पीलीभीत पुलिस में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने विभागीय अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। वहीं एक मुख्य आरक्षी को लाइन हाजिर किए जाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई विभिन्न माध्यमों से मिली शिकायतों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर कराई गई प्रारंभिक जांच के बाद की गई।
ये था मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में कुछ कर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। उन पर विभागीय मर्यादाओं की अनदेखी करने, अनुचित गतिविधियों में शामिल होने और पुलिस की साख को प्रभावित करने जैसे आरोप सामने आए। शुरुआती जांच में आरोपों के समर्थन में तथ्य मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से कार्रवाई अमल में लाई गई।
निलंबित किए गए कर्मियों में स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के मुख्य आरक्षी बिन्देश्वर मौर्य और महिला मुख्य आरक्षी अनीता, न्यूरिया थाने के मुख्य आरक्षी सतीश कुमार, सदर कोतवाली के मुख्य आरक्षी अजय कुमार व आरक्षी महेश कुमार तथा बीसलपुर कोतवाली के मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार शामिल हैं।
इसके अलावा दियोरिया कला थाने में तैनात मुख्य आरक्षी अजय कुमार के खिलाफ अभद्र व्यवहार की शिकायत मिलने पर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी मामलों की विस्तृत जांच संबंधित क्षेत्राधिकारियों (सीओ) को सौंपी गई है, जो पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल करेंगे।
एसपी ने कहा ये
एसपी सुकीर्ति माधव ने कहा कि पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कर्मचारी के खिलाफ यदि भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता या आचरण संबंधी शिकायत सही पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।