अंकित बालियान हत्याकांड पर DGP राजीव कृष्ण का बड़ा बयान, विदेश में बैठे अपराधियों को भी दी चेतावनी

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शामली में हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड के दो आरोपियों के एनकाउंटर के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जांच से जुड़े कई अहम बिंदु सामने रखे। उन्होंने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश से बाहर बैठकर अपराध करने या पुलिस कार्रवाई से बचने का भ्रम अपराधी न पालें। जो भी इस मामले में शामिल है, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।

11 पुलिस अधिकारियों ने संभाली जांच

डीजीपी ने बताया कि अंकित की हत्या अचानक नहीं की गई थी। वारदात से पहले शूटरों ने उसकी गतिविधियों की रेकी की थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इसके लिए दो शूटर शामली के सूर्या होटल में ठहरे थे। होटल के सीसीटीवी फुटेज में एनकाउंटर में मारे गए मोहित और सुमित दिखाई दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों 20 अगस्त को होटल पहुंचे और 20-21 अगस्त के दौरान अंकित के मूवमेंट पर नजर रखी।

राजीव कृष्ण ने बताया कि होटल में ठहरने के दौरान दोनों ने आधार कार्ड के जरिए कमरा लिया था और भुगतान भी किया था। यानी पुलिस के हाथ होटल से जुड़ा रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज भी लगा है। फिलहाल सूर्या होटल बंद है।

डीजीपी के मुताबिक, हत्याकांड के खुलासे के लिए 11 पुलिस अधिकारियों को जांच में लगाया गया था। जांच में यह भी पता चला कि वारदात में शामिल चारों शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। पुलिस को हत्याकांड में गोगी गैंग की भूमिका के भी सबूत मिले हैं।

जेल और विदेश में बैठे आरोपियों पर भी नजर

डीजीपी ने कहा कि इस मामले से जुड़े कुछ अपराधी जेल में हैं, जबकि कुछ विदेश में बैठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी अपराधी को सिर्फ इसलिए राहत नहीं मिलेगी कि वह यूपी से बाहर है। पुलिस सभी आरोपियों को कानून की जद में लाने के लिए कार्रवाई करेगी।

राजीव कृष्ण ने यह भी कहा कि गोगी गैंग की कमान अब दूसरे लोगों ने संभाल ली है और वे गोगी के नाम का इस्तेमाल कर गैंग चला रहे हैं। पुलिस अब एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटरों के अलावा फरार आरोपियों और हथियार सप्लाई करने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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