आज का दिन शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो कभी भूल पाएगा। आज सदियों…
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PM Modi और अयोध्या की सुरक्षा में हजारों जवान तैनात, यहां जानें हर डीटेल
आज का दिन काफी ऐतिहासिक होने वाला है। दरअसल, आज यानी 22 जनवरी का इंतजार लोग सदियों से कर रहे थे। आज अयोध्या में बन रहे विशाल मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है। इस पल को देखने के लिए लोग काफी उत्साहित हैं। इस कार्यक्रम में देशभर के तकरीबन 7 हजार दिग्गज पहुंच रहे हैं। इसमें पीएम मोदी शामिल हैं। पीएम मोदी की सुरक्षा के लिए अयोध्या में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। पुलिस मुख्यालय पर बने कंट्रोल रूम से अयोध्या की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
ऐसे होगी पीएम की सुरक्षा
मामले में जानकारी देते हुए डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि एसपीजी के साथ मिलकर पुलिस ने सुरक्षा की सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा के लिए फाइव लेयर सुरक्षा तैयार की गई है। इसके अंतर्गत पहली लेयर में एसपीजी की टीम रहेगी, इसके बाद दूसरी लेयर में एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो रहेंगे। इसके साथ ही तीसरी लेयर में एसटीएफ की टीम तैनात की गई है। चौथी लेयर में अर्धसैनिक बलों के जवान रहेंगे और पांचवी लेयर में यूपी पुलिस के विशेष प्रशिक्षित जवान तैनात रहेंगे।
ऐसे की जा रही अयोध्या की सुरक्षा
वहीं अगर बात करें अयोध्या की सुरक्षा की तो अयोध्या में बनाए गए सुरक्षा घेरे में सबसे अंदरूनी घेरा एसपीजी के जवानों का होगा। इसके बाद एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो के साथ एसटीएफ का घेरा रहेगा। एटीएस की टीम की जिम्मेदारी तीसरे सुरक्षा घेरे की है। चौथे सुरक्षा घेरे में उप्र पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। पांचवे घेरे में आरएएफ की तैनाती की गई है। सातवें घेरे में पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।
जल्द जारी हो सकते हैं सिपाही भर्ती के एडमिट कार्ड, जानें किस दिन हो सकती है परीक्षा
आजकल यूपी पुलिस में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस बार प्रशासन ने 60244 पदों के लिए भर्ती निकाली थी। खास बात ये है कि इन 60,244 पदों के लिए विभाग को तकरीबन 50 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है। इस भर्ती प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन की साइट भी बंद कर दी है। अगर आपने भी इस भर्ती के लिए आवेदन किया है तो अपनी कमर कस कर तैयार हो जाएं। इस परीक्षा की तिथि 18 फरवरी बताई जा रही है। ऐसे में जल्द से जल्द इसके लिए एडमिट कार्ड जारी हो सकते हैं।
जल्द जारी हो सकता है एडमिट कार्ड
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभी तक यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की है लेकिन विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा अगले महीने यानी 18 फरवरी, 2024 को आयोजित की जा सकती है। इस संबंध में ऑफिशियल नोटिफिकेशन uppbpb.gov.in पर जारी किया जाएगा। जल्द ही विभाग उम्मीदवारों के लिए एडमिट कार्ड भी जारी कर सकता है।
उम्मीद से ज्यादा आए आवेदन
बता दें कि, उत्तर प्रदेश में पुलिस कॉन्स्टेबल के 60 हजार से अधिक पदों पर भर्ती चल रही है। इस भर्ती में आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2024 निर्धारित की गयी थी। विंडो लॉक करते वक्त 50,14,924 अभ्यर्थी आवेदन कर चुके थे। इस बार सिपाही के एक पद के लिए करीब 83 दावेदार हो चुके हैं।
इस भर्ती के बाद यूपी पुलिस सबसे ज्यादा महिला कर्मियों वाला पुलिस बल बन जाएगा। सिपाही बनने के लिए 15 लाख महिलाओं ने आवेदन किए हैं। आरक्षण के मुताबिक करीब 12 हजार महिलाओं को सिपाही बनने का मौका मिलेगा। महिला सिपाही के एक पद के लिए 125 दावेदार हैं।
UP: पूर्व इंस्पेक्टर पर आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज, जांच में 63.9 प्रतिशत सम्पत्ति ज्यादा
यूपी के सीतापुर में तैनात 112 प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश सिंह के खिलाफ गाजीपुर कोतवाली में आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। खबरों की मानें तो जांच में ये बात सामने आई है कि, इंस्पेक्टर राकेश सिंह की आय करीब एक करोड़ 17 हजार रुपये थी। इसके साथ ही इंस्पेक्टर ने एक करेाड़ 63 लाख 37 हजार रुपये व्यय किए हैं। ऐसे में आय से अधिक 63.9 प्रतिशत सम्पत्ति अर्जित की गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, गाजीपुर थाने के पूर्व इंस्पेक्टर राकेश सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन संगठन ने शनिवार को थाने में आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज कराया है। वो मूल रूप से गोण्डा के निवासी हैं, वर्तमान समय में इंदिरानगर फरीदीनगर रवींद्र नगर में रहते हैं।
एक दिसंबर 2020 को आय से अधिक सम्पत्ति की जांच निरीक्षक संजय सिंह को सौंपी गई थी। 13 मई 2021 को विवेचना इंस्पेक्टर मृत्युंजय को मिली। जांच अवधि के दौरान राकेश सिंह के अर्जित आय स्त्रोतों के बारे में जानकारी की गई।
इस जांच में करीब एक करोड़ 17 हजार रुपये घोषित आय स्त्रोत से प्राप्त होना पाया गया। वहीं, इस अवधि में इंस्पेक्टर ने एक करोड़ 63 लाख 37 हजार रुपये खर्च किए थे। राकेश ने करीब 63.9 प्रतिशत आय अन्य स्त्रोतों से प्राप्त की। इस रुपये के बारे में उनके पास कोई हिसाब भी नहीं था।
हो सकती है कार्रवाई
मृत्युंजय कुमार की तहरीर पर शनिवार को वर्तमान में सीतापुर डॉयल 112 में तैनात राकेश सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी आगे की जांच भी जारी है। खबर है कि इंस्पेक्टर पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।
26 जनवरी के बाद फिर होगा UP Police में बड़ा फेरबदल, इन पदों के लिए हो रही अफसरों की रेस
26 जनवरी की तैयारी पूरे देश में शुरू हो गई है। इस तैयारी के साथ-साथ अब यूपी पुलिस में एक बार फिर से बड़े फेरबदल की तैयारी को भी पूरा कर लिया है। सुत्रों की मानें तो इस तबादला लिस्ट में विभाग के मुखिया डीजीपी और एडीजी एलओ के अलावा कुछ जोन के एडीजी, कमिश्रर और पुलिस कप्तानों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किए जाएंगे। होने वाले बदलावों में सबसे अहम डीजीपी और एडीजी एलओ के पदों पर तैनाती के लिए दावेदार अफसरों ने लामबंदी तेज कर दी है।
नहीं लगी किसी के नाम पर मुहर
जानकारी के मुताबिक, खबर ये भी आ रही है कि जिस तरह से लंबे समय से विभाग को कार्यवाहक मुखिया मिला है, ठीक उसी प्रकार से इस बार भी कार्यवाहक डीजीपी की तैनाती करने का मन बनाए हुए है। अब कार्यवाहक के लिए कौन अफसर उनके लिए सबसे मुफीद होगा इस पर मंथन जारी है।
इस पद के लिए इस बार पीवी रामाशास्त्री, रेणुका मिश्रा, एसएन साबत और प्रशांत कुमार के नाम रेस में शामिल हैं।। इसके अलावा डीजी आनंद कुमार को भी तीन माह के लिए कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने की चर्चा है। फिलहाल अभी किसी नाम पर मुहर नहीं लगी है।
एडीजी एलओ की कुर्सी के लिए रेस में ये अफसर
वहीं अगर बात करें एडीजी एलओ की कुर्सी की, बहुत से आईपीएस ऐसे हैं, जो इस पद के लिए रेस में हैं। इस लिस्ट में लखनऊ के पुर्व पुलिस कमिश्रर एस.बी शिरडकर, एडीजी स्थापना संजय सिंघल, कानपुर जोन के एडीजी आलोक सिंह, एडीजी रेलवे जेएन सिंह, एडीजी प्रयागराज जोन भानु भास्कर और एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश शामिल हैं।
एटा: फांसी से लटका मिला सिपाही का शव, मौके से सुसाइड नोट भी बरामद
यूपी के एटा जिले में तैनात एक सिपाही का शव सरकारी आास पर फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की छानबीन में ये बात सामने आई है कि, सिपाही के कमरे से लैपटॉप और रुपये भी गायब हैं। जिसके बाद अब पुलिस सख्ती से मामले की जांच में जुट गई है। सिपाही के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के गांव बोर्राखुर्द निवासी आरक्षी अंकित कुमार को 31 मई 2021 को थाना जलेसर में नियुक्ति मिली थी। शुरूआत में कस्बा में किराए के मकान में रहा था। करीब एक वर्ष पहले थाना परिसर में सरकारी आवास मिलने के बाद आरक्षी सुरेंद्र सिंह के साथ रहने लगा था।
हाल ही में सुरेंद्र का ट्रांसफर हो गया था। तबादले के बाद जब शनिवार की दोपहर वो अपने दफ्तर आया तो उसने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। करने के अंदर झांकने पर अंकित फंदे पर लटका मिला। मौके के पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें लिखा गया है कि किसी को परेशान नहीं किया जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है।
बरामद हुआ सुसाइड नोट
एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरक्षी ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें किसी को परेशान नहीं करने की बात लिखी है। परिजन शाम को आ गए हैं और पोस्टमार्टम के लिए शव को भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। जल्दी ही सिपाही की मौत का पर्दाफाश हो जाएगा।
17 IPS, 100 PPS समेत हजारों UP Police के जवान अयोध्या में तैनात, चप्पे-चप्पे पर रखी जा रही नजर
राम मंदिर के उद्घाटन के लिए अब इंतजार खत्म होने वाला है। कल यानी कि 22…
UP कैडर के IPS अफसर दलजीत सिंह चौधरी बनाए गए SSB के DG
कुछ समय बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अब UP कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दलजीत सिंह चौधरी को सशस्त्र सीमा बल (SSB) का नया महानिदेशक नियुक्त किया है। सरकार ने इस बारे में एक आदेश जारी कर बताया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 30 नवंबर, 2025 यानी उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख तक की अवधि के लिए एसएसबी के महानिदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
यूपी कैडर के हैं IPS
जानकारी के मुताबिक, उत्तर पुलिस कैडर के 1990 बैच के आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी, वर्तमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जनरल के विशेष निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 30 नवंबर 2025 यानी उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख तक की अवधि के लिए एसएसबी के महानिदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उन्हें जल्द से जल्द पदभार संभालने के आदेश भी जारी हुए हैं।
भारत की सीमाओं पर करती है रक्षा
आपको बता दें कि एसएसबी नेपाल और भूटान के साथ भारत की सीमाओं की रक्षा करती है। इस महीने की शुरुआत में रश्मि शुक्ला को उनके कैडर राज्य महाराष्ट्र में वापस भेजे जाने के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में शीर्ष पद खाली पड़ा था। ऐसे में ये फैसला लिया गया है।