फतेहपुर में बाढ़ के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। शुक्रवार रात जाड़े का पुरवा-अवसेरी खेड़ा मार्ग पर बाढ़ के पानी में एक नाव पलट गई। नाव में बच्चे समेत 12 लोग सवार थे। नाव पलटते ही चीख-पुकार मच गई, लेकिन गनीमत रही कि सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
*दंगल देखकर लौट रहे थे ग्रामीण
यह घटना बिंदकी तहसील क्षेत्र की है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से सड़क पहले से ही पानी में डूबी है, इसलिए ग्रामीण नाव से ही आना-जाना कर रहे हैं। 2 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे गलाथा गांव में दंगल देखकर 12 लोग डोंगी से घर लौट रहे थे, तभी अचानक बीच पानी में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।
पुलिसकर्मी ने बचाई बच्चे की जान
रात का अंधेरा होने से बचाव अभियान मुश्किल हो गया था। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में रेस्क्यू शुरू किया। एक पुलिसकर्मी खुद पानी में उतरकर बच्चे को गोद में उठाकर बाहर लाया। ग्रामीणों ने भी जान जोखिम में डालकर सभी 12 लोगों को सुरक्षित किनारे पहुंचाया।
व्यवस्था पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की पुल की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रास्ता डूबा होने के बावजूद पर्याप्त नाव और नाविक नहीं हैं। रोजमर्रा के काम के लिए जान जोखिम में डालकर पानी पार करना पड़ता है। एसडीएम बिंदकी निशांत तिवारी ने बताया कि नाव और नाविक की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं और घटना की जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों ने स्थायी सड़क या पुल बनाने की मांग की है।