राम मंदिर सुरक्षा में तैनात SSF ने पेश की ईमानदारी की ऐसी मसाल की भारतीय अरबपति ने की खुल कर तारीफ़

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‘म्हारी छोरियां किसी से कम हैं के….’, जानें महिला कमांडो के लिए पूर्व IPS और योगी सरकार के मंत्री ने क्यों कहा ऐसा ?

पूर्व एटीएस चीफ और वर्तमान समय में योगी सरकार में समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुछ ऐसा एक्स किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। दरअसल, उन्होंने एक्स करके जो कहानी सुनाई है, वो एक महिला कमांडो की है। उन्होंने इस एक्स में बताया कि किस तरह से एटीएस ने उन्होंने कमांडो की पोस्ट के लिए महिलाओं के आवेदन का भी प्रावधान रखा।

ऐसे सुधारी गलती

असीम अरुण ने एक्स करते हुए लिखा कि, मिलिए प्रियंका पंवार से जो उत्तर प्रदेश पुलिस ATS की स्पेशल पुलिस ऑपरेशंस टीम (SPOT) की कमांडो हैं। इनके कमांडो बनने की कहानी भी दिलचस्प है…जब योगी जी ने मुझे एटीएस चीफ के रूप में SPOT के गठन का आदेश दिया, तब समस्त पुलिस व PAC से इच्छुक नाम मांगे गए … कई पुरुष पुलिसकर्मी आकर परीक्षा देते थे, कठिन टेस्ट था, कुछ ही उत्तीर्ण हो पाते थे।

एक दिन SPOT के इंस्पेक्टर साहब ने मुझे बताया कि एक लड़की भी आयी है परीक्षा देने, क्या करें? मैंने कहा बुलाओ इस लड़की को, तो मेरे सामने पहली बार प्रकट हुई प्रियंका…बोली सर मैं भी कमांडो बनूँगी, मैं कुश्ती की खिलाड़ी हूँ। लड़की में जोश था और स्पोर्टस वाली फिटनेस।

और प्रियंका बनी एटीएस की पहली महिला कमांडो

मुझे लगा कि मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई थी, जो हमने आवदेन मांगे थे उसमें हमने महिला पुलिसकर्मी का प्राविधान रखा ही नहीं था। हमने गलती सुधारी, प्रियंका का टेस्ट लिया। जाहिर है, प्रियंका चयनित हुई और SPOT प्रशिक्षण में शामिल हुई। प्रियंका ने बहुत श्रेष्ठ परफॉर्म किया और उससे प्रेरणा लेकर और लड़कियां SPOT टीम का हिस्सा बनीं और ख़तरनाक आपरेशन्स में शामिल रहीं। और बात जोखिम लेने की हो या कार्यक्षमता की, म्हारी छोरियां किसी से कम हैं के

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26 January पर CRPF के 127 शूरवीर होंगे राष्‍ट्रपति पदक से सम्मानित

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DG स्पेशल IPS प्रशांत कुमार को चौथी बार मिला गैलेंट्री अवॉर्ड

यूपी के डीजी स्पेशल आईपीएस प्रशांत कुमार ने अपने स्तर पर पुलिस विभाग को बेहद अच्छी तरह से संभाल रखा है। चाहे बात बदमाशों को उनकी सही जगह दिखाने की हो, या फिर पुलिसकर्मियों की परेशानियों को दूर करने की, आईपीएस प्रशांत कुमार हर काम में एकदम परफेक्ट हैं। यही वजह है कि उन्हें एक बार फिर से गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है। उनका काम हमेशा ही ऐसा होता है, कि कोई उसपर उंगली ना उठा पाए। आइए आपको भी डीजी स्पेशल आईपीएस प्रशांत कुमार के बारे में बताते हैं।

तीन बार पहले भी मिल चुका है गैलेंट्री अवॉर्ड

जानकारी के मुताबिक, 26 जनवरी को हमारा संविधान लागू हुआ था, इसलिए हर साल इस तारीख को देश का गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। भारत में इस साल 75वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। इस दिन पुलिस अफसरों को सम्मानित भी किया जाता है। ऐसे में इस साल एक बार फिर से DG स्पेशल IPS प्रशांत कुमार को गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। ये उनका चौथा गैलेंट्री अवॉर्ड होगा। इससे पहले उन्हें 2020, 2021 और 2022 में भी इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

आपको बता दें कि 2022 में उन्हें ये यह सम्मान 2020 में मेरठ में हुई एक मुठभेड़ के लिए दिया गया है। तब उन्होंने एक लाख रुपये के इनामी अपराधी शिव शक्ति नायडू को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया था। इससे पहले 2020 और 2021 में उन्हें राष्ट्रपति की ओर से वीरता का पुलिस पदक दिया जा चुका है।

कौन हैं आईपीएस प्रशांत कुमार

प्रशांत कुमार 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म बिहार के सीवान में हुआ था। आईपीएस अफसर बनने से पहले प्रशांत कुमार ने एमएससी, एमफिल और एमबीए भी किया था। वर्तमान समय में एडीजी प्रशांत कुमार प्रदेश कानून व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। आईपीएस प्रशांत कुमार को कई बार राष्ट्रपति पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश के कई जिलों और जोन की कमान संभाल चुके प्रशांत कुमार ने अपराध पर नकेल कसने में काफी सफलता हासिल की है। वर्तमान समय में वो यूपी पुलिस में लॉ एंड ऑर्डर की कमान भी संभाल रहे हैं। उन्हें हाल ही में प्रमोशन देकर डीजी बनाया गया है।

महराजगंज: वकीलों ने दारोगा को घेरकर पीटा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

यूपी में दबंगई का आलम कुछ इस तरह से बढ़ता जा रहा है, कि अब तो लोग पुलिसकर्मियों को भी घेर कर पीट देते हैं। मामला महराजगंज जिले का है, जहां वकीलों ने चौकी इंचार्ज को दौड़ा लिया। भागते समय जब चौकी इंचार्ज गिर पड़े तो वकीलों ने उन्हें पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.। पुलिसवाले की पिटाई होते देख एसपी कार्यालय व कलेक्ट्रेट चौकी के बाकी पुलिसकर्मी दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। बड़ी मुश्किल से वकीलों कि गिरफ्त से दारोगा को छुड़ाया गया।

ये था मामला

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज ने मारपीट के मामले में एक वकील के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-151 के तहत कार्रवाई की थी। जिससे वकील काफी नाराज थे। इसी मामले में बुधवार को सिविल कोर्ट से दर्जनों की संख्या में वकील एसपी को ज्ञापन देने पहुंचे थे। इस दौरान एसपी ने उनसे जांच के लिए एक घंटे का समय मांगा। सभी वकील बाहर खड़े होकर इंतजार कर ही रहे थे, कि इतने में कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज एसपी ऑफिस की तरफ आते दिखाई दिए। बस फिर क्या था, उन्हें देखते ही वकीलों का पारा चढ़ गया।

चौकी इंचार्ज को देखते ही वकीलों ने उन्हें दौड़ा लिया। इस दौरान चौकी इंचार्ज बैलेंस बिगड़ने से गिर गए। वकीलों मे इसका फादा उठाया और चौकी इंचार्ज पर हाथ उठा दिया। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें लोग चौकी इंचार्ज की पिटाई करते दिख रहे हैं। बहुत से वकील तो गाली-गलौज करते भी दिख रहे हैं। वीडियो में चौकी इंचार्ज यह कहते हुए दिख रहे हैं कि आप लोग जान से मार दीजिए। मैं यहा से भागूंगा नहीं।

जल्द की जाएगी कार्रवाई

दारोगा को पिटता देख तत्काल पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और चौकी इंचार्ज को वकीलों के चंगुल से बचाकर लाए। मामले में अब जिले के एसपी ने सख्ती बरतते हुए कहा है कि, सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक के साथ बैठक की जाएगी। बातचीत के बाद जो कुछ सामने आएगा उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

DG प्रशांत कुमार ने रामलला के दर्शन करने आ रहे लोगों से की ये खास अपील

राम मंदिर के भव्य उद्घाटन के बाद से भारी तादाद में लोग रामलला के दर्शन को अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस दौरान कोई हालात ना बिगड़े, इसके लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। राज्य के सभी बड़े अफसर इस वक्त अयोध्या में ही मौजूद हैं। इसके बावजूद भीड़ को संभालने के लिए लगातार कुछ ना कुछ कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने लोगों से खास अपील की है।

8000 से ज्यादा पुलिस मंदिर में तैनात

जानकारी के मुताबिक, लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि हमने यह सुनिश्चित किया कि यहां बेहतर भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन किया जाए। हमें शासन का निर्देश था कि भक्तों को किसी भी तरह कोई असुविधा न हो। जो भी प्रबंध रात भर में अंतर्विभागीय समन्वय से हमने किया था उसके अच्छे और सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

आज मंदिर और उसके आसपास लगभग 8000 पुलिस कर्मी मौजूद हैं। इसके साथ ही जल्द ही सीआरपीएफ, एसएसएफ और अन्य पुलिस अधिकारी मंदिर के अंदर तैनात किए जाएंगे, ताकि किसी तरह की कोई असुविधा लोगों को ना होने पाए।

भक्तों से की अपील

आगे यूपी डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि हमने भीड़ नियंत्रण उपायों में सुधार किया है, और यह सुनिश्चित करने के लिए श्रद्धालुओं की लाइनें बनवाई हैं। आज, भीड़ कल की तुलना में कम है और व्यवस्थाएं अच्छी हैं। हम भक्तों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हैं, क्योंकि अगर लोग धैर्य नहीं रखेंगे तो परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए भक्तों को सुरक्षाकर्मियों का साथ देना चाहिए, तकि हालात काबू में रहे।

UP: फ्री में मटन ना मिलने पर भड़का सिपाही, दुकानदार को जमकर दी गालियां, SP ने की कार्रवाई

मित्र पुलिस की मेहनत पर कुछ पुलिसकर्मी पानी फेरने में लगे हैं। मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है, जहां एक सिपाही ने फ्री में मटन ना मिलने पर दुकानदार को गाली देना शुरू कर दिया। बड़ी मुश्किल से लोगों ने आकर दोनों के बीच लड़ाई रुकवाई। इसी बीच किसी ने सिपाही का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। जैसे ही वीडियो अफसरों के संज्ञान में आया तो जांच के बाद सिपाही का ट्रांसफर पुलिस लाइन में कर दिया गया है। इसके साथ ही आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ये था मामला

जानकारी के मुताबिक, बस्ती जिले की कोतवाली में तैनात सिपाही अमित सिंह दोपहर को रोडवेज स्थित एक मटन की दुकान पर पहुंचा। इस दौरान वहां काफी भीड़ थी। भीड़ होने के बाद भी सिपाही दुकान के भीतर घुस गया और दुकानदार से फ्री में मटन मांगने लगा। दुकानदार ने उसे फ्री में मटन देने से मना कर दिया। बस फिर क्या था, सिपाही ने वर्दी की धौंस दिखाना शुरू कर दिया। दुकानदार थोड़ी देर तक तो सिपाही की हरकत बर्दाश्त करता रहा. मगर जब वो चुप नहीं हुआ तो तंग आकर दुकानदार ने भी सिपाही को सुना दिया।

एसपी ने किया लाइन हाजिर

जब दुकानदार ने सिपाही को जबाव दिया तो सिपाही भड़क उठा और दुकानदार को अपशब्द कहने लगा। कुछ ही देर में आलम कुछ ऐसा हो गया कि, सिपाही दुकानदार को धकेल कर गालियां देता रहा। इसी बीच किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होने के बाद सिपाही को जिले के एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही आगे जांच के हिसाब के भी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए अयोध्या में तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बढ़ाई गई, अब इस तारीख तक रहेगी तैनाती

हाल ही में 22 जनवरी के दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई है। जिसके बाद से लोगों का हूजूम रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंच रहा है। बात करें 23 जनवरी की तो इस दिन 5 लाख से ज्यादा लोगों ने रामलला के दर्शन करने पहुंचे। अंदाजा लगाया जा रहा है कि, आगे आने वाले समय में भी ऐसे ही भीड़ रामलला के दर्शन को पहुंचेगे। इसी के चलते रामलला के मंदिर के साथ हनुमान गढ़ी मंदिर के बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। इसके साथ ही उन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी को भी बढ़ाया गया है, जो दूसरे जिले से अयोध्या पहुंचे हैं।

सुरक्षा को तैनात पुलिस

जानकारी के मुताबिक, 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रत‍िष्‍ठा के बाद रामनगरी में आस्‍था का सैलाब उमड़ रहा है। प्राण प्रत‍िष्ठा के बाद पहले द‍िन पांच लाख से अधि‍क भक्‍तों ने राम मंद‍िर पहुंचकर प्रभु राम के दर्शन क‍िए। रामभक्तों की अप्रत्याशित भीड़ ने शासन को भी चिंता में डाल दिया तो भीड़ नियंत्रण प्रबंधों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी अयोध्‍या पहुंचना पड़ा। उनके साथ-साथ प्रदेश के बड़े अफसर हालात संभालने के लिए अयोध्या पहुंचे थे।

25 जनवरी तक तैनात रहेंगे

इसके साथ ही आज बुधवार सुबह से ही एक बार फ‍िर राम मंदिर में दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। हनुमान गढ़ी मंदिर के बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब प्रशासन ने ये आदेश जारी किया गया है कि, जो भी पुलिसकर्मी दूसरे जिले से सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए अयोध्या पहुंचे थे, उनकी ड्यूटी की समयावधि बढ़ा दी गई है। अब वो अयोध्या में 25 जनवरी तक तैनात रहेंगे।

अयोध्या राम मंदिर में लाखों की भीड़ देख बाराबंकी पुलिस ने लोगों से की अहम अपील

22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम दरबार के द्वार आम जनता के लिए खुल गए हैं। ऐसे में आज भारी तादाद में लोग रामलला के दर्शन को पहुंच रहे हैं। आज सुबह से ही वहां इतनी भीड़ है, कि पुलिस को हालात संभालना काफी मुश्किल पड़ रहा है। लखनऊ की और से वाहनों की कतार अयोध्या की तरफ जा रही है। ऐसे में अब बाराबंकी पुलिस ने मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ का हवाला देते हुए उन्हें थोड़ा रुक कर जाने को कहा है।

आज ही खुले पट

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को ही अयोध्या के विशाल राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, जिसमें पीएम मोदी समेत हजारों दिग्गज शामिल हुए। इसके बाद मंगलवार की सुबह 8 बजे से विधि विधान पूजन के बाद मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। मंदिर के पट खुलते ही हालात काफी बेकाबू होने लगे। कई जगह तो पुलिस डिवाइडर टूटने की खबरें भी हैं।

बाराबंकी पुलिस ने की अपील

आज मंदिर खुलने के पहले दिन ही वहां हालात धक्कामुक्की जैसे बन गए हैं। ऐसे हालात में बाराबंकी पुलिस ने अयोध्या की ओर जा रहे श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वह अभी थोड़ा ठहरें। पुलिस ने मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ का हवाला देते हुए उन्हें थोड़ा रुक कर जाने को कहा है।

इस भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कई जगह रूट डायवर्जन भी किया है। बाराबंकी पुलिस लगातार लोगों को अनुरोध करके रोकने की कोशिश कर रही है। हालात को देखते हुए लखनऊ से एडीजी सुजीत पांडेय दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। मंदिर की सुरक्षा को और ज्यादा बढ़ा दिया गया है।