उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वर्ष 2019 के चर्चित टैक्सी चालक हत्याकांड और वाहन लूट मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को सात साल बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में छिपा हुआ था। एसटीएफ की कानपुर इकाई ने उसे राजस्थान के डीडवाना क्षेत्र से दबोच लिया।
पूछताछ में बताया ये
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलिया जिले के सुखपुरा निवासी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यु यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि जुलाई 2019 में उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर टैक्सी लूटने की योजना बनाई थी। इसके लिए एयरपोर्ट जाने का बहाना बनाकर गोरखपुर निवासी टैक्सी चालक शुभम पांडेय की कार बुक कराई गई।
रास्ते में चारों आरोपियों ने चालक की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को नहर में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी टैक्सी लेकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद सरोजनीनगर थाने में हत्या, लूट और आपराधिक साजिश सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसटीएफ के अनुसार, घटना के बाद मोनू यादव सबसे पहले बेंगलुरु भाग गया, जहां उसने अपनी पहचान छिपाकर बस कंडक्टर के रूप में काम किया। कुछ समय बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए वह राजस्थान पहुंच गया और डीडवाना में नाम बदलकर एक निजी प्रतिष्ठान में नौकरी करने लगा। इसी दौरान एसटीएफ को उसके ठिकाने की सटीक सूचना मिली, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन मामले हैं दर्ज
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ लखनऊ और बलिया में हत्या, लूट और आपराधिक साजिश समेत तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सरोजनीनगर पुलिस को सौंप दिया गया है।
अब जांच एजेंसियां आरोपी से उसके फरार रहने के दौरान मदद करने वाले लोगों, अन्य साथियों और संभावित आपराधिक नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।