Kanpur: चौकी में शराब पार्टी करते पकड़े गए दरोगा–चौकी प्रभारी, दोनों निलंबित

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उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग की छवि लगातार सवालों के घेरे में आ रही है। कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर होती है, उनमें से कुछ ही कंधे वर्दी की गरिमा को धूमिल करने में लगे हुए हैं। कानपुर कमिश्नरेट से एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। आइए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला….

एडीसीपी ने किया निरीक्षण

जानकारी मुताबिक, सोमवार देर रात एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने अचानक औचक निरीक्षण करने का निर्णय लिया था। उन्हें लगातार यह सूचना मिल रही थी कि गुरुदेव पुलिस चौकी में ड्यूटी के दौरान नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है और कुछ पुलिसकर्मी शराब का सेवन कर रहे हैं। इसी सूचना की सत्यता परखने के लिए वे बिना किसी पूर्व सूचना के रावतपुर थाने की गुरुदेव चौकी जा पहुँचे।

जैसे ही एडीसीपी चौकी में दाखिल हुए, दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए। चौकी प्रभारी लोकेश पटेल और दारोगा निखिल सिंह आराम से कुर्सियों पर बैठे थे और मेज पर शराब की खुली बोतल दिखाई दे रही थी। वर्दी में तैनात जिम्मेदार अधिकारियों को इस हालत में देखना न केवल एडीसीपी के लिए निराशाजनक था बल्कि विभागीय अनुशासन पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न था। उन्हें देखकर दोनों अधिकारी घबरा गए, लेकिन जांच आगे बढ़ चुकी थी और अब कोई सफाई उन्हें बचा नहीं सकती थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी ने तुरंत उच्च अधिकारियों को जानकारी दी और मामले की रिपोर्ट तैयार की। अगले ही दिन, मंगलवार रात, दोनों अधिकारियों लोकेश पटेल और निखिल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही, उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने के आदेश भी जारी किए गए।

पहले भी विवादों में रहे दारोगा

दिलचस्प बात यह है कि दारोगा निखिल सिंह पहले भी विवादों में घिरे रहे हैं। अक्टूबर महीने में एक मरणासन्न हमले के मामले में उनके विरोधाभासी बयान सामने आए थे, जिस पर भी एडीसीपी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी। पीड़ितों के प्रति उनके असहयोगी और कठोर रवैये की शिकायतें भी मिलती रही थीं। यह स्पष्ट करता है कि उनका आचरण लंबे समय से संदेह के घेरे में था।

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