बरेली: दारोगा पर लगा महिला सिपाही को परेशान करने का आरोप, SSP ने किया सस्पेंड

उत्तर प्रदेश में कुछ पुलिसकर्मी लोगों की मदद को दिन-रात एक कर रहे हैं, लेकिन वहीं कुछ पुलिसकर्मी बाकियों की मेहनत पर पलीता लगा रहे हैं। ताजा मामला बरेली जिले का है, जहां एक सब इंस्पेक्टर पर महिला सिपाही के साथ दुर्व्यवहार और परेशान का आरोप लगा है। पीड़िता महिला सिपाही ने शिकायत की थी कि आरोपी दरोगा उसे अक्सर परेशान करता था।उसे आपत्तिजनक व्हाट्सऐप मैसेज किया करता था। इस मामले का संज्ञान जब जिले के एसएसपी ने लिया तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से उसे सस्पेंड कर दिया।

सीधा एसएसपी से की शिकायत

जानकारी के मुताबिक, बरेली जिले में तैनात एक महिला सिपाही ने अपनी शिकायत में एसएसपी को बताया कि भमोरा खाने में तैनात एसआई चंद्रपाल सिंह ने उसके साथ दुर्व्यवहार कर रहा था। वो उसके फोन पर “अशोभनीय संदेश” भेज रहा था। जैसे ही एसएसपी ने मामले का संज्ञान लिया तो उन्होंने भमोरा थाने के एसएचओ को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया था। इस जांच में सभी आरोप सही पाए गए हैं।

रिपोर्ट में हुआ खुलासा

एसएचओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि चंद्रपाल सिंह ने व्हाट्सऐप पर कई आपत्तिजनक मैसेज किए थे। अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों के विपरीत काम करते हुए “पुलिस की छवि खराब की” है। इस रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने शनिवार रात आरोपी सब-इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही एसएसपी ने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह का अपराध कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिस थाने में तैनाती वहीं दर्ज हो गई FIR, युवक ने कोतवाली में किया था आत्मदाह, मामले में 4 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

गाजियाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था. इस मामले में थाने में सुनवाई न होने पर युवक ने खुदकुशी करने की कोशिश की है. युवक ने अपने ऊपर ज्वलशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया है. घायल अवस्था में युवक को दिल्ली के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां युवक की इलाज के दौरान उसकी कल मौत हो गई.  युवक को अपनी के साथ अश्लील हरकत छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचा था. जब इस मामले पर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया तो पीड़ित ने ये कदम उठाया.

दरअसल थाना लोनी बॉर्डर इलाके में रहने वाले युवक अपनी पत्नी के साथ अश्लील हरकत छेड़छाड़ मारपीट की शिकायत लेकर थाना लोनी बॉर्डर पहुंचा था. जहां उसने पड़ोसी रामपाल और उसके भांजे रोबिन के द्वारा अपनी पत्नी के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी. मारपीट के दौरान पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे के गर्भपात की भी शिकायत दी गई थी.  शिकायत दर्ज होने के बाद भी लोनी बॉर्डर पुलिसकर्मियों द्वारा उसे टहलाया जाता रहा. पुलिस उसे बार-बार आरोपियों के नाम बदलने और धाराएं बदलने के नाम पर घुमाती रही. इसी से परेशान होकर उसने थाने में पहुंचकर अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी.

युवक ने पुलिसकर्मियों पर पैसे लेकर शिकायत दर्ज न करने के भी गंभीर आरोप लगाए. पुलिस कर्मियों ने आग बुझाकर उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कर दिया था. अस्पताल में उसकी मौत हो गई युवक के मरने के बाद गाजियाबाद में उसका मौत से पहले दिया हुआ बयान और आत्मदाह के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है.

कल युवक की मृत्यु और वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारी हरकत में आए और थाना इंचार्ज रामसेवक सिंह चौकी इंचार्ज रमन मावी समेत सब इंस्पेक्टर सलीम सिपाही के खिलाफ थाने के ssi द्वारा कल मुकदमा दर्ज करवा कर चारों के सस्पेंशन की कार्रवाई के साथ विभागीय जांच शुरू कर दी है.

Kannauj: पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश ढेर तो वहीं दूसरा जख्मी, गोलीबारी में दो सिपाही भी घायल

यूपी में अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज सुबह कन्नौज पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ की खबर सामने आ रही है। दरअसल, पुलिस ने मुठभेड़ में बीते हफ्ते लूट करके फरार हुए बदमाशों को घेर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी। इसमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा जख्मी हो गया। इस दौरान दो सिपाही भी घायल हुए हैं।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, आज सुबह कन्नौज जिले के मलिकपुर कस्बा में पुलिस की लुटेरों से मुठभेड़ हुई। पुलिस टीम को देखकर लुटेरों ने फायरिंग शुरू कर दी। ये मुठभेड़ उन बदमाशों के साथ हुई जिन्होंने बीते शुक्रवार को सर्राफा कारोबारी को कंधे में गोली मारकर 20 लाख के जेवर और नकदी से भरा झोला लूट लिया था। उपचार के दौरान अय्याज की इसी दिन रीजेंसी कानपुर में मौत हो गई थी। इन्हीं बदमाशों को पकड़ने में पुलिस लगी थी।

दो सिपाही भी घायल

जब पुलिस को खबर लगी तो पुलिस ने लुटेरों की घेराबंदी कर दी। इस दौरान पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में गोली लगने से समधन गुरसहायगंज निवासी लुटेरे इजहार पुत्र जुम्मन की मौके पर मौत हो गई। वहीं समधन निवासी लुटेरा तालिब पुत्र पप्पू गोली लगने से घायल हो गया। लुटेरों की ओर से कई फायरिंग में सिपाही अमर सिंह और विनय सिंह भी घायल हुए है। पुलिस ने लुटेरों के कब्जे से लूट में प्रयुक्त हुई अपाचे बाइक और करीब 20 लाख का जेवर बरामद किया है।

UP Police में फिर चली तबादला एक्सप्रेस, IPS जे रवींद्र गौड़ को मिली आगरा की कमान

उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में लगातार तबादलों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में आज…

Muzaffarnagar: पदभार संभालते ही दिखे SSP के सख्त तेवर, थानेदारों को दी चेतावनी

हाल ही में नए साल की शुरुआत में ही कई आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। इस लिस्ट में आईपीएस अभिषेक सिंह को मुजफ्फरनगर की कमान सौंपी गई। ऐसे में पदभार संभालते ही एसएसपी सख्त तेवर में दिखे। उन्होंने पदभार संभालते ही माफिया पर गैंगस्टर की कार्रवाई करने के आदेश भी थानेदारों को दिए हैं।मुजफ्फरनगर एसएसपी ने सभी थानेदारों को दस साल का आपराधिक आंकड़ा लेकर बुलाया गया था। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर ये आदेश जारी किए कि अगर कोई थाने का हिस्ट्रीशीटर या टॉप टेन में शामिल बदमाश अपराध करता है तो संबंधित थानेदार को लाइन भेज दिया जाएगा और विभागीय जांच अलग से कराई जाएगी।

एसएसपी ने गिनाईं प्राथमिकताएं

जानकारी के मुताबिक, कार्यभार संभालते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह सबसे पहले सभी थानेदारों और सीओ से परिचय प्राप्त करने के बाद एसएसपी अभिषेक सिंह ने थानेदारों और अधिकारियों को अपनी प्राथमिकताओं का बारे में बताया।

इसके बाद उन्होंने शराब, खनन, पशु, वन, भूमाफिया आदि माफियाओं के बारे मे जानकारी कर इस प्रकार के अपराधो मे संलिप्त अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत की गई कार्यवाही तथा उनके विरुद्ध पंजीकृत किये गए गैंगस्टर अधि0 के अभियोगों में वांछित अभियुक्तों की स्थिति की समीक्षा की।

गलती पर होगी विभागीय जांच

आगे उन्होंने निर्देश दिए कि अगर उनके थानाक्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर या फिर टाप टेन की सूची में शामिल बदमाश अपराध करता है तो संबंधित थानेदार से लेकर बीट सिपाही और हल्का इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया जाएगा और विभागीय जांच अलग से कराई जाएगी।

UP POLICE में शुरू हुई SI और ASI पदों के लिए भर्ती, इस तरह करें आवेदन

नए साल के साथ ही यूपी पुलिस में एसआई और एएसआई की भर्ती के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। रविवार को इस भर्ती का नोटिफिकेशन भी जारी हो गया। जो भी युवा इस भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं वो उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 28 जनवरी 2024 है।

मांगी गई ये योग्यता

जानकारी के मतुबाकि, नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि जो भी व्यक्ति पुलिस उप निरीक्षक (गोपनीय) और पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लिपिक ) के लिए आवेदन करना चाहता है, उसके पास किसी भी स्ट्रीम स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। वहीं पुलिस सहायक उप निरीक्षक (लेखा) पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का काॅर्मस से ग्रेजुएट होना अनिवार्य है। इन पदों के लिए टाइपिंग की स्पीड भी पहले से निर्धारित है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 21 वर्ष से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। ओबीसी, एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थी को अधिकतम उम्र सीमा में सरकार के नियमानुसार छूट भी दी गई है।

ऐसे करें अप्लाई

सबसे पहले UPPBPB की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं। इसके बाद होम पेज पर उपलब्ध सब इंस्पेक्टर और सहायक सब इंस्पेक्टर आवेदन लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद यहां एक नया पेज खुलेगा जहां अपना पंजीकरण करें। रजिस्ट्रेशन के बाद अकाउंट में लॉगइन करें और आवेदन शुरू करें। सभी आवश्यक जानकारी दर्ज करें और डाक्यूमेंट अपलोड करें। फीस जमा करें और सबमिट करें। यहां सभी जानकारियां सही तरह से भरें, ताकि कोई गलती ना होने पाए।

इतनी है फीस

आपको बता दें कि सभी वर्ग के संबंधित अभ्यर्थियों के आवेदन शुल्क 400 रुपए निर्धारित है। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन मोड के माध्यम से किया जाना है। ऐसे में फीस भरकर फिर परीक्षा की तैयारी शुरू कर दें।

IPS अपर्णा रजत कौशिक ने संभाली SP कासगंज की जिम्मेदारी

नए साल की शुरुआत में ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 11 जिलों के पुलिस…

अयोध्या में ड्यूटी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे पुलिसकर्मी, DG कानून व्यवस्था ने जारी किया सख्त आदेश

हर किसी के लिए 22 जनवरी का दिन बेहद खास है। इस दिन अयोध्या के भव्य मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा बड़े ही धूमधाम से की जायेगी। इसके लिए कई दिग्गजों को निमंत्रण भेजा गया है। 22 जनवरी के दिन अयोध्या में भारी तादाद में लोग भी पहुंचेंगे। ऐसे में कानून व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस विभाग के कंधों पर भरी जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी के चलते अब उत्तर प्रदेश के डीजी ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को सख्त आदेश जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में ये कहा है कि अयोध्या में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

डीजी कानून व्यवस्था ने जारी किया आदेश

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था संभालते वक्त किसी पुलिसकर्मी के द्वारा सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक न हो इसको ध्यान में रखते हुए मोबाइल फोन को न रखने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर पुलिस को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। ऐसे ही कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि अनावश्यक तौर पर स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करें। ड्युटी के दौरान बेहद जरूरी काम के लिए फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अफसरों को भी मानना पड़ेगा आदेश

दरअसल, डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि ज्यादातर यह देखा गया है कि प्रदेश में फील्ड ड्युटी के दौरान ज्यादातर पुलिसकर्मी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। जिसके कारण उनका ध्यान भटक जाता है और वो एकाग्रता के साथ ड्युटी नहीं कर पाते है। इसी वजह से कई बार न चाहते हुए भी कुछ न कुछ घटित हो जाता है। कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार की ओर जारी पत्र के मुताबिक इसका पालन पुलिस कमिश्नर, एसएसपी व एसपी को भी करना होगा।

एक बार फिर चली तबादला एक्सप्रेस, Firozabad के SP आशीष तिवारी को मिला ट्रांसफर

नए साल की शुरुआत से ही लगातार उत्तर प्रदेश ने पुलिस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो रहा है। जहां हाल ही में 18 आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया, वहीं बीती शाम 24 घंटे के अंदर ही फिरोजाबाद के एसपी आशीष तिवारी के ट्रांसफर के ऑर्डर जारी हो गए है। खबरें ये भी आ रहीं है कि आगामी समय में काफी तबादले हो सकते हैं।

इनको बनाया गया नया एसपी

जानकारी के मुताबिक, बीती शाम जारी हुई तबादला लिस्ट में फिरोजाबाद एसपी के पद से आशीष तिवारी को हटा दिया गया है। 2012 बैच के आईपीएस आशीष तिवारी को एसपी सीबीसीआईडी सहकारिता प्रकोष्ठ बनाया गया है। अब आशीष तिवारी के स्थान पर कासगंज में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाद 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी सौरभ दीक्षित को कासगंज जनपद से हटाकर फिरोजाबाद का कप्तान बनाया गया है। सौरभ दीक्षित कासगंज से पहले प्रयागराज में डीसीपी के पद पर तैनात थे।

कौन हैं आशीष तिवारी ?

आपको बता दें कि 2012 बैच के आईपीएस आशीष तिवारी आए दिन अपने काम और कार्यशैली की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। देश की सेवा करने के लिए वह लंदन और जापान के बैंक में एक करोड़ से ज्यादा का पैकेज छोड़ वापस इंडि‍या आए हैं। वो वहां बैंक में एक्सपर्ट एनालिस्ट पैनल में शामिल थे लेकिन उनका मन वहां नहीं लगा।

ऐसे में भारत आकर उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की ओर दो बार आईपीएस का एग्जाम क्वालि‍फाई किया। आईपीएस आशीष फरियादियों की सुनवाई करने के साथ साथ अपने विभाग के पुलिसकर्मियों का भी पूरा ध्यान रखते हैं।

हापुड़ SP की बड़ी पहल, पुलिसकर्मियों को दिलवाया CPR प्रशिक्षण… अब अपनी सांसे देकर पुलिसकर्मी बचा सकेंगे दूसरों की जान

जिले की पुलिस अब अपनी सांस देकर दूसरों की जान बचाएगी। पुलिस को सीपीआर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को एसपी अभिषेक वर्मा ने मेरठ रोड पुलिस लाइन में की। वहां जिले के सभी थानों के प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को डॉक्टरों ने बताया कि इमरजेंसी में घायल या पीड़ित को कैसे अपनी सांस देकर उसकी जिंदगी बचानी है। पुलिस के महिला-पुरुष जवान लोगों को सीपीआर देकर जान बचाएंगे।

पुलिसकर्मी ऐसे करेंगे मदद 
अक्सर आपने देखा होगा कि सीपीआर देने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। अब प्रक्रिया को कंपलसरी कर दिया गया है। पुलिस को डॉक्टर बकायादा प्रशिक्षण दे रहे हैं। इमरजेंसी में पुलिस के जवान लोगों की जान बचा सकेंगे। प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर या कृत्रिम श्वसन की जानकारी देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि कई बार व्यक्ति की अचानक सांस रुक जाती है या फिर कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति में सांस नहीं आती है। इस अवस्था में सीपीआर देकर लोगों की जान बचाई जा सकती है।

जवान बचाएंगे दूसरों की जान
सीपीआर के जरिए बेहोश व्यक्ति को सांस देने से फेंफड़ों को ऑक्सीजन मिलती है। इससे शरीर में पहले से मौजूद ऑक्सीजन वाला खून संचारित होने लगता है। सीएचसी के डॉक्टर प्रवीण गुप्ता की टीम ने पुलिसकर्मियों को सीपीआर प्रशिक्षण दिया। डॉक्टर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सीपीआर कोई दवा या इंजेक्शन नहीं है। यह एक तरह की प्रक्रिया है, इसका इस्तेमाल मरीज के शरीर पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में व्यक्ति की सांस रुक जाने पर सांस वापस लाने तक या दिल की धड़कन सामान्य होने तक छाती को दबाया जाता है। इससे शरीर में पहले से मौजूद खून संचारित होने लगता है और व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी नहीं होती है।