आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और डिप्टी स्टेशन मास्टर (डीएसएम) के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित मारपीट तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के दो एएसआई और दो कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के प्लेटफॉर्म से रवाना होने के दौरान एक महिला यात्री नीचे उतर गई थी। जब ट्रेन चलने लगी तो वह दोबारा उसमें चढ़ने की कोशिश करने लगी। स्थिति को देखते हुए डिप्टी स्टेशन मास्टर ने संभावित हादसे से बचाने के लिए गार्ड से संपर्क कर ट्रेन रुकवाने की बात कही। दूसरी ओर, आरपीएफ का कहना था कि ट्रेन को चेन पुलिंग के कारण रोका गया और इसी आरोप में एक दंपती से पूछताछ की जा रही थी।
इसी मुद्दे को लेकर डीएसएम और आरपीएफ कर्मियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई और डीएसएम के साथ कथित मारपीट की गई। आरोप है कि उन्हें प्लेटफॉर्म पर खींचते हुए ले जाने की भी कोशिश की गई। घटना से स्टेशन पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
कई अफसरों पर कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर आरपीएफ के चार कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, रेलवे प्रशासन ने सभी पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।