शाहजहांपुर जिले के जैतीपुर थाने में तैनात सिपाही विवेक कुमार को एंटी करप्शन टीम ने 35 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि सिपाही ने हत्या के मुकदमे की विवेचना के निस्तारण के नाम पर शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ गढ़िया रंगीन थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव नौगवां गोविंद के पास एक सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी। मामले में आईजी और डीआईजी को प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी ने बताया कि बरेली जिले के थाना सुभाषनगर क्षेत्र की रघु वाटिका कॉलोनी निवासी सुधांशु कुमार शर्मा इस मामले में नामजद थे। आरोप है कि मुकदमे की विवेचना में राहत दिलाने और निस्तारण कराने के नाम पर सिपाही विवेक कुमार ने उनसे 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
पीड़ित ने की थी शिकायत
रिश्वत की मांग से परेशान होकर सुधांशु शर्मा ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद टीम ने जाल बिछाया। बृहस्पतिवार दोपहर जब शिकायतकर्ता ने जैतीपुर थाना परिसर में सिपाही विवेक कुमार को 35 हजार रुपये दिए, तभी पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी सिपाही को पूछताछ के लिए गढ़िया रंगीन थाने लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि उसने यह रकम इंस्पेक्टर के नाम पर मांगी थी। मामले की जांच जारी है और एंटी करप्शन टीम अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।