जालौन में प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय की हत्या के मुकदमे में शुक्रवार को अदालत की कार्रवाई अहम रही। करीब सात महीने बाद जेल से बाहर आईं आरोपी महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा को जमानत के अगले ही दिन कोर्ट में पेश होना पड़ा। सुनवाई के दौरान उनसे घटना से जुड़े सवाल किए गए और उनका बयान दर्ज किया गया। करीब दो घंटे तक वह अदालत में कठघरे में रहीं।
ये है मामला
मीनाक्षी शर्मा को इस हत्याकांड में आरोपी बनाए जाने के बाद जेल भेजा गया था। हाल ही में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई। हालांकि बाहर आने के बाद उन्हें राहत की लंबी मोहलत नहीं मिली और अदालत ने मुकदमे की कार्रवाई के लिए उन्हें फिर तलब कर लिया।
शुक्रवार की सुनवाई में अदालत ने मामले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर उनसे पूछताछ की। इसके बाद उनकी गवाही दर्ज की गई। मुकदमे में इसे पहली औपचारिक गवाही बताया जा रहा है। अब आगे की सुनवाई में दूसरे गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
लंबे समय से चल रही कार्रवाई
अरुण कुमार राय हत्याकांड को लेकर जिले में लंबे समय से कानूनी कार्रवाई चल रही है। महिला कांस्टेबल की गवाही सामने आने के बाद मुकदमे की अगली प्रक्रिया पर निगाहें टिक गई हैं। अभियोजन पक्ष के लिए आने वाले गवाहों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। अगली सुनवाई में अन्य गवाहों को अदालत के सामने पेश किए जाने की तैयारी है।