाद पीलीभीत पहुंचे तीन कथित खालिस्तानी आतंकियों के एनकाउंटर की कार्रवाई में उनकी भूमिका सुर्खियों में रही थी। उस अभियान के बाद उन्हें एक सख्त और एक्शन लेने वाले पुलिस अधिकारी के तौर पर देखा गया।
5 महीने पहले आए मेरठ
करीब पांच महीने पहले ही अविनाश पांडेय ने मेरठ के SSP का पदभार संभाला था। हालांकि, इस बार उनकी चर्चा किसी पुलिस ऑपरेशन की वजह से नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो को लेकर हो रही है। वीडियो में वह बंदी वाहन के अंदर मौजूद एक प्रदर्शनकारी पर हाथ उठाते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने उनकी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद SSP अविनाश पांडेय एक बार फिर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं।