दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का 36 दिनों से चल रहा आंदोलन उनकी मांगें स्वीकार होने के बाद समाप्त हो गया, लेकिन बिहार में इस मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। पटना में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वामपंथी संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन हुए। इस दौरान सीवान सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा।
शनिवार को हुआ था बवाल
शनिवार को सीवान के गांधी मैदान से शुरू हुआ प्रदर्शन कुछ ही देर में बेकाबू हो गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पहले तीखी बहस हुई, जिसके बाद पथराव शुरू हो गया। हिंसा में जिले के पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा, दो डीएसपी समेत करीब 30 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को 6 से 8 राउंड हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।
हवाई फायरिंग के बाद कुछ लोगों ने गोली लगने और मौत की आशंका जताई, जिस पर पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि पुलिस फायरिंग से किसी की मौत नहीं हुई है। हालांकि, झड़प में कुछ प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
इसलिए किया बल प्रयोग
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने के साथ पुलिस पर पत्थर और लाठियों से हमला किया, जिसके कारण बल प्रयोग करना पड़ा। हिंसा के आरोप में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है।
स्थिति पर नियंत्रण के बाद भी एहतियात के तौर पर प्रशासन ने सीवान जिले में रविवार शाम 5:30 बजे तक इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं, पटना, छपरा, औरंगाबाद, सासाराम, भागलपुर, पूर्णिया और सीतामढ़ी सहित अन्य जिलों में भी प्रदर्शन और तनाव की घटनाएं सामने आई हैं।