बदायूं पुलिस लाइंस में तैनात कर्मचारियों की हाजिरी और वेतन को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। एक पुलिसकर्मी ने शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में सात कर्मियों पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के बावजूद वेतन हासिल करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ गणना कार्यालय के पुराने रिकॉर्ड खंगालने की मांग की है।
शिकायत में दावा किया गया है कि कुछ पुलिसकर्मी लंबे समय से अपने निर्धारित स्थान पर ड्यूटी नहीं कर रहे हैं, इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में उनकी उपस्थिति दर्ज होती रही। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जिले में इस तरह के मामलों की संख्या सात से कहीं अधिक हो सकती है। उसने करीब 40 से 50 पुलिसकर्मियों के इस तरह लाभ लेने की आशंका जताई है।
गणना कार्यालय की भूमिका पर भी सवाल
शिकायत में गणना कार्यालय में तैनात रहे अनुज और राजेश नाम के कर्मचारियों की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं। दावा है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की हाजिरी दर्ज कराने में उनकी भूमिका रही। इसके बदले 10 से 15 हजार रुपये तक लिए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित पुलिसकर्मियों की हाजिरी रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट और वेतन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई जाए। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों के रिकॉर्ड की भी जांच कराने को कहा गया है।
लोकेशन से खुल सकता है मामला
शिकायत में पुलिसकर्मियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल की जांच कराने का सुझाव भी दिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे यह पता लगाया जा सकता है कि कर्मचारी वास्तव में ड्यूटी स्थल पर मौजूद थे या किसी दूसरे स्थान पर।
यह शिकायत महिला सिपाही आरती सिंह के ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के बावजूद वेतन लेने के मामले के बाद सामने आई है। उस प्रकरण में पुलिस लाइंस और गणना कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। नई शिकायत ने एक बार फिर गणना कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।