प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रवैया शनिवार को एक बार फिर देखने को मिला। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में मुख्यमंत्री ने कई जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि अधिकारी अपने क्षेत्रों की स्थिति नहीं संभाल पा रहे हैं तो इसकी जानकारी दें।
अफसरों से मांगा जवाब
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में चर्चा में रहे आपराधिक मामलों को लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। बैठक के दौरान उन्होंने वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और लखनऊ समेत कई जिलों की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि लगातार घटनाओं के बावजूद अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही है।
बैठक में मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी जिले में हत्या, लूट, रंगदारी या अन्य गंभीर अपराधों की घटनाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराधियों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में हुई चर्चित घटनाओं का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों से जवाब-तलब किया। उन्होंने कहा कि केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध होने से पहले उसे रोकने के लिए मजबूत तंत्र विकसित करना होगा। कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई सरकार की प्राथमिकताओं के खिलाफ है।
सीएम ने कहा ये
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अधिकारियों का मूल्यांकन केवल बैठकों और रिपोर्टों से नहीं, बल्कि जमीनी परिणामों से किया जाएगा। यदि किसी जिले में अपराध लगातार बढ़ते हैं तो इसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों का असर भी तुरंत देखने को मिला। समीक्षा के बाद कई जिलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण को लेकर सक्रियता बढ़ा दी। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त तेज करने, लंबित मामलों की समीक्षा करने और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री की इस सख्त चेतावनी को प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अपराध और लापरवाही, दोनों के लिए अब कोई जगह नहीं है।