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अपनी पहली प्रेस वार्ता में DGP ने गिनाईं अपनी प्राथमिकताएं, कहा- जनता के साथ मिलकर काम करेगी UP Police

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एक बार फिर सुर्खियों में UP Police की रिवॉल्वर रानी, अब ससुरालवाले कर रहे परेशान

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UP Police के चौथे कार्यवाहक DGP बने प्रशांत कुमार, जानें इनके बारे में…

और इसी के साथ एक बार फिर से यूपी पुलिस को नया कार्यवाहक मुखिया मिल गया। दरअसल, अब यूपी पुलिस की कमान स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को सौंपी गई है। वो विभाग के चौथे कार्यवाहक डीजीपी बन गए हैं। आपको बता दें कि आज विभाग के तीसरे कार्यवाहक डीजीपी विजय कुमार रिटायर हो रहे हैं, ऐसे में उनकी जगह ये जिम्मेदारी अब आईपीएस प्रशांत कुमार को दी गई है।

कौन हैं आईपीएस प्रशांत कुमार

जानकारी के मुताबिक, स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को हाल ही में चौथी बार गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। वो प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है।

प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है। बतौर आईपीएस प्रशांत कुमार का चयन जब हुआ था तो उन्हें तमिलनाडु कैडर मिला था। हालांकि 1994 में यूपी कैडर की आईएएस डिम्पल वर्मा से शादी के बाद वह यूपी कैडर में ट्रांसफर हो गए। इस वक्त वो बतौर स्पेशल डीजी यूपी पुलिस में तैनात हैं। अपने कार्यकाल में वो अब तक 300 से ज़्यादा बदमाशों से भिड़ चुके हैं।

ये भी थे रेस में

खबर थी कि, इस बार डीजीपी के पद की जिम्मेदारी आईपीएस आनंद कुमार को दी जा सकती है क्योंकि आनंद कुमार इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही योगी सरकार में उन्होंने लंबे समय तक एडीजी एलओ का कार्यभार बेहतर ढंग से संभाला था। इसके साथ ही दूसरे नंबर पर 1989 बैच के पीवी रामा शास्त्री और तीसरे नंबर पर 1990 बैच के आईपीएस एसएन साबत थे। वर्तमान समय में आईपीएस रामा शास्त्री इस समय प्रतिनियुक्ति पर डीजीपी पीएसएफ हैं। वह एडीजी लॉ एंड ऑर्डर रह चुके हैं। वहीं एसएन साबत इस समय डीजी जेल के पद पर कार्यरत हैं।

जानें कौन हैं IPS रवीना त्यागी, जिन्हें Lucknow पुलिस कमिश्नरेट में मिला DCP का पद

इस साल की शुरुआत में ही आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव का सिलसिला जारी हो गया था। इसकी एक वजह है कि कुछ ही समय में चुनाव होने को हैं, ऐसे में प्रशासन हर वो पुख्ता कदम उठा रहा है, जिसकी वजह से चुनाव सकुशल संपन्न होंगे। इसी क्रम में बीती शाम भी तबादला हुआ। इस तबादला लिस्ट में आईपीएस रवीना त्यागी का नाम शामिल है। IPS रवीना त्यागी 2014 कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में बेहद कामयाब अफसर रहीं थीं। लोगों को उनका काम काफी ज्यादा पसंद था। अब उन्हें एक बार फिर से फील्ड पर भेजा गया है।

लोगों को पसंद है उनकी कार्यशैली

जानकारी के मुताबिक, रवीना त्यागी 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई महर्षि विद्या मंदिर भोपाल से की। 12वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं दी। इसके बाद जेपी इंस्टीटयूट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी नोएडा से बीटेक बायोटेक्नोलॉजी से किया है। इसके बाद उन्होंने सिविल की तैयारी की। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने सफलता हासिल की। 2014 में उनकी सिविल सर्विसेज में 170वीं रैंक थी।

उनकी पहली पोस्टिंग एएसपी के पद पर मुरादाबाद में हुई थी। मुरादाबाद में मनचलों ने स्कूल और कॉलेजों के बाहर जमावड़ा लगाना बंद कर दिया था। इसके बाद आईपीएस रवीना त्यागी जब 2018 में कानपुर साउथ की एसपी बनी थीं। उस समय उन्होंने स्कूल, कॉलेजों के बाहर एक पेटी लगवाई थी, जिसमें छात्राएं और महिलाएं अपनी समस्याओं को लिखकर उस पेटी में डाल सकती थीं। उनके इसी काम की वजह से लोगों को उनकी कार्यशैली काफी पसंद आई थी।

अब फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी

कानपुर जिले में तैनाती के बाद कुछ समय पहले आईपीएस रवीना त्यागी को पुलिस अधीक्षक महिला और बाल सुरक्षा संगठन के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई थी। कानपुर से उनके तबादले की खबर आने के बाद हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने सीपी आरके स्वर्णकार से आईपीएस रवीना त्यागी के ट्रांसफर पर रोक लगाने की मांग की है।

अब एक बार फिर से रवीना त्यागी को फील्ड पर उतारा गया है। उन्हें अब लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का डीसीपी बनाया गया है। ऐसे में एक बार फिर से चुनाव आने से पहले प्रशासन ने उन पर भरोसा दिलाया है।

कौशांबी: सिपाही को अंतिम विदाई देने पुलिस लाइन पहुंचे IG, परिवार को दी सांत्वना

हाल ही में यूपी के कौशांबी जिले में एक ऑन ड्यूटी सिपाही को चोरों ने अपनी गाड़ी से कुचल दिया। सिपाही को तत्काल ही अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर दिया। आज सुबह सिपाही को अंतिम विदाई देने के लिए उनके पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन लाया गया। जहां आईजी प्रयागराज परिक्षेत्र, प्रयागराज और एसपी समेत अफसरों और अन्य पुलिसकर्मियों ने अपने साथी को अंतिम विदाई दी। फिलहाल चोरों की तलाश के लिए पुलिस की टीम लगी है।

सिपाही को रौंद कर निकले बदमाश

जानकारी के मुताबिक, सराय अकिल थाना क्षेत्र के बजहां गांव के रहने वाले राहुल ने रविवार की रात करीब 2:00 बजे पुलिस को सूचना दी कि उसके घर का ताला तोड़कर तीन बकरा चोरी कर बदमाश भाग रहे हैं। ऐसे में सिपाही अवनीश दुबे ने बैरीकेडिंग लगाकर बदमाशों को रोकने की कोशिश की। सिपाही की कोशिश उस वक्त विफल हो गई, जब बदमाश उन्हें रोंदते हुए निकल गए।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि, इस हादसे में सिपाही गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जैस ही सिपाही के निधन की खबर पुलिसकर्मियों को लगी, जिला विभाद में खलबली मच गई।

अफसरों ने दी अंतिम विदाई

पोस्टमॉर्टम के बाद सिपाही अवनीश दुबे के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन्स में आईजी प्रयागराज परिक्षेत्र, प्रयागराज व एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी अशोक कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारियो तथा सिपाही के परिजनों द्वारा फूल माला से भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही अधिकारियो द्वारा कंधा देकर अन्तिम विदाई दी गई एवं परिजनों को सांत्वना देकर हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया गया।

UP के इस जिले में 60 किमी तक नहीं था कोई थाना, अब होगा चौकी का निर्माण, शासन ने दी मंजूरी

यूपी में अपराध को कम करने और अपराधियों को सबक सिखाने के लिए लगातार प्रशासन कुछ ना कुछ कदम उठाते रहते हैं। इसी क्रम में उन सभी जगहों पर चौकियों और थाने का निर्माण किया जा रहा है, जहां पुलिसकर्मी नहीं रहते है। इसी के चलते अब हमीरपुर जिले में पुलिस विभाग की सिफारिश पर शासन ने थाना जरिया के उमरिया गांव में पुलिस चौकी बनाने की स्वीकृति प्रदान की है। रिपोर्ट्स की मानें तो इस इलाके में 60 किमी तक कोई थाना नहीं था, इसलिए विभाग ने ये सिफारिश की थी।

तेजी से शुरू हुआ काम

जानकारी के मुताबिक, हमीरपुर जिले में राठ-बिंवार मुख्य मार्ग की लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर कोई पुलिस चौकी या थाना नहीं है। थाना जलालपुर इस मार्ग से हटकर बेतवा नदी के पास स्थित है। इसका लाभ अपराधियों को मिलना स्वाभाविक है। यही कारण है कि पुलिस ने उमरिया गांव में पुलिस चौकी स्थापित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था।

हाल ही में शासन की तरफ से यहां पुलिस चौकी के निर्माण की मंजूरी मिली है। ऐसे में अब यहां काम तेजी से शुरू हो गया है। बीते कुछ दिनों में जरिया थाना पुलिस ने गांव में भूमि का चिह्नीकरण किया और निर्माण के लिए सीमांकन भी कराया है।

जल्द होगा निर्माण

इंस्पेक्टर प्रिंस दीक्षित ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद उमरिया गांव में पुलिस चौकी के नाम भूमि दर्ज कागजात करा ली गई है और सीमांकन कराया गया। शीघ्र ही निर्माण कार्य कराया जाएगा। जैसे ही यहां पुलिस चौकी का निर्माण हो जाएगा तो अपराध पर अंकुश लगाना भी आसान रहेगा।

अयोध्या पहुंचे CM योगी ने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्था का लिया जायजा, पुलिस अफसरों को दिए निर्देश

अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए हर रोज लाखों लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए हैं। पुलिस प्रशासन के हर कदम पर खुद प्रदेश के मुखिया सीएम योगी और प्रदेश के बड़े अफसर नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे। राम मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के साथ निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया। इस दौरान वहीं यूपी पुलिस के स्पेशल डीजी भी मौजूद रहे।

सीएम ने लिया जायजा

जानकारी के मुताबिक, आज अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने पुष्प अर्जित किए और साथ ही आरती करके भगवान का आशीर्वाद लिया। सीएम योगी इसके बाद अयोध्या में राम मंदिर पहुंचे।

अपने दौरे के दौरान सीएम योगी ने रामलला के दर्शन के लिए आ रहे श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्था का जायजा लिया। राम मंदिर में भक्तों के लिए की गई व्यवस्थाओं का सीएम योगी ने निरीक्षण किया।

स्पेशल डीजी रहे मौजूद

इस दौरान उन्होंने यूपी पुलिस के स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को पुलिस व्यवस्था और कड़ी बनाए रखने के आदेश जारी किए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी भक्त को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।