उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बदमाशों की गोली का शिकार हुए पुलिसकर्मी अमित शुक्ला की हालत को लेकर पुलिस महकमे में चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार देर शाम असलहा तस्करों को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने अचानक फायरिंग कर दी। इस दौरान कांस्टेबल अमित शुक्ला को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्हें तीन गोलियां लग गईं। गोलियां उनके पेट, पीठ और हाथ में लगी हैं। गंभीर रूप से घायल सिपाही को साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। यहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए।
बदमाशों की फायरिंग में सिपाही को लगीं तीन गोलियां
मिली जानकारी के अनुसार, वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के सुंदरपुर स्थित आशुतोष नगर में पुलिस को असलहा तस्करों के छिपे होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर क्राइम टीम आरोपियों की तलाश में मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान नरिया तिराहे के पास बदमाशों ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए गोलियां चला दीं।
अचानक हुई फायरिंग में कांस्टेबल अमित शुक्ला गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पेट, पीठ और हाथ में गोली लगी। हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए घायल सिपाही को अस्पताल पहुंचाया।
सिपाही को गोली लगने की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए। वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई अधिकारी बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। अधिकारियों ने डॉक्टरों से अमित शुक्ला की सेहत और इलाज की जानकारी ली। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सिपाही पर हमले के कुछ देर बाद लंका थाना क्षेत्र के लोटूबीर मंदिर के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान राज विश्वकर्मा के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा। पुलिस को शक है कि वह अमित शुक्ला पर हुई फायरिंग में शामिल था।
हमले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश
घटना के बाद लंका पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें सक्रिय हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और असलहा तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।