वाराणसी में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल पूरी तरह सख्त मूड में नजर आए। बैठक में बीते दिनों हुए अपराधों की समीक्षा के दौरान उन्होंने लापरवाही पर कठोर निर्णय लेते हुए मिर्जामुराद में एक्सवे माइक्रो क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड कार्यालय में 9 मई को हुई लूट का राजफाश न करने पर प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार त्रिपाठी को लाइनहाजिर कर दिया।
उनकी जगह डायल 112 प्रभारी प्रमोद पांडेय को मिर्जामुराद थाने की कमान सौंपी गई। अपर पुलिस आयुक्त एस चन्नप्पा, राजेश सिंह, डीसीपी गौरव बंसवाल, प्रमोद कुमार, सरवणन टी और आकाश पटेल सहित अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
ये बने स्टार परफॉर्मर
बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने 589 उपनिरीक्षकों के प्रदर्शन की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट कार्ड में 75 फीसदी से अधिक अंक पाने वाले छह सब-इंस्पेक्टरों को ‘स्टार परफॉर्मर’ की श्रेणी में रखते हुए प्रशस्तिपत्र देने की घोषणा की गई। ये दारोगा हैं: राजदर्पण तिवारी (मंडुवाडीह), अमरजीत कुमार (मंडुवाडीह), विकास कुमार मौर्य (रोहनिया), मीनू सिंह (चेतगंज), निहारिका साहू (कोतवाली), और अंशू पांडेय (रामनगर)।
वहीं 33 फीसदी से कम अंक पाने वाले 145 दारोगाओं को चिन्हित कर उन्हें एक माह के लिए पुलिस लाइन में अटैच करने और उनकी काउंसलिंग व फुट पेट्रोलिंग कराने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक दिन 10-10 कमजोर प्रदर्शन वाले उपनिरीक्षकों को उनके समक्ष पेश कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
दिए ये निर्देश
बैठक में जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, गोतस्करी, हुक्का बार और स्पा सेंटरों में चल रही अनैतिक गतिविधियों पर सख्ती, अवैध कारोबार पर कार्रवाई, यातायात सुधार, रोहिंग्या-बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराधियों की संपत्ति जब्त करने जैसे मुद्दों पर विशेष निर्देश दिए गए।