बिजनौर के धामपुर में एक पुलिसकर्मी की सोशल मीडिया गतिविधि ने विभाग का ध्यान खींच लिया है। फेसबुक पर साझा की गई एक तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तस्वीर में पुलिसकर्मी एक ऐसे बैनर के साथ दिखाई दे रहा है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
ये है मामला
बताया जा रहा है कि वायरल फोटो एक फेसबुक अकाउंट से पोस्ट की गई, जिसमें पुलिसकर्मी के साथ एक काल्पनिक नाम वाली “पार्टी” का पोस्टर नजर आ रहा है। पोस्टर पर अधिकारों की लड़ाई और धरने से जुड़े संदेश लिखे दिख रहे हैं। तस्वीर सामने आने के बाद लोगों ने इसे तेजी से शेयर करना शुरू कर दिया, जिसके बाद मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया।
सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी रही कि संबंधित पुलिसकर्मी किसी वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी से जुड़ा है, हालांकि पुलिस की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल अधिकारी पहले यह पता लगाने में जुटे हैं कि वायरल तस्वीर असली है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है।
धामपुर क्षेत्र के अधिकारियों का कहना है कि पुलिसकर्मियों के लिए सेवा के दौरान आचरण के स्पष्ट नियम होते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर की गई किसी भी गतिविधि को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसी वजह से पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराई जा रही है।
होगी जांच
पुलिस महकमे में इस घटना को अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि पोस्ट व्यक्तिगत मनोरंजन के उद्देश्य से डाली गई थी या उससे विभाग की छवि प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि संबंधित कर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
सोशल मीडिया के दौर में वर्दीधारियों की ऑनलाइन मौजूदगी भी लगातार निगरानी में रहती है। ऐसे में एक वायरल पोस्ट ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक मंचों पर सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी कहां तक है।