कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसमें नियमों की अनदेखी कर 48 पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त वेतन जारी कर दिया गया। मामले के सामने आते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार कर्मियों को निलंबित कर दिया और पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी है।
ये है मामला
जांच में पता चला कि अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को सप्ताहांत (दूसरे शनिवार और रविवार) की ड्यूटी के बदले अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है। नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी इन दिनों अवकाश पर रहता है तो उसके मानदेय में कटौती की जानी चाहिए। लेकिन वित्तीय वर्ष के दौरान कई ऐसे मामलों में कटौती नहीं की गई और संबंधित कर्मियों को पूरा अतिरिक्त वेतन दे दिया गया।
इस लापरवाही की जिम्मेदारी अकाउंट शाखा के कर्मचारियों पर तय की गई है। कार्रवाई के तहत एक कांस्टेबल, एक हेड कांस्टेबल और दो एएसआई रैंक के अधिकारियों को निलंबित किया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच जारी है और दोष साबित होने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, विभाग ने गलत तरीके से दिए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी जोनों को दिए गए निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने पूरे कमिश्नरेट में मानदेय वितरण की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। सभी जोनों के अधिकारियों को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आने पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।