चंदौली। पुलिसिंग की गुणवत्ता और जनसेवा के क्षेत्र में चंदौली पुलिस ने एक नई पहचान बनाई है। जिले के सभी 16 थानों को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के आईएस 15700:2018 और अंतरराष्ट्रीय मानक आईएसओ 9001:2015 के तहत प्रमाणित किया गया है। एक ही जिले के सभी थानों को एक साथ यह मान्यता मिलने का यह पहला मामला माना जा रहा है।
कई प्रयासों का है परिणाम
यह उपलब्धि लंबे समय से चल रहे सुधारात्मक प्रयासों का परिणाम है। चंदौली पुलिस ने थानों की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए कई स्तरों पर बदलाव किए। रिकॉर्ड प्रबंधन को आधुनिक बनाया गया, शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को मजबूत किया गया और थानों में आने वाले लोगों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की गईं।
प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न मानकों पर थानों का मूल्यांकन किया गया। इसमें सेवा की गुणवत्ता, शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था, दस्तावेजों का रखरखाव, जवाबदेही और जनसंतुष्टि जैसे पहलुओं को परखा गया। सभी थाने निर्धारित मानकों पर खरे उतरे, जिसके बाद उन्हें यह प्रमाणन प्रदान किया गया।
इस सफलता में वर्तमान पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल और पूर्व पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के नेतृत्व की अहम भूमिका रही। अधिकारियों के निर्देशन में नियमित समीक्षा, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और आंतरिक निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया, जिससे पुलिस सेवाओं में निरंतर सुधार संभव हो सका।
डीजीपी ने किया सम्मानित
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में यह प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश पुलिस को प्रदान किए गए। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने चंदौली पुलिस की उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे जनविश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर और जवाबदेह पुलिसिंग के लिए इस तरह के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे।
चंदौली पुलिस की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण मानी जा रही है।