गोरखपुर। मासूम बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना के बाद गोरखपुर पुलिस ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशील पहल करते हुए एकजुटता दिखाई है। जिले के पुलिसकर्मियों ने स्वेच्छा से अपना एक दिन का वेतन परिवार की मदद के लिए देने का फैसला किया है। इस पहल के जरिए करीब 30 लाख रुपये की सहायता राशि जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि परिवार की आर्थिक जरूरतों के साथ बच्चों के भविष्य को भी सहारा मिल सके।
4700 पुलिसकर्मी देंगे सहयोग
जिले में तैनात करीब 4700 पुलिसकर्मियों के इस सामूहिक सहयोग को केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य यह संदेश देना भी है कि इस मुश्किल दौर में पूरा पुलिस विभाग पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। जुटाई गई राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, इलाज और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
पुलिस ने परिवार की तत्काल जरूरतों का भी ध्यान रखा है। राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था कराई जा रही है, जबकि जरूरत पड़ने पर पुलिसकर्मी व्यक्तिगत स्तर पर भी सहयोग कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर परिवार के घर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए भी पुलिस ने पहल की है। परिवार की तीसरे नंबर की बेटी का दाखिला कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कराया गया है, जबकि दो छोटी बेटियों का निजी स्कूल में प्रवेश कराने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि बच्चों की शिक्षा किसी भी हाल में नहीं रुकने दी जाएगी।
28 जुलाई को लापता हुई थी बिटिया
गौरतलब है कि 28 जुलाई को जिला अस्पताल से लापता हुई 10 वर्षीय बच्ची का शव दो दिन बाद बरामद हुआ था। मामले में डायल-112 में तैनात एक सिपाही का नाम सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की यह मानवीय पहल पीड़ित परिवार को संबल देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।