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पुलिस स्मृति दिवस पर बोले CM योगी- कानून का राज स्थापित करने में पुलिसकर्मियों की बड़ी भूमिका
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CM YOGI की इस धाकड़ महिला IPS ने रामलीला के मंच से कलयुगी रावणों को दी चेतावनी
प्रदेश के बुलंदशहर में तैनात IPS अनुकृति शर्मा ने रामलीला के मंच से कलयुगी रावणों…
मौत के बाद माँ को अस्पताल में छोड़ भाग निकला बेटा तो LUCKNOW POLICE ने किया कैसा काम की सब ने किया सलाम
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पुलिसकर्मियों को नियमित फुट पेट्रोलिंग करने के सख्त निर्देश का असर दिखने…
Ghazipur News : लग्जरी कार में 4 तस्कर सवार, फिर 1.10 करोड़ की हेरोइन संग पुलिस ने ऐसे कि~या गिरफ्तार
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अतीक-अशरफ का साला सद्दाम गिरफ्तार, गर्लफ्रैंड से मिलने आया था, STF ने जाल बिछाकर दिल्ली से दबोचा
बरेली जिला जेल में बंद रहे माफिया अशरफ के साले सद्दाम को UP पुलिस की एसटीएफ…
अयोध्या की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 1 लाख का पुरस्कार
मनकापुर से प्रयागराज जाने वाली सरयू एक्सप्रेस में 30 अगस्त की सुबह एक महिला मुख्य आरक्षी खून से लथपथ मिली थी। उसके चेहरे, माथे व गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान थे। साथ ही वह उसके कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे। जीआरपी ने उसे घायल अवस्था में श्रीराम चिकित्सालय पहुंचाया था, जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया था। इस मामले में शुक्रवार यानी आज यूपी एसटीएफ और अयोध्या पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी अनीस ढेर हो गया। जबकि उसके दो साथी एनकाउंटर में घायल हो गए हैं। स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि अयोध्या की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एक लाख रुपए पुरस्कार मिलेगा। उन्होंने बताया कि थाना पूराकलंदर के छतरिवा पारा कैल मार्ग पर मुठभेड़ में सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर हमले के मामले में पुलिस ने एक अपराधी अनीस को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। एसटीएफ और अयोध्या पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर में अपराधी नसीम ढेर हुआ है। उसके दो अन्य साथी भी घायल हुए हैं। मुठभेड़ में एसओ पुराकलंदर रतन शर्मा व दो अन्य सिपाही के भी घायल हुआ है। इसी मामले में थाना इनायत नगर से दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है।
सरयू एक्सप्रेस की जिस बोगी में आरोपी सवार हुए तो उसमें महिला मुख्य आरक्षी के अलावा दो साधू बैठे थे। महिला आरक्षी अपना बैग सिरहाने रखकर नींद में थीं। उसे देखकर अनीस और उसके साथियों ने उसके पास जाकर छेड़खानी शुरू कर दी। विरोध करने पर अनीस ने उसके गाल पर ब्लेड से हमला किया और उसका सिर कई बार खिड़की से लड़ा दिया। फिर तीनों उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास करने लगे और उसके कपड़े फाड़ दिए।
अचानक अयोध्या जंक्शन से करीब दो किमी पहले रामगढ़ हाल्ट पर ट्रेन धीमी होने लगी, जिससे तीनों को शक हुआ कि किसी ने चेन पुलिंग कर दी है। तीनों घबराकर ट्रेन से कूद गए और ऑटो से अयोध्या आने के बाद अलग-अलग फरार हो गए। एसटीएफ को अनीस के मोबाइल की लोकेशन बीटीएस से मिली, जिसके समानांतर महिला आरक्षी और बाकी दोनों हमलावरों की लोकेशन भी मिल रही थी। इसके बाद एसटीएफ ने तीनों की तलाश शुरू की और एनकाउंटर में अनीस को ढेर कर दिया। उसके बाकी दोनों साथी भी पुलिस की गोली लगने से घायल हुए है।
मनकापुर से प्रयागराज जाने वाली सरयू एक्सप्रेस में 30 अगस्त की सुबह एक महिला मुख्य आरक्षी खून से लथपथ मिली थी। उसके चेहरे, माथे व गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान थे। साथ ही वह उसके कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे। जीआरपी ने उसे घायल अवस्था में श्रीराम चिकित्सालय पहुंचाया था, जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया था। इस मामले में शुक्रवार यानी आज यूपी एसटीएफ और अयोध्या पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी अनीस ढेर हो गया। जबकि उसके दो साथी एनकाउंटर में घायल हो गए हैं। स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि अयोध्या की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एक लाख रुपए पुरस्कार मिलेगा। उन्होंने बताया कि थाना पूराकलंदर के छतरिवा पारा कैल मार्ग पर मुठभेड़ में सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर हमले के मामले में पुलिस ने एक अपराधी अनीस को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। एसटीएफ और अयोध्या पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर में अपराधी नसीम ढेर हुआ है। उसके दो अन्य साथी भी घायल हुए हैं। मुठभेड़ में एसओ पुराकलंदर रतन शर्मा व दो अन्य सिपाही के भी घायल हुआ है। इसी मामले में थाना इनायत नगर से दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है।
सरयू एक्सप्रेस की जिस बोगी में आरोपी सवार हुए तो उसमें महिला मुख्य आरक्षी के अलावा दो साधू बैठे थे। महिला आरक्षी अपना बैग सिरहाने रखकर नींद में थीं। उसे देखकर अनीस और उसके साथियों ने उसके पास जाकर छेड़खानी शुरू कर दी। विरोध करने पर अनीस ने उसके गाल पर ब्लेड से हमला किया और उसका सिर कई बार खिड़की से लड़ा दिया। फिर तीनों उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास करने लगे और उसके कपड़े फाड़ दिए।
अचानक अयोध्या जंक्शन से करीब दो किमी पहले रामगढ़ हाल्ट पर ट्रेन धीमी होने लगी, जिससे तीनों को शक हुआ कि किसी ने चेन पुलिंग कर दी है। तीनों घबराकर ट्रेन से कूद गए और ऑटो से अयोध्या आने के बाद अलग-अलग फरार हो गए। एसटीएफ को अनीस के मोबाइल की लोकेशन बीटीएस से मिली, जिसके समानांतर महिला आरक्षी और बाकी दोनों हमलावरों की लोकेशन भी मिल रही थी। इसके बाद एसटीएफ ने तीनों की तलाश शुरू की और एनकाउंटर में अनीस को ढेर कर दिया। उसके बाकी दोनों साथी भी पुलिस की गोली लगने से घायल हुए है।
DGP का निर्देश पूरी ट्रेन होगी CCTV कैमरे से कवर, महत्वपूर्ण स्टेशनों पर सुरक्षा उपकरणों की संख्या बढ़ेगी
अयोध्या में महिला सिपाही के साथ हुई घटना के मद्देनजर रेल इंजन व सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर एकीकृत सुरक्षा प्रणाली और निर्भया फंड के तहत सीसीटीवी लगेंगे।
डीजीपी विजय कुमार ने दिए निर्देश
लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज व गोरखपुर समेत अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर सुरक्षा उपकरणों की संख्या भी बढ़ाई जाएंगी। ये निर्देश डीजीपी विजय कुमार ने दिए। वह पुलिस मुख्यालय में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति (एसएलएससीआर) की नौवीं त्रैमासिक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
महिला अपराधों की रोकथाम के लिए
उन्होंने रेलवे में अपराध की रोकथाम के लिए ठेकेदारी के अधीन कार्य करने वाले अनुबंधित रेलकर्मियों के पुलिस वेरिफिकेशन कराने, अवैध वेंडरों को रोकने और वैध वेंडरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। महिला अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष रूप से सतर्कता बरतने पर भी गोष्ठी में मंथन हुआ। इसके अलावा आतंकवादी व रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त करने वाली घटनाओं, जाली मुद्रा, मादक व विस्फोटक पदार्थों को लाने-ले जाने, मानव तस्करी आदि रोकने के तरीकों पर चर्चा हुई।
घटनाओं को रोकने के लिए
छोटे स्टेशनों व हॉल्ट पर सीसीटीवी लगाए जाएं। नोडल अधिकारी एडीजी जीआरपी जय नरायन सिंह ने ट्रेनों पर पत्थरबाजी व रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त करने की घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ, सिविल पुलिस और जीआरपी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आला अधिकारी रहे मौजूद
रेलवे के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए बने सिक्योरिटी प्लान का समय-समय पर ऑडिट करने पर जोर दिया गया। गोष्ठी में आईबी के संयुक्त निदेशक जर्नादन सिंह, एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल, आईजी रेलवे सत्येंद्र कुमार सिंह समेत रेलवे व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे।