बिजनौर। नांगल थाना पुलिस की एक टीम को गुरुग्राम में दबिश देना भारी पड़ गया। दूसरे राज्य में आरोपी की तलाश के लिए गई पुलिस टीम ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी। मामला सामने आने के बाद एसपी केके बिश्नोई ने कार्रवाई करते हुए एक दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
ये है मामला
दरअसल, नांगल थाना क्षेत्र के तिसोतरा गांव में एक अगस्त को महिला के घर के बाहर फायरिंग हुई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में पंकज नाम के आरोपी की गिरफ्तारी बाकी थी। जांच में उसकी मौजूदगी गुरुग्राम में मिलने के बाद नांगल थाने की टीम वहां पहुंची।
पुलिस टीम गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित उस कमरे तक पहुंची, जहां पंकज के रहने की जानकारी थी। बताया गया कि टीम के पहुंचते ही कमरे में मौजूद लोगों को पुलिस की भनक लग गई। इसी दौरान दिकेंदर उर्फ डीके बाथरूम में चला गया। पुलिस के मुताबिक, उसने वहां कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई और आगे की कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस ने पंकज को गिरफ्तार कर लिया।
घटना के बाद बिजनौर पुलिस अधिकारियों ने टीम की कार्रवाई की समीक्षा की। जांच में सामने आया कि टीम ने गुरुग्राम जाने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी थी। एसपी केके बिश्नोई ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना। इसके बाद टीम में शामिल दरोगा और चार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
संदेश है साफ
एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में यह संदेश गया है कि किसी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दूसरे राज्य में कार्रवाई करने से पहले विभागीय स्तर पर सूचना और समन्वय जरूरी है। अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर भी एसपी ने सख्ती बरतने का संकेत दिया है।