वाराणसी में नीट (यूजी) 2026 पेपर लीक मामले को लेकर अपना दल (कमेरावादी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने खुद मैदान में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली।
पैदल किया निरीक्षण
पुलिस कमिश्नर ने लंका क्षेत्र में स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय, मालवीय चौराहा और नरिया मार्ग सहित कई संवेदनशील इलाकों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर तैनात पुलिस बल को ब्रीफ किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।
लंका चौराहे पर पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जवान पूरी तैयारी के साथ ड्यूटी करें और हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, डंडा एवं अन्य जरूरी उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करें। साथ ही बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त संसाधन रखने के निर्देश भी दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी की गई। पुलिस कमिश्नर ने साफ निर्देश दिया कि किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और भीड़ में उपद्रव करने वालों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार के जुलूस, धरना या प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर लगातार फील्ड में मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की हर छोटी-बड़ी स्थिति पर नजर बनाए रखी। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने और जवानों का मनोबल बढ़ाने के निर्देश दिए।