उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित अस्पताल पुलिस चौकी में देर रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक मामूली सड़क विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, ई-रिक्शा और ट्रैक्टर के बीच हुई टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई थी। मामला बढ़ता देख पुलिस ई-रिक्शा चालक को पूछताछ के लिए चौकी ले आई। इसी बात से नाराज दूसरे पक्ष ने अपने करीब 40-50 समर्थकों को इकट्ठा कर लिया और अचानक चौकी पर धावा बोल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने चौकी में घुसते ही तोड़फोड़ शुरू कर दी और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। चौकी प्रभारी मनोज राय समेत कई पुलिसकर्मियों की वर्दी तक फाड़ दी गई। इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने सरकारी वायरलेस सेट को भी नुकसान पहुंचाया ताकि पुलिस मदद न बुला सके।
चौकी प्रभारी मनोज राय ने बताया कि हमलावर बेहद आक्रामक थे और कुछ लोग हथियार लहराते हुए जान से मारने की धमकी दे रहे थे। आरोप है कि उन्होंने खुद को हाईकोर्ट का वकील बताते हुए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। करीब आधे घंटे तक चौकी का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
सूचना मिलने पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस मामले में पुलिस ने नामजद और अज्ञात समेत करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
एएसपी ने कहा ये
अपर पुलिस अधीक्षक नितेश सिंह ने बताया कि तीन आरोपियों—भरत, मनोज और विकास—को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वायरल वीडियो के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने और वर्दी का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।