कौशांबी: सिपाही को अंतिम विदाई देने पुलिस लाइन पहुंचे IG, परिवार को दी सांत्वना

हाल ही में यूपी के कौशांबी जिले में एक ऑन ड्यूटी सिपाही को चोरों ने अपनी गाड़ी से कुचल दिया। सिपाही को तत्काल ही अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उन्हें मृत घोषित कर दिया। आज सुबह सिपाही को अंतिम विदाई देने के लिए उनके पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन लाया गया। जहां आईजी प्रयागराज परिक्षेत्र, प्रयागराज और एसपी समेत अफसरों और अन्य पुलिसकर्मियों ने अपने साथी को अंतिम विदाई दी। फिलहाल चोरों की तलाश के लिए पुलिस की टीम लगी है।

सिपाही को रौंद कर निकले बदमाश

जानकारी के मुताबिक, सराय अकिल थाना क्षेत्र के बजहां गांव के रहने वाले राहुल ने रविवार की रात करीब 2:00 बजे पुलिस को सूचना दी कि उसके घर का ताला तोड़कर तीन बकरा चोरी कर बदमाश भाग रहे हैं। ऐसे में सिपाही अवनीश दुबे ने बैरीकेडिंग लगाकर बदमाशों को रोकने की कोशिश की। सिपाही की कोशिश उस वक्त विफल हो गई, जब बदमाश उन्हें रोंदते हुए निकल गए।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि, इस हादसे में सिपाही गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जैस ही सिपाही के निधन की खबर पुलिसकर्मियों को लगी, जिला विभाद में खलबली मच गई।

अफसरों ने दी अंतिम विदाई

पोस्टमॉर्टम के बाद सिपाही अवनीश दुबे के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन्स में आईजी प्रयागराज परिक्षेत्र, प्रयागराज व एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी अशोक कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारियो तथा सिपाही के परिजनों द्वारा फूल माला से भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही अधिकारियो द्वारा कंधा देकर अन्तिम विदाई दी गई एवं परिजनों को सांत्वना देकर हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया गया।

कौशांबी: बकरा चोरों ने सिपाही को गाड़ी से रौंदा, मौके पर ही दर्दनाक मौत

यूपी में दबंगों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। मामला कौशांबी जिले का है, जहां बकरा चोरी करके भाग रहे बदमाशों ने अपनी कार से सिपाही को रौंद दिया। घटना के वक्त सिपाही बैरियर लगाकर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहा था। तभी बोलेरो सवार बदमाशों को उसने रोकने की कोशिश की तो उन्होंने सिपाही को रौंद दिया। इस मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है। जल्द से जल्द बदमाशों को गिरफ्तार किया जाएगा।

ये है मामला

जानकारी के मुताबिक, सराय अकिल थाना क्षेत्र के बजहां गांव के रहने वाले राहुल ने रविवार की रात करीब 2:00 बजे पुलिस को सूचना दी कि उसके घर का ताला तोड़कर तीन बकरा चोरी कर बदमाश भाग रहे हैं। खबर मिलते ही पुलिस ने चैकिंग शुरू कर दी। इसी क्रम में सिपाही अवनीश कुमार दुबे भी पटेल चौराहे पर बैरियर लगाकर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी सामने से तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी आई, जिसने सिपाही को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि, इस हादसे में सिपाही गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मृतक सिपाही अवनीश दुबे तिल्हापुर पुलिस चौकी में तैनात था। सिपाही की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार वालों को मिली तो कोहराम मच गया। परिवार के लोग भी बलिया से कौशांबी के लिए रवाना हो गए।

जांच हुई शुरू

इस मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है। आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाल जा रहा है। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

UP: फ्री में मटन ना मिलने पर भड़का सिपाही, दुकानदार को जमकर दी गालियां, SP ने की कार्रवाई

मित्र पुलिस की मेहनत पर कुछ पुलिसकर्मी पानी फेरने में लगे हैं। मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है, जहां एक सिपाही ने फ्री में मटन ना मिलने पर दुकानदार को गाली देना शुरू कर दिया। बड़ी मुश्किल से लोगों ने आकर दोनों के बीच लड़ाई रुकवाई। इसी बीच किसी ने सिपाही का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। जैसे ही वीडियो अफसरों के संज्ञान में आया तो जांच के बाद सिपाही का ट्रांसफर पुलिस लाइन में कर दिया गया है। इसके साथ ही आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ये था मामला

जानकारी के मुताबिक, बस्ती जिले की कोतवाली में तैनात सिपाही अमित सिंह दोपहर को रोडवेज स्थित एक मटन की दुकान पर पहुंचा। इस दौरान वहां काफी भीड़ थी। भीड़ होने के बाद भी सिपाही दुकान के भीतर घुस गया और दुकानदार से फ्री में मटन मांगने लगा। दुकानदार ने उसे फ्री में मटन देने से मना कर दिया। बस फिर क्या था, सिपाही ने वर्दी की धौंस दिखाना शुरू कर दिया। दुकानदार थोड़ी देर तक तो सिपाही की हरकत बर्दाश्त करता रहा. मगर जब वो चुप नहीं हुआ तो तंग आकर दुकानदार ने भी सिपाही को सुना दिया।

एसपी ने किया लाइन हाजिर

जब दुकानदार ने सिपाही को जबाव दिया तो सिपाही भड़क उठा और दुकानदार को अपशब्द कहने लगा। कुछ ही देर में आलम कुछ ऐसा हो गया कि, सिपाही दुकानदार को धकेल कर गालियां देता रहा। इसी बीच किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होने के बाद सिपाही को जिले के एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही आगे जांच के हिसाब के भी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

हरदोई: किसान के सिपाही बेटे ने कर दिया कमाल, PCS परीक्षा में हासिल की 20वीं रैंक, बने SDM

वो कहावत है ना कि, कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों…इस कहावत को चरिर्तार्थ किया है यूपी पुलिस के एक सिपाही ने। दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही ने अपनी मेहनत के दमपर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UP PCS) 2023 में 20वीं रैं हासिल की है। उनकी इस सफलता से ना सिर्फ उनके घर बल्कि पूरे विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनकी इस कामयाबी पर उनके साथी और गांव के लोग बेहद खुश हैं. दोस्त, पड़ोसी और रिश्तेदार बधाई दे रहे हैं।

नौकरी के साथ की पढ़ाई

जानकारी के मुताबिक, दीपक सिंह जनपद बाराबंकी के छोटे से गांव सेमराय के रहने वाले हैं इनके पिता अशोक कुमार सिंह किसान हैं और माता गृहणी हैं वह 5 भाई बहनों में दूसरे नंबर पर आते हैं। उन्होंने साल 2018 में यूपी पुलिस भर्ती में कॉन्स्टेबल की नौकरी हासिल की थी और इस वक्त हरदोई जिले में पोस्टेड हैं। भले ही वो सिपाही बन गए थे, लेकिन उनके मन में अफसर बनने का सपना पल रहा था।

वे नौकरी के साथ-साथ प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते रहे और मेहनत से अपनी किस्मत पलट दी। 2023 में दीपक ने यूपीपीसीएस की परीक्षा में शामिल हुए तो प्री और मेन्स एग्जाम क्लियर करने बाद 12 जनवरी को पीसीएस का इंटरव्यू दिया था। उन्होंने इस पूरे प्रदेश में 20वां स्थान प्राप्त किया है। अब वे डिप्टी कलेक्टर यानी एसडीएम बनेंगे।

बात करें उनकी पर्सनल लाइफ की तो सिपाही के पिता अशोक कुमार किसान हैं और मां कृष्णा गृहिणी हैं। कहीं वह अपने लक्ष्य से भटक ना जाएं इसके लिए दीपक अपने बिस्तर के पास एक व्हाइट बोर्ड रख लिया था, जिस पर ना मिटने वाले मार्कर पेन से एसडीएम लिख लिख लिया था जैसे ही वह सोने जाते तो उन्हें बोर्ड देख कर अपने एसडीएम बनने के लक्ष्य का याद रहता और सुबह उठते ही बोर्ड को देख कर लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाते थे।

अफसर दे रहे बधाई

अपने स्ट्रगल के बारे में दीपक ने बताया कि, पुलिस में नौकरी के साथ पीसीएस की पढ़ाई के लिए उन्हें सिर्फ 4 से 5 घंटे ही मिला करते थे, जिसमें वह किराए के 10 बाई 10 के कमरे में रहकर पढ़ाई किया करते थे। इसके साथ ही वो पुलिस लाइन में बनी लाइब्रेरी में भी लाकर जी तोड़ मेहनत से पढ़ाई करते थे। इसी का नतीजा है, कि अब उन्होंने अपनी मंजिल पा ली। अब दीपक सिंह के डिप्टी कलेक्टर बनते ही पुलिस महकमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ी हर कर्मचारियों की बधाइयां मिलनी लगीं। जिले भर के बड़े अफसर उन्हें बधाई दे रहे हैं।