मथुरा के सिविल लाइन स्थित केनरा बैंक में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मृत मुख्य आरक्षी अजीत कुमार का रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों को सौंपा गया, जिसके बाद ध्रुव घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
शनिवार को हुआ हादसा
मुख्य आरक्षी अजीत कुमार एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र के गदुआ गांव के रहने वाले थे। उनकी करीब 20 दिन पहले ही बैंक की सुरक्षा ड्यूटी में तैनाती की गई थी। शनिवार रात ड्यूटी के दौरान बैंक के गार्ड रूम से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचे साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें गंभीर रूप से घायल पाया और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता ने कहा ये
अजीत के पिता रमेश यादव, जो सेना से सेवानिवृत्त हैं, ने बताया कि उनका बेटा पिछले एक सप्ताह से पहले की अपेक्षा कम बातचीत कर रहा था। हालांकि उसने किसी प्रकार की परेशानी या तनाव की बात परिवार से साझा नहीं की थी। वहीं, परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि गोली दुर्घटनावश चली, मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और रायफल की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने परिवार को दूसरी बार गहरा सदमा दिया है। जानकारी के अनुसार, करीब चार वर्ष पहले अजीत के छोटे भाई विक्रम, जो पुलिस विभाग में ही तैनात थे, ने भी फंदा लगाकर जान दे दी थी। लगातार दूसरी पारिवारिक त्रासदी से परिवार शोक में डूबा हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।