उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को जबरन हवालात में बैठाने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में विनोद पांडेय, जो शहर कोतवाली इंचार्ज के पद पर तैनात थे, और जदीद चौकी प्रभारी अशोक कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। यह कार्रवाई मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर की गई है।
इसलिए हुई कार्रवाई
मामले में आरोप है कि दोनों पुलिस अधिकारियों ने एक व्यक्ति को करीब आठ घंटे तक जबरन हवालात में बैठाए रखा और उस पर समझौते का दबाव बनाया। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार भी किया गया। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जांच बजरंग प्रसाद द्वारा की गई, जिसमें कई गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे नियमित रूप से चालू नहीं थे, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मेरठ के अफसर कर रहे जांच
इस पूरे मामले की विस्तृत जांच अब मेरठ के अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं वरिष्ठ अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिला रहे हैं।