शामली: हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद फरार चल रहे दो कथित शूटर सोमवार सुबह शामली में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। दोनों की पहचान सोनीपत निवासी सुमित और मोहित के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे गोगी गैंग से जुड़े हुए थे।
कब हुई मुठभेड़
मुठभेड़ शामली के औद्योगिक क्षेत्र में उस वक्त हुई, जब पुलिस को दोनों के वहां से गुजरने की सूचना मिली। बताया जा रहा है कि दोनों शूटर अंकित की हत्या के बाद लगातार ठिकाने बदल रहे थे और सोनीपत पहुंचने की कोशिश में थे। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर बदमाशों ने गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
फायरिंग के दौरान दोनों बदमाश घायल हो गए। पुलिस उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से पुलिस ने हथियार और अन्य सामान बरामद किए हैं। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की एक गाड़ी में भी गोली लगने की जानकारी सामने आई है।
हत्या के बाद से पुलिस के रडार पर थे
अंकित बालियान की हत्या की जांच के दौरान पुलिस को शूटरों के भागने के रूट से जुड़े सुराग मिले थे। सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बागपत और लोनी की दिशा में उनकी तलाश शुरू की थी। इसी दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक, अंकित हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों की संख्या चार थी। इनमें सुमित और मोहित अब मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। बाकी दो आरोपियों आर्यन और सत्यम की तलाश जारी है। पुलिस टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों मारे गए आरोपियों की भूमिका अंकित बालियान हत्याकांड में सामने आई थी। अब जांच का फोकस फरार दोनों शूटरों तक पहुंचने और पूरी वारदात के पीछे की साजिश की कड़ियों को जोड़ने पर है।