देवरिया के लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर हुए झगड़े में RSS कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। गुरुवार शाम हुई मारपीट के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।
परिजनों का आरोप है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है। रामेश्वर को 19 सितंबर को जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिसकी लिखित शिकायत 20 सितंबर को लार थाने में दी गई थी। लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। परिवार का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो जान बच सकती थी। वहीं, परिजनों ने बताया कि 1989 में रामेश्वर के पिता और 2019 में उनके ट्रैक्टर चालक की भी हत्या हो चुकी है।
6 नामजद पर केस, SHO समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने संजय, दीपक, प्रांजल, अभिनीत, आदित्य और निखिल तिवारी समेत 10 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। मामला तूल पकड़ने के बाद DIG एस. चनप्पा और SP अभिजीत आर. शंकर खुद मौके पर पहुंचे।
लापरवाही सामने आने पर लार SHO राकेश सिंह, SI राममूरत और दो बीट सिपाही चंद्रभान और प्रीतम को निलंबित कर दिया गया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।