मेरठ में पुलिसिंग की कार्यशैली पर उस समय बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब SSP अविनाश पांडेय अचानक सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान महिला थाने पहुंच गए। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस निरीक्षण में थाने की हकीकत सामने आते ही हड़कंप मच गया।
सोती मिल महिली सिपाही
सुबह करीब 6:30 बजे पहुंचे SSP को ड्यूटी पर तैनात एक महिला कांस्टेबल कुर्सी पर सोती हुई मिली। बताया गया कि उस समय थाने में अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी संतोषजनक नहीं थी। स्थिति का आकलन करने के बाद SSP ने महिला थाने का क्राइम रजिस्टर अपने साथ ले लिया, जिसकी जानकारी तत्काल किसी को नहीं हो सकी।
कुछ देर बाद जब थाने में क्राइम रजिस्टर मांगा गया तो कर्मचारियों के बीच अफरातफरी मच गई। रजिस्टर नहीं मिलने पर CCTV फुटेज की जांच की गई, जिसमें साफ हुआ कि निरीक्षण के दौरान SSP ही रजिस्टर लेकर गए थे।
19 पुलिसकर्मियों का तबादला
इसके बाद SSP ने पूरे स्टाफ की समीक्षा करवाई। जांच में सामने आया कि कई महिला पुलिसकर्मी लंबे समय से एक ही थाने में तैनात थीं और ड्यूटी में लापरवाही के संकेत मिले। इस पर कार्रवाई करते हुए 19 महिला पुलिसकर्मियों को महिला थाने से हटाकर जिले के अन्य थानों में भेज दिया गया।
इसके अलावा कुछ अन्य थानों में तैनात पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई। SSP अविनाश पांडेय ने साफ कहा कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे।