प्रतापगढ़। पुलिस विभाग में फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने आठ सिपाहियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। आरोप है कि इन कर्मियों ने स्वयं को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार का आश्रित बताकर नौकरी हासिल की थी। जांच में उनके दावों को गलत पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
ये है मामला
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विभाग को शिकायत मिलने पर संबंधित अभिलेखों और प्रमाण पत्रों की गहन जांच कराई गई। जांच के दौरान सामने आया कि जिन अभ्यर्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार का आश्रित होने का दावा किया था, उनके परिवार में कोई भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं पाया गया। इसके बाद नियुक्ति के आधार को फर्जी मानते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
सेवा से बर्खास्त किए गए सिपाहियों में मिर्जापुर निवासी शुभम दूबे और अभिषेक पांडेय के अलावा रविशंकर, प्रदीप कुमार, अजय कुमार, आकाश मिश्रा, दिव्यांशु यादव और खुशबू गुप्ता शामिल हैं। सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पूरी करने के बाद सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
एसपी ने बताया कि मामला केवल नौकरी हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और सरकारी अभिलेखों में गलत जानकारी प्रस्तुत करने के आरोप भी शामिल हैं। इसलिए संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने या उपलब्ध कराने में किसी अन्य व्यक्ति अथवा गिरोह की भूमिका तो नहीं रही।
एसपी ने कहा ये
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच की जा रही है।