वाराणसी में होने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने एक विशेष टीम तैयार की है। पांच दिनों के विशेष प्रशिक्षण के बाद 122 पुलिसकर्मियों को वीवीआईपी और वीआईपी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार किया गया है। इन पुलिसकर्मियों को केवल पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का भी प्रशिक्षण दिया गया है।
पुलिस लाइन में आयोजित हुआ था कार्यक्रम
पुलिस लाइन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप निरीक्षक और आरक्षी स्तर के पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें संवेदनशील परिस्थितियों में सुरक्षा प्रबंधन, वीआईपी मूवमेंट की रणनीति, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) की भूमिका और भीड़ नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसके अलावा ड्रोन से संभावित खतरे और एंटी-ड्रोन सिस्टम के उपयोग की भी ट्रेनिंग कराई गई, ताकि बदलती सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन पुलिसकर्मियों को काशी में होने वाले बड़े धार्मिक, सरकारी और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में तैनात किया जाएगा। विशेष बात यह है कि 122 प्रशिक्षित पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में सुरक्षा घेरा संभालेंगे, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर बिना ध्यान आकर्षित किए नजर रखी जा सके। वहीं, 30 महिला उप निरीक्षक विशेष ब्लेजर पहनकर सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनेंगी।
सीपी ने कहा ये
प्रशिक्षण के समापन पर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक दौर में सुरक्षा व्यवस्था केवल हथियारों तक सीमित नहीं रह गई है। तकनीक की समझ, त्वरित निर्णय क्षमता और समन्वय ही किसी भी सुरक्षा अभियान की सफलता तय करते हैं। उन्होंने कहा कि इस नई टीम के तैयार होने से काशी में आने वाले विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा पुलिस किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पहले से बेहतर तरीके से तैयार रहेगी।