17 IPS, 100 PPS समेत हजारों UP Police के जवान अयोध्या में तैनात, चप्पे-चप्पे पर रखी जा रही नजर

राम मंदिर के उद्घाटन के लिए अब इंतजार खत्म होने वाला है। कल यानी कि 22…

UP कैडर के IPS अफसर दलजीत सिंह चौधरी बनाए गए SSB के DG

कुछ समय बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अब UP कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दलजीत सिंह चौधरी को सशस्त्र सीमा बल (SSB) का नया महानिदेशक नियुक्त किया है। सरकार ने इस बारे में एक आदेश जारी कर बताया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 30 नवंबर, 2025 यानी उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख तक की अवधि के लिए एसएसबी के महानिदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

यूपी कैडर के हैं IPS

जानकारी के मुताबिक, उत्तर पुलिस कैडर के 1990 बैच के आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी, वर्तमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जनरल के विशेष निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 30 नवंबर 2025 यानी उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख तक की अवधि के लिए एसएसबी के महानिदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उन्हें जल्द से जल्द पदभार संभालने के आदेश भी जारी हुए हैं।

भारत की सीमाओं पर करती है रक्षा

आपको बता दें कि एसएसबी नेपाल और भूटान के साथ भारत की सीमाओं की रक्षा करती है। इस महीने की शुरुआत में रश्मि शुक्ला को उनके कैडर राज्य महाराष्ट्र में वापस भेजे जाने के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में शीर्ष पद खाली पड़ा था। ऐसे में ये फैसला लिया गया है।

रामलला के स्वागत के लिए UP POLICE ने की खास तैयारी, पुलिस बैंड बजाता दिखा राम धुन

लाखों-करोड़ों आंखें दशकों से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का सपना देख रहीं हैं। ये सपना अब 22 जनवरी के दिन साकार होने वाला है। दरअसल, 22 जनवरी को अभीजित मुहुर्त में रामलला विशाल मंदिर में विराजमान हो जाएंगे। इसके लिए हर कोई 22 का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। इस दिन को दिवाली से भी ज्यादा धूमधाम से मनाने के लिए लोगों ने तैयारी भी पूरी कर ली है। इसी क्रम में यूपी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ एक और तैयारी पूरी की है। दरअसल, 22 जनवरी के दिन के लिए यूपी पुलिस के बैंड ने भी की खास तैयारी की है।

यूपी पुलिस बजा रही राम धुन

जानकारी के मुताबिक, अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) पुलिस बैंड वाराणसी से भगवान राम की नगरी अयोध्या पहुंचा। PAC पुलिस बैंड भजन बजाता नजर आया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस बैंड ‘सजा दो घर को गुलशन का, मेरे घर राम आए हैं’ भजन की धुन बजाता दिख रहा है। लोगों को यूपी पुलिस बैंड का ये अवतार काफी पसंद आ रहा है।

सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम

अगर बात करें सुरक्षा व्यवस्था की तो इस खास दिन देश भर के 7,000 से ज़्यादा दिग्गज मेहमान और हजारों आम लोग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या पधारेंगे। ऐसे में जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यूपी पुलिस ने भी अपनी कमर कस ली है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पुलिस के 11,000 से अधिक जवानों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तैनात किया जा रहा है।

वहीं अयोध्या में रिजर्व पीएसी की 16 कंपनी तैनात की जा रही हैं। अयोध्या जाने वाले सभी रास्तों को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित कर वहां सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। इसके साथ ही फील्ड स्तर पर अलग-अलग टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं। इसमें कई आधुनिक तकनीक का सहारा भी लिया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले में ड्रोन के आधार पर एंटी सैबोटॉज चेकिंग हो रही है। 20 टीमें लैंडमाइन डिटेक्शन कर रही हैं। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम भी लागू है। इसकी मदद से स्किन पैटर्न को पहचानने से लेकर चेहरे की 3डी आकृति तक बनाई जाएगी।

UP DGP की रेस में इन अफसरों का नाम शामिल, जानें इनके बारे में

आगामी 31 जनवरी के दिन यूपी पुलिस के वर्तमान डीजीपी विजय कुमार रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में फिर से एक बार हर किसी को उस पल का इंतजार है, जब प्रदेश पुलिस को नया डीजीपी मिलेगा। इसी क्रम में एक बार फिर से यूपी पुलिस के नए डीजीपी के पद के लिए नामों के कयास लगने लगे हैं। वर्तमान समय में UP के नये कार्यवाहक DGP की रेस में 4 IPS अफ़सरो का नाम ब्यूरोकेसी के गलियारों में चल रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि, इन्हीं में से एक अफसर को ये जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं। इस लिस्ट में IPS पी. वी. रामशास्त्री, IPS रेणुका मिश्रा, IPS एस. एन. साबत और IPS प्रशांत कुमार का नाम शामिल है। आइए आपको भी इन अफसरों के बारे में बताते हैं।

IPS पी. वी. रामशास्त्री

सबसे पहले बात करते हैं मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के निवासी पीवी रामा शास्त्री की, जोकि 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पीवी रामा शास्त्री पूर्व में जॉइंट सेक्रेटरी, कन्ज्यूमर अ्फेयर्स भारत सरकार में नियुक्त थे। वह भारत सरकार की NIA में बतौर आईजी अपनी सेवाएं दे चुके है। 1997-98 में इलाहाबाद जीआरपी में पुलिस अधीक्षक और 1999-2000 में बलिया जिले में तैनात रहे हैं। पीवी रामा शास्त्री गुजरात पुलिस में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साल 2006 में उन्हें पुलिस डिपार्टमेंट के सर्वोच्च सम्मान पुलिस सर्विस मैडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।

IPS रेणुका मिश्रा

रेणुका मिश्रा 1990 बैच की आईपीएस अफसर हैं। पिछली बार डीजीपी के चुनाव के वक्त सीनियारिटी के क्रम में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा 4 सीनियर आईपीएस अधिकारियों से पीछे थी। उन्होंने बीकॉम कॉमर्स, इकोनॉमिक्स और पोस्ट ग्रेजुएशन में एमए पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन से किया है। रेणुका मिश्र को 2005 में डीआईजी, 2010 में आईजी, 2014 में एडीजी और 2021 में डीजी पद पर प्रमोट किया गया था। आईपीएस रेणुका को 26 जनवरी 2023 को डीजी प्लेटिनम प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

IPS एस. एन. साबत

1990 बैच के यूपी कैडर के दबंग पुलिस अफसर एसएन साबत. को कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के जेल महानिदेशक/ महानिरीक्षक की बागडोर सौंपी हैं। 33 साल की ड्यूटी में उनके ऊपर किसी तरह का आरोप नहीं लगा। आईपीएस अफसर एस एन साबत ने अपना पुलिस करियर एएसपी के रूप में वाराणसी जिले से शुरु किया था। बाद में वे अलीगढ़ और अयोध्या में एएसपी रहे। उसके बाद जालौन, मिर्जापुर और वाराणसी में पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर भी तैनात रहे। फिर उन्हें मिर्जापुर, कानपुर और बनारस के पुलिस उप-महानिरीक्षक पद पर कार्य करने का भी मौका मिला। लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक रहते हुए एसएन साबत पुलिस महानिदेशक पद पर प्रोन्नत हुए थे। साल 2006 और फिर 2014 में उन्हें राष्ट्रपति द्वारा विशिष्ट सेवा पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया।

IPS प्रशांत कुमार

प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है।

हापुड़: रेस्टोरेंट के कर्मचारी पर थप्पड़ बरसाते हुए दारोगा का वीडियो वायरल, SP ने किया सस्पेंड

यूपी पुलिस के कर्मचारी लगातार लोगों की मदद को आगे आते रहते हैं, लेकिन कुुछ पुलिसकर्मी बाकियों की मेहनत पर पलीता लगा रहे हैं। मामला हापुड़ जिले का है, जहां एक दारोगा ने एक पिज्जा कैफे में घुस कर दुकान के कर्मचारियों को चांटा जड़ दिया। ये पूरा मामला रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जब मामला अफसरों के संज्ञान में आया तो पुलिस की फजीहत को देखते हुए एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया।

युवस पर बरसाए थप्पड़

जानकारी के मुताबिक, हापुड़ जिले में नगर के मोहल्ला लज्जापुरी निवासी अमित कुमार का मोदीनगर रोड पर रेस्टोरेंट है। सोशल वीडियो पर वायरल वीडियो में केशव नगर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक नसीम अहमद रेस्टोरेंट में दाखिल होते हैं।

यहां दरोगा पर्दे हटाने की बात करते हुए कर्मचारियों के साथ गाली गलौज करते हुए थप्पड़ बरसाने शुरू कर देते है। रेस्तरां में लगे सीसीटीवी कैमरे में दरोगा की यह हरकत कैद हो जाती है। पीड़ित ने दरोगा पर महीना मांगने का भी आरोप लगाया है।

एसपी ने किया सस्पेंड

देर शाम मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिस पर जिले के एसपी ने मामले की जांच डीएसपी को सौंपी। वीडियो को लेकर एसपी ने तत्काल प्रभाव से आरोपी दारोगा को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही एसपी ने पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा कोई कृत्य न करें जो विधि के प्रतिकूल हो।

आधुनिक तकनीकों की मदद से संभाली जा रही अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस के साथ ATS भी तैनात

जैसे-जैसे 22 जनवरी का दिन पास आ रहा है, वैसे-वैसे लोगों का उत्साह और ज्यादा बढ़ता जा रहा है। इस कार्यक्रम के लिए हजारों लोग 22 जनवरी के दिन अयोध्या पहुंचने वाले हैं। इनमें पीएम मोदी समेत देश के कई दिग्गज शामिल हैं। फिल्म, खेल, साहित्य, लेखन, वैज्ञानिक समेत अन्य जगत के नामचीन लोग भी बहुतायत संख्या में पहुंचेंगे। इसके चलते वहां सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए हैं। इसी क्रम में प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक आयोजन से पहले ही देश की सुरक्षा एजेंसियां अग्नि परीक्षा से गुजर रही हैं। ये इतिहास में पहली बार है, जब कई आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही हैं।

आधुनिक तकनीकों से होगी जांच

जानकारी के मुताबिक, 22 जनवरी के दिन 6,000 से अधिक वीवीआईपी अयोध्या पहुंचेंगे। समारोह में जेड प्लस और वाई प्लस श्रेणी के सुरक्षा वाले अतिथि भी शामिल हैं। ऐसे में फील्ड स्तर पर अलग-अलग टीमें लगातार छानबीन कर रही हैं। इसमें कई आधुनिक तकनीक का सहारा भी लिया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले में ड्रोन के आधार पर एंटी सैबोटॉज चेकिंग हो रही है। 20 टीमें लैंडमाइन डिटेक्शन कर रही हैं। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम भी लागू है। इसकी मदद से स्किन पैटर्न को पहचानने से लेकर चेहरे की 3डी आकृति तक बनाई जाएगी।

नदी पर भी फोर्स तैनात

जिले भर में रेड जोन और यलो जोन के लिए त्वरित कार्यवाही के लिए टीमें गठित कर दी गईं हैं। नगर में प्रवेश करने वाले सभी आगंतुकों की निगरानी नगर की सीमाओं से ही शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए दस हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है। इसके अलावा सरयू नदी में जियो-फेंसिंग प्रणाली लागू की गई है।

इसकी मदद से नदी में किसी तरह की आपराधिक गतिविधि होने पर तत्काल फ्लोटिंग कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा। जल पुलिस को भी भारी तादाद में नदी पर तैनात किया गया है। नगर के प्रमुख स्थान राम की पैड़ी, कनक भवन, सरयू नदी तट, हनुमानगढ़ी, अयोध्या धाम स्टेशन, राम जन्मभूमि मार्ग के इर्द-गिर्द के क्षेत्र सहित अन्य कई स्थान पर एटीएस कमांडो ने बख्तर बंद गाड़ियों और बाइक से रेकी की है।

1992 में कारसेवक बने थे ये IPS, अब रिटायरमेंट के बाद अयोध्या जाकर करना चाहते हैं रामभक्तों की सेवा

अयोध्या में विशाल राम मंदिर के उद्घाटन का इंतजार लाखों करोड़ों आंखों को है। हर कोई इस दिन का बरसों से इंतजार कर रहा है। इसी लिस्ट में एक आईपीएस का नाम भी शामिल है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं दिल्ली में अर्धसैनिक बल में सेवारत एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजा बाबू सिंह की, क्योंकि वो भी एक ईंट लेकर दिसंबर 1992 में अयोध्या गए थे। उन्होंने उस वक्त टेंट में विराजमान रामलला के दर्शन किए थे। उन्होंने भगवान राम को एक पूजित ईंट समर्पित कर प्रार्थना की थी कि यहां एक दिन भव्य राम मंदिर बने। अब जब मंदिर बन रहा है तो उन्होंने कहा है कि वो रिटायर होने के बाद अयोध्या जाकर राम भक्तों की सेवा करेंगे।

31 साल पहले गए थे अयोध्या

जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी राजा बाबू सिंह वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के मुख्यालय में महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि, 31 साल पहले राजा बाबू सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र थे और प्रयागराज में सिविल सर्विसेज परीक्षा (UPSC) की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान वीएचपी ने छात्रों को अयोध्या ले जाने का इंतजाम किया था। इस दौरान उन्होंने राम भगवान को एक ईंट भेंट करते हुए प्रार्थना की थी। अब जब राममंदिर बन रहा है तो इसकी खुशी उनके चेहरे पर दिखाई दे रही है।

अब जब बाबू 2027 में सरकारी नौकरी से रिटायर हो जाएंगे तो उनका सपना है कि वे अयोध्या आ रहे राम भक्तों को रामलला के दर्शन कराएं। उनके साथ भगवान श्री राम की आराधना और पूजा में शामिल हों। आईपीएस राजा बाबू सिंह को इस बात का गर्व है कि वो जो एक ईंट प्रयागराज से अयोध्या ले गए थे, वो ईंट भी रामलला के भव्य मंदिर का हिस्सा है। आज भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बनने और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से वे गदगद हैं।

लोगों को बांटी थीं गीता की प्रतियां

बता दें कि अभी आईपीएस राजा बाबू सिंह प्रतिनियुक्ति पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के मुख्यालय में महानिरीक्षक के पद पर तैनात हैं। इससे पहले कश्मीर में भी बीएसएफ के आईजी रहे हैं। मध्य प्रदेश पुलिस में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों के अलावा राजा बाबू सिंह ने इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में भी अपनी सेवाएं दी हैं। अरुणाचल और मणिपुर में भी उच्च पदस्थ रहे हैं। ADG ग्वालियर जोन के पद पर रहते हुए इन्होंने हजारों भागवत गीता की प्रतियां बांटी थी।

UP: 60,244 पदों की सिपाही भर्ती के लिए आए 50 लाख से ज्यादा आवेदन, एक पद के लिए 83 दावेदार

नए साल के साथ ही यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती की शुरुआत हो गई है। इसके क्रम में सिपाही भर्ती के लिए आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया की अवधि पूरी हो गई है। ये भर्ती सिपाही के 60,244 पदों के लिए की जा रही है। बड़ी बात ये है कि 60,244 पदों के लिए विभाग को तकरीबन 50 लाख से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है। इसके साथ ही सबसे बड़ी संख्या में होने वाली सिपाही भर्ती में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की संख्या ने भी इतिहास रच दिया है। इन आवेदनों में 15 लाख महिलाओं ने भी आवेदन किए हैं।

परीक्षा कराना है बड़ी मुश्किल

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पुलिस कॉन्स्टेबल के 60 हजार से अधिक पदों पर भर्ती चल रही है। इस भर्ती में आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2024 निर्धारित की गयी थी। अब जब आवेदन की ये अवधि पूरी हो गई है तो मंगलवार रात 12 बजे सिपाही भर्ती के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो को लॉक कर दिया गया। विंडो लॉक करते वक्त 50,14,924 अभ्यर्थी आवेदन कर चुके थे।

सिपाही भर्ती के लिए 50 लाख आवेदन आने के बाद आगामी 18 फरवरी को लिखित परीक्षा कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। खबरों की मानें तो इस साल बोर्ड ने भर्ती के लिए 32 लाख आवेदन की संभावना जताई थी। इसी संभावना के चलते और उसी हिसाब से ही पूरे प्रदेश में 18 फरवरी को प्रस्तावित लिखित परीक्षा के लिए 6500 से अधिक केंद्र बनाने की तैयारी की गई थी। अब जब आवेदन 50 लाख से ज्यदा हैं, तो फिर से एक बार दो से तीन पालियों में परीक्षा की योजना बनाई जा रही है।

एक पद के लिए इतने आवेदन

आपको बता दें कि ये सिपाही परीक्षा काफी कठिन होने वाली है। इस बार सिपाही के एक पद के लिए करीब 83 दावेदार हो चुके हैं। इस भर्ती के बाद यूपी पुलिस सबसे ज्यादा महिला कर्मियों वाला पुलिस बल बन जाएगा। सिपाही बनने के लिए 15 लाख महिलाओं ने आवेदन किए हैं। आरक्षण के मुताबिक करीब 12 हजार महिलाओं को सिपाही बनने का मौका मिलेगा। महिला सिपाही के एक पद के लिए 125 दावेदार हैं।

युवाओं को YOGI सरकार ने दिया एक और मौका, UP POLICE में आरक्षी भर्ती के आवेदन की तिथि बढ़ी

  उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन की तिथि…

कासगंज SP के दफ्तर में रोते हुए पहुंची दारोगा की पत्नी, खोल दी अपने पति की पोल

यूपी के कासगंज एसपी के दफ्तर में उस वक्त हंगामा मच गया, जब एक दारोगा की पत्नी रोते हुए वहां पहुंची। इस दौरान पीड़िता ने एक ऐसा सच बताया जिसे सुनकर सभी हैरान रह गए। दरअसल, पीड़िता ने बताया कि वो दरोगा की पत्नी है। दरोगा ने पहली पत्नी को तलाक दिए बिना ही उससे मंदिर में शादी की। पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है। अफसरों का कहना है कि यदि दारोगा सच में दोषी पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

झूठ बोलकर की शादी

जानकारी के मुताबिक, आगरा के लोहामंडी इलाके की रहने वाली महिला प्रियंका ने एसपी ऑफिस पहुंचकर दरोगा की धोखाधड़ी की व्यथा सुनाई। एसपी के सामने रोते हुए महिला ने कहा कि उसने वर्ष 2020 में 26 नवंबर को हिंदू रीति रिवाज से मथुरा के एक मंदिर में दरोगा विक्रम सिंह से शादी की। महिला का कहना है कि दरोगा विक्रम सिंह ने पहली पत्नी के साथ होने की कोई बात नहीं बताई।

मंदिर में शादी करते वक्त दारोगा ने उससे ये कहा था कि, उसकी पहली पत्नी के कोई संतान नहीं है, जिसकी वजह से पहली पत्नी को तलाक दे दिया है। इसी के बाद महिला दारोगा के साथ शादी करके रहने लगी। अब उनके पास दो साल का एक बेटा भी है, लेकिन अब दरोगा विक्रम सिंह पहली पत्नी के साथ रह रहा है और उसे अपने साथ नहीं रख रहा। इसके साथ ही जब पीड़िता इस बात का विरोध करती है दो दारोगा उसे धमकी देता है। ऐसे में अब पीड़िता ने न्याय ना मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है।

दारोगा ने की दो शादी

मामले की जानकारी देते हुए जिले की एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि दरोगा के खिलाफ महिला ने शिकायत की है। दरोगा ने दो शादी की हैं। महिला के आरोपों और साक्ष्यों की जांच करने की जिम्मेदारी सहावर सीओ शाहिदानसरीन को सौंपी गई है। अगर दारोगा दोषी पाया गया तो निश्चित ही उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।