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Lucknow और Ghaziabad समेत इन शहरों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले DIG KALANIDHI NAITHANI 26 जनवरी को होंगे सम्मानित
उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक ने पिछले 1 वर्ष में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस…
DG स्पेशल IPS प्रशांत कुमार को चौथी बार मिला गैलेंट्री अवॉर्ड
यूपी के डीजी स्पेशल आईपीएस प्रशांत कुमार ने अपने स्तर पर पुलिस विभाग को बेहद अच्छी तरह से संभाल रखा है। चाहे बात बदमाशों को उनकी सही जगह दिखाने की हो, या फिर पुलिसकर्मियों की परेशानियों को दूर करने की, आईपीएस प्रशांत कुमार हर काम में एकदम परफेक्ट हैं। यही वजह है कि उन्हें एक बार फिर से गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है। उनका काम हमेशा ही ऐसा होता है, कि कोई उसपर उंगली ना उठा पाए। आइए आपको भी डीजी स्पेशल आईपीएस प्रशांत कुमार के बारे में बताते हैं।
तीन बार पहले भी मिल चुका है गैलेंट्री अवॉर्ड
जानकारी के मुताबिक, 26 जनवरी को हमारा संविधान लागू हुआ था, इसलिए हर साल इस तारीख को देश का गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। भारत में इस साल 75वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। इस दिन पुलिस अफसरों को सम्मानित भी किया जाता है। ऐसे में इस साल एक बार फिर से DG स्पेशल IPS प्रशांत कुमार को गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। ये उनका चौथा गैलेंट्री अवॉर्ड होगा। इससे पहले उन्हें 2020, 2021 और 2022 में भी इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
आपको बता दें कि 2022 में उन्हें ये यह सम्मान 2020 में मेरठ में हुई एक मुठभेड़ के लिए दिया गया है। तब उन्होंने एक लाख रुपये के इनामी अपराधी शिव शक्ति नायडू को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया था। इससे पहले 2020 और 2021 में उन्हें राष्ट्रपति की ओर से वीरता का पुलिस पदक दिया जा चुका है।
कौन हैं आईपीएस प्रशांत कुमार
प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है। वर्तमान समय में वो यूपी पुलिस में लॉ एंड ऑर्डर की कमान भी संभाल रहे हैं। उन्हें हाल ही में प्रमोशन देकर डीजी बनाया गया है।
UP के इन दो जाबांज अफसरों को मिलेगा गैलेंट्री अवॉर्ड, जानें इनके बारे में
गणतंत्र दिवस का दिन हर किसी के लिए बेहद खास होता है। इस दिन जगह-जगह झंडा फहराया जाता है। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस पर पुलिसकर्मियों को मिलने वाले अलग-अलग पदकों के लिए नामों का एलान हो गया है। इस दिन उन पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया जाता है, जो अपने क्षेत्र में कुछ ना कुछ अच्छा करते हैं। इसी क्रम में एक बार फिर से यूपी के दो आईपीएस अफसरों को गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। गैलेंट्री अवॉर्ड भारत सरकार की तरफ से दिया जाने वाला वीरता और बलिदान का पुरस्कार है।
इन दो अफसरों को मिलेगा गैलेंट्री अवॉर्ड
जानकारी के मुताबिक, इस गणतंत्र दिवस उत्तर प्रदेश के दो आईपीएस को गैलेंट्री अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। इन अफसरों में सबसे पहला नाम तो स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार और दूसरा नाम आईपीएस मंजिल सैनी का है। इस अफसरों का नाम MHA ने जारी किया है। जैसे ही ये लिस्ट जारी हुई है, तो विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई।
कौन हैं प्रशांत कुमार
स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार को चौथी बार गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है।
कौन हैं आईपीएस मंजिल सैनी
उत्तर प्रदेश की आईपीएस मंजिल सैनी को लेडी सिंघम के तौर पर जाना जाता है। मंजिल सैनी साल 2005 बैच की आईपीएस अफसर हैं। वो लखनऊ और रामपुर की एसएसपी रही है, जहां उन्होंने शानदार काम किया। लखनऊ के एसएसपी का पद संभालने वाली वो पहली महिला अफसर रही है। इसके अलावा उन्होंने इटावा में भी काम किया है। अमित कुमार किडनी रैकेट मामले की जांच में उनकी अहम भूमिका रही है। उनका काम ऐसा रहा है, कि तबादले के बाद भी लोग उन्हें याद करते हैं।
महराजगंज: वकीलों ने दारोगा को घेरकर पीटा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
यूपी में दबंगई का आलम कुछ इस तरह से बढ़ता जा रहा है, कि अब तो लोग पुलिसकर्मियों को भी घेर कर पीट देते हैं। मामला महराजगंज जिले का है, जहां वकीलों ने चौकी इंचार्ज को दौड़ा लिया। भागते समय जब चौकी इंचार्ज गिर पड़े तो वकीलों ने उन्हें पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.। पुलिसवाले की पिटाई होते देख एसपी कार्यालय व कलेक्ट्रेट चौकी के बाकी पुलिसकर्मी दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। बड़ी मुश्किल से वकीलों कि गिरफ्त से दारोगा को छुड़ाया गया।
ये था मामला
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज ने मारपीट के मामले में एक वकील के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-151 के तहत कार्रवाई की थी। जिससे वकील काफी नाराज थे। इसी मामले में बुधवार को सिविल कोर्ट से दर्जनों की संख्या में वकील एसपी को ज्ञापन देने पहुंचे थे। इस दौरान एसपी ने उनसे जांच के लिए एक घंटे का समय मांगा। सभी वकील बाहर खड़े होकर इंतजार कर ही रहे थे, कि इतने में कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज एसपी ऑफिस की तरफ आते दिखाई दिए। बस फिर क्या था, उन्हें देखते ही वकीलों का पारा चढ़ गया।
चौकी इंचार्ज को देखते ही वकीलों ने उन्हें दौड़ा लिया। इस दौरान चौकी इंचार्ज बैलेंस बिगड़ने से गिर गए। वकीलों मे इसका फादा उठाया और चौकी इंचार्ज पर हाथ उठा दिया। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें लोग चौकी इंचार्ज की पिटाई करते दिख रहे हैं। बहुत से वकील तो गाली-गलौज करते भी दिख रहे हैं। वीडियो में चौकी इंचार्ज यह कहते हुए दिख रहे हैं कि आप लोग जान से मार दीजिए। मैं यहा से भागूंगा नहीं।
जल्द की जाएगी कार्रवाई
दारोगा को पिटता देख तत्काल पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और चौकी इंचार्ज को वकीलों के चंगुल से बचाकर लाए। मामले में अब जिले के एसपी ने सख्ती बरतते हुए कहा है कि, सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक के साथ बैठक की जाएगी। बातचीत के बाद जो कुछ सामने आएगा उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
DG प्रशांत कुमार ने रामलला के दर्शन करने आ रहे लोगों से की ये खास अपील
राम मंदिर के भव्य उद्घाटन के बाद से भारी तादाद में लोग रामलला के दर्शन को अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस दौरान कोई हालात ना बिगड़े, इसके लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। राज्य के सभी बड़े अफसर इस वक्त अयोध्या में ही मौजूद हैं। इसके बावजूद भीड़ को संभालने के लिए लगातार कुछ ना कुछ कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने लोगों से खास अपील की है।
8000 से ज्यादा पुलिस मंदिर में तैनात
जानकारी के मुताबिक, लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि हमने यह सुनिश्चित किया कि यहां बेहतर भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन किया जाए। हमें शासन का निर्देश था कि भक्तों को किसी भी तरह कोई असुविधा न हो। जो भी प्रबंध रात भर में अंतर्विभागीय समन्वय से हमने किया था उसके अच्छे और सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
आज मंदिर और उसके आसपास लगभग 8000 पुलिस कर्मी मौजूद हैं। इसके साथ ही जल्द ही सीआरपीएफ, एसएसएफ और अन्य पुलिस अधिकारी मंदिर के अंदर तैनात किए जाएंगे, ताकि किसी तरह की कोई असुविधा लोगों को ना होने पाए।
भक्तों से की अपील
आगे यूपी डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि हमने भीड़ नियंत्रण उपायों में सुधार किया है, और यह सुनिश्चित करने के लिए श्रद्धालुओं की लाइनें बनवाई हैं। आज, भीड़ कल की तुलना में कम है और व्यवस्थाएं अच्छी हैं। हम भक्तों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हैं, क्योंकि अगर लोग धैर्य नहीं रखेंगे तो परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए भक्तों को सुरक्षाकर्मियों का साथ देना चाहिए, तकि हालात काबू में रहे।
हरदोई: किसान के सिपाही बेटे ने कर दिया कमाल, PCS परीक्षा में हासिल की 20वीं रैंक, बने SDM
वो कहावत है ना कि, कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों…इस कहावत को चरिर्तार्थ किया है यूपी पुलिस के एक सिपाही ने। दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने अपनी मेहनत के दमपर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UP PCS) 2023 में 20वीं रैं हासिल की है। उनकी इस सफलता से ना सिर्फ उनके घर बल्कि पूरे विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनकी इस कामयाबी पर उनके साथी और गांव के लोग बेहद खुश हैं. दोस्त, पड़ोसी और रिश्तेदार बधाई दे रहे हैं।
नौकरी के साथ की पढ़ाई
जानकारी के मुताबिक, दीपक सिंह जनपद बाराबंकी के छोटे से गांव सेमराय के रहने वाले हैं इनके पिता अशोक कुमार सिंह किसान हैं और माता गृहणी हैं वह 5 भाई बहनों में दूसरे नंबर पर आते हैं। उन्होंने साल 2018 में यूपी पुलिस भर्ती में कॉन्स्टेबल की नौकरी हासिल की थी और इस वक्त हरदोई जिले में पोस्टेड हैं। भले ही वो सिपाही बन गए थे, लेकिन उनके मन में अफसर बनने का सपना पल रहा था।
वे नौकरी के साथ-साथ प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते रहे और मेहनत से अपनी किस्मत पलट दी। 2023 में दीपक ने यूपीपीसीएस की परीक्षा में शामिल हुए तो प्री और मेन्स एग्जाम क्लियर करने बाद 12 जनवरी को पीसीएस का इंटरव्यू दिया था। उन्होंने इस पूरे प्रदेश में 20वां स्थान प्राप्त किया है। अब वे डिप्टी कलेक्टर यानी एसडीएम बनेंगे।
बात करें उनकी पर्सनल लाइफ की तो सिपाही के पिता अशोक कुमार किसान हैं और मां कृष्णा गृहिणी हैं। कहीं वह अपने लक्ष्य से भटक ना जाएं इसके लिए दीपक अपने बिस्तर के पास एक व्हाइट बोर्ड रख लिया था, जिस पर ना मिटने वाले मार्कर पेन से एसडीएम लिख लिख लिया था जैसे ही वह सोने जाते तो उन्हें बोर्ड देख कर अपने एसडीएम बनने के लक्ष्य का याद रहता और सुबह उठते ही बोर्ड को देख कर लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाते थे।
अफसर दे रहे बधाई
अपने स्ट्रगल के बारे में दीपक ने बताया कि, पुलिस में नौकरी के साथ पीसीएस की पढ़ाई के लिए उन्हें सिर्फ 4 से 5 घंटे ही मिला करते थे, जिसमें वह किराए के 10 बाई 10 के कमरे में रहकर पढ़ाई किया करते थे। इसके साथ ही वो पुलिस लाइन में बनी लाइब्रेरी में भी लाकर जी तोड़ मेहनत से पढ़ाई करते थे। इसी का नतीजा है, कि अब उन्होंने अपनी मंजिल पा ली। अब दीपक सिंह के डिप्टी कलेक्टर बनते ही पुलिस महकमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ी हर कर्मचारियों की बधाइयां मिलनी लगीं। जिले भर के बड़े अफसर उन्हें बधाई दे रहे हैं।
लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए अयोध्या में तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बढ़ाई गई, अब इस तारीख तक रहेगी तैनाती
हाल ही में 22 जनवरी के दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। जिसके बाद से लोगों का हूजूम रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंच रहा है। बात करें 23 जनवरी की तो इस दिन 5 लाख से ज्यादा लोगों ने रामलला के दर्शन करने पहुंचे। अंदाजा लगाया जा रहा है कि, आगे आने वाले समय में भी ऐसे ही भीड़ रामलला के दर्शन को पहुंचेगे। इसी के चलते रामलला के मंदिर के साथ हनुमान गढ़ी मंदिर के बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। इसके साथ ही उन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी को भी बढ़ाया गया है, जो दूसरे जिले से अयोध्या पहुंचे हैं।
सुरक्षा को तैनात पुलिस
जानकारी के मुताबिक, 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले दिन पांच लाख से अधिक भक्तों ने राम मंदिर पहुंचकर प्रभु राम के दर्शन किए। रामभक्तों की अप्रत्याशित भीड़ ने शासन को भी चिंता में डाल दिया तो भीड़ नियंत्रण प्रबंधों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी अयोध्या पहुंचना पड़ा। उनके साथ-साथ प्रदेश के बड़े अफसर हालात संभालने के लिए अयोध्या पहुंचे थे।
25 जनवरी तक तैनात रहेंगे
इसके साथ ही आज बुधवार सुबह से ही एक बार फिर राम मंदिर में दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। हनुमान गढ़ी मंदिर के बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब प्रशासन ने ये आदेश जारी किया गया है कि, जो भी पुलिसकर्मी दूसरे जिले से सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए अयोध्या पहुंचे थे, उनकी ड्यूटी की समयावधि बढ़ा दी गई है। अब वो अयोध्या में 25 जनवरी तक तैनात रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए आज भी रामलला के गर्भगृह में मौजूद DG स्पेशल और प्रमुख सचिव गृह
आज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का तीसरा दिन है। ऐसे में कल की तरह आज भी भारी तादाद में लोग रामलला के दर्शन को अयोध्या पहुंच रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा के तीसरे दिन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं। कल जिस तरह के भीड़ को संभालने के लिए शाम को अफसरों को मंदिर पहुंचना पड़ा था, ठीक उसी तरह से आज सुबह से ही यूपी के प्रमुख सचिव, गृह, संजय प्रसाद और डीजी लॉ एंड ऑर्डर, प्रशांत कुमार मंदिर के ‘गर्भ गृह’ के अंदर मौजूद हैं। उनकी निगरानी में पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की आवाजाही में काफी अच्छी तरह से नजर रखें हैं।
23 जनवरी को खोला गया दरबार
जानकारी के मुताबिक, 22 जनवरी को अयोध्या के विशाल मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। जिसके बाद लोगों के लिए मंदिर 23 जनवरी को खोल दिया गया। भगवान श्रीराम के दर्शन को लाखों लोगो का हूजूम पहले ही दिन पहुंच गया था। ऐसे में प्रमुख सचिव, गृह, संजय प्रसाद और डीजी लॉ एंड ऑर्डर, प्रशांत कुमार को जाकार मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालनी पड़ी थी।
आज भी मौजूद हैं अफसर
कल की तरह आज हालात ना बिगड़े, ऐसे में आज सुबह से ही प्रमुख सचिव, गृह, संजय प्रसाद और डीजी लॉ एंड ऑर्डर, प्रशांत कुमार रामलला के गर्भगृह में मौजूद हैं। वो श्रद्धालुओं की व्यवस्थित आवाजाही पर निगरानी रखे हुए हैं। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी मंदिर परिसर में मौजूद हैं। भक्तों को सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर में 8000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।