मेरठ। जिले की कमान संभालते ही नए SSP बीबीजीटीएस मूर्ति ने पुलिस महकमे में अपनी पहली बड़ी कार्रवाई की है। किसान नेता दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव के साथ कथित मारपीट के विवाद में सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश कुमार गौड़ समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच अब जिले से बाहर के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है।
एसएसपी ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब किसान नेता की ओर से पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला राजनीतिक स्तर पर भी गरमा गया था। दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया था कि SSP कार्यालय में उनके और मोहित जाटव के साथ मारपीट की गई। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर जूते और बेल्ट से पीटने तथा बाद में SOG कार्यालय में ले जाकर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।
विवाद बढ़ने के बाद मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने जांच सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह को सौंप दी। DIG ने मेरठ पहुंचकर प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
पुलिस ने कहा ये
दूसरी ओर, पुलिस की ओर से मामले की अलग तस्वीर सामने रखी गई है। सिविल लाइंस थाने की जनरल डायरी में दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव के घायल होने की वजह स्कूटी फिसलने से हुआ हादसा दर्ज किया गया है। ऐसे में अब जांच में दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल अहम होगी।
मामले को लेकर सपा विधायक अतुल प्रधान ने भी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की मांग की थी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के साथ ADG से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग रखी थी।
नए SSP की ओर से पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने को मामले की निष्पक्ष जांच की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब DIG की रिपोर्ट पर सभी की नजर है।