झांसी में मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ागांव गेट चौकी इंचार्ज ओमकार और सिपाही शशांक त्रिपाठी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर सदर थाने लाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
ये था मामला
जानकारी के अनुसार, सुभाषगंज निवासी किराना व्यापारी संजीव राय और उनके पुत्रों के खिलाफ अप्रैल माह में मारपीट का एक मुकदमा कोतवाली में दर्ज हुआ था। आरोप है कि इस मामले से उनके नाम हटाने के एवज में बड़ागांव गेट चौकी की पुलिस लगातार रिश्वत की मांग कर रही थी। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि इससे पहले उनसे 60 हजार रुपये भी वसूले जा चुके थे। लगातार हो रही मांग से परेशान होकर संजीव राय ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की।
शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही चौकी परिसर में 10 हजार रुपये की रिश्वत ली गई, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी इंचार्ज और सिपाही को रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई कार्रवाई से चौकी परिसर में हड़कंप मच गया।
हो रही पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों को सदर थाने लाकर पूछताछ की गई। अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, पुलिस विभाग में भी इस घटना के बाद चर्चा का माहौल है।