कानपुर कमिश्नरेट की अपराध समीक्षा बैठक में शनिवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने अधिकारियों के कामकाज पर सख्त नाराजगी जताई। वर्चुअल माध्यम से हुई इस लंबी बैठक में उन्होंने खास तौर पर शांतिभंग और पाबंद की कार्रवाई को लेकर अफसरों को चेताया। एक एसीपी को फटकार लगाते हुए उन्होंने साफ कहा कि बिना पूरे तथ्य समझे लोगों को जेल भेजना सही तरीका नहीं है।
एसीपी से कहा ये
बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कई मामलों में जरूरत से ज्यादा शांतिभंग की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने एसीपी से कहा, “आपके पास मजिस्ट्रेट की शक्तियां हैं, इसलिए हर केस को गंभीरता से समझने के बाद ही कार्रवाई करें।” उनका साफ संदेश था कि पुलिस का काम केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष तरीके से कानून लागू करना भी है।
अपराध समीक्षा में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और हिस्ट्रीशीटरों पर कार्रवाई की प्रगति भी देखी गई। कई थानों का प्रदर्शन कमजोर मिलने पर संबंधित थाना प्रभारियों को फटकार पड़ी। खासतौर पर बिठूर, नौबस्ता और नजीराबाद पुलिस से लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों को लेकर जवाब मांगा गया। वहीं हिस्ट्रीशीटरों और गुंडा एक्ट के मामलों में धीमी कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई गई।
पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश
पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिया कि थानों में किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से न बैठाया जाए और पूछताछ से जुड़ी हर जानकारी जीडी में दर्ज हो। उन्होंने थाना परिसरों के सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त रखने, महिला अपराधों में तेजी से कार्रवाई करने और बीट पुलिसिंग मजबूत करने पर जोर दिया।
बैठक में सूखे नशे के खिलाफ अभियान चलाने, खुले में शराब पीने वालों पर कार्रवाई करने और चोरी करने वाले संगठित गिरोहों पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही आगामी बकरीद को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने को कहा गया।