उत्तर प्रदेश को लगभग चार साल बाद जल्द ही स्थायी डीजीपी मिलने की संभावना तेज हो गई है। इस संबंध में स्थायी डीजीपी के पैनल को अंतिम रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आज नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य के सबसे वरिष्ठ और योग्य तीन आईपीएस अधिकारियों के नामों का चयन किया जाएगा, जिनमें से एक को यूपी का स्थायी डीजीपी बनाया जाएगा।
यूपी सरकार की ओर से ये होंगे शामिल
बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव एसपी गोयल शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में तीन नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है, जिन्हें बाद में राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद यूपी सरकार इनमें से एक अधिकारी को स्थायी डीजीपी नियुक्त करेगी।
सूत्रों के अनुसार वरिष्ठता सूची में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा सबसे ऊपर हैं, हालांकि सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले के चलते जुलाई 2024 से उन्हें कोई महत्वपूर्ण तैनाती नहीं मिली है। वहीं 1991 बैच के पीयूष आनंद, जो वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डीजी एनडीआरएफ के पद पर कार्यरत हैं, भी इस रेस में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा 1991 बैच के ही आईपीएस अधिकारी और वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है।
इन्हीं तीनों नामों में से होगा चयन
बताया जा रहा है कि वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए इन तीनों नामों में से ही यूपी के स्थायी डीजीपी का चयन किया जाएगा। हालांकि प्रशासनिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण का स्थायी डीजीपी बनना लगभग तय माना जा रहा है।
गौरतलब है कि मई 2022 में मुकुल गोयल के बाद से उत्तर प्रदेश को स्थायी डीजीपी नहीं मिल सका है। लंबे समय से यह पद खाली रहने के कारण पुलिस प्रशासन के शीर्ष स्तर पर अस्थायी व्यवस्था चल रही थी, जिसे अब जल्द समाप्त किए जाने की संभावना है।