गोरखपुर पुलिस विभाग ड्यूटी आवंटन की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जल्द ही थानों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी किसी व्यक्ति की बजाय डिजिटल सॉफ्टवेयर के माध्यम से तय होगी। इस नई व्यवस्था का मकसद ड्यूटी वितरण को पूरी तरह पारदर्शी, संतुलित और निष्पक्ष बनाना है, ताकि सभी पुलिसकर्मियों को बराबर अवसर मिल सकें।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, पुलिस विभाग एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है, जिसमें प्रत्येक पुलिसकर्मी का सेवा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज रहेगा। इसमें उसकी वर्तमान तैनाती, पद, छुट्टी की स्थिति, पहले निभाई गई जिम्मेदारियां और उपलब्धता जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सिस्टम रोजाना स्वतः ड्यूटी सूची तैयार करेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी एक कर्मचारी पर लगातार नाइट ड्यूटी, गश्त या अन्य कठिन जिम्मेदारियां आने की संभावना काफी कम हो जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी अवकाश पर होगा या पहले से किसी विशेष कार्य में लगा होगा, तो सॉफ्टवेयर स्वतः अगले उपलब्ध कर्मचारी को जिम्मेदारी सौंप देगा। इससे ड्यूटी का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
फिलहाल कई थानों में ड्यूटी तय करने की प्रक्रिया मैनुअल है, जिसके चलते समय-समय पर असमान जिम्मेदारियां मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद प्रत्येक ड्यूटी का ऑनलाइन रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। वरिष्ठ अधिकारी कभी भी यह देख सकेंगे कि किस कर्मचारी ने कितनी बार कौन-सी जिम्मेदारी निभाई है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बदलाव भी कर सकेंगे।
31 थानों में तैनात पुलिसकर्मी
गोरखपुर जिले के 31 थानों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। ऐसे में यह तकनीकी पहल न केवल प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाएगी, बल्कि पुलिस बल के भीतर निष्पक्षता और जवाबदेही को भी मजबूत करेगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में अन्य जिलों में भी इस तरह की व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।