सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में आर्म्ड पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (APTC) के कमांडेंट एवं आईपीएस अधिकारी शगुन गौतम पर गंभीर आरोप लगे हैं। एपीटीसी में फॉलोअर के पद पर तैनात शैलेंद्र पाल की मौत के बाद उनकी पत्नी ने कमांडेंट पर प्रताड़ित करने, मारपीट करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, खैराबाद थाना क्षेत्र के राजापुर चिलवारा गांव निवासी 25 वर्षीय शैलेंद्र पाल एपीटीसी में फॉलोअर के रूप में कार्यरत थे और कमांडेंट के आवास पर खाना बनाने का काम भी करते थे। परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पहले कमांडेंट के आवास पर चोरी की घटना के बाद शैलेंद्र को पूछताछ के लिए ले जाया गया था। इस दौरान दो दिन तक उनका मोबाइल बंद रहा। जब वह घर लौटे तो उनके शरीर पर चोट के कई निशान थे।
मृतक की पत्नी सरिता पाल का आरोप है कि आईपीएस शगुन गौतम पिछले कई दिनों से उनके पति की पिटाई कर रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति को धमकी दी गई थी कि अगर उन्होंने किसी को घटना के बारे में बताया तो उनका सब कुछ बर्बाद कर दिया जाएगा। इसके अलावा उनकी सैलरी भी रोक दी गई थी। पत्नी का कहना है कि लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर शैलेंद्र ने मंगलवार को विषाक्त पदार्थ खा लिया।
कार्रवाई की हो रही मांग
परिजन उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बुधवार को मृतक की पत्नी और परिजनों ने बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर कमांडेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
देर शाम सांसद राकेश राठौर के पुत्र के नेतृत्व में ग्रामीणों और परिजनों ने राजापुर चिलवारा गांव में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोप मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। आईपीएस शगुन गौतम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।